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पति पत्नी में लड़ाई थी लड़ाई, अदालत ने सुलह कराई
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फोटो-10-लोक अदालत के निरीक्षण के दौरान मौजूद जिला जज सुरेंद्र सिंह, अपर जिला ज संजीव कुमार सिंह और द?
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। विधिक सेेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में लोक अदालत में 10771 मामले सुलह समझौते के आधार पर निपटाए गए। पारिवारिक न्यायालय ने पति पत्नी के बीच 16 मामलों में समझौता कराकर कानूनी लड़ाई को समाप्त करा दिया। दंपती विवाद खत्म कर साथ में रहने के लिए तैयार हो गए।
जनपद न्यायाधीश सुरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय महेंद्र प्रसाद चौधरी के 16 मामले निस्तारित किए गए। इनमें 10 मामलों में पति पत्नी दोबारा साथ रहने के लिए राजी हो गए। वही प्रथम अपर प्रधान न्यायाधीश संगीता कुमारी के न्यायालय में भी 24 मामले निस्तारित हुए। छह मामलों में पक्षकार पति पत्नी साथ साथ रहने के लिए राजी हो गए। पारिवारिक विवाद के मामलों में पाया गया कि दंपतियों में प्रारंभ में मामूली विवाद थे। अलग रहने के बाद उनके मध्य संवादहीनता बिखराव का मुख्य कारण बना।
अदालत में जब खुलकर बातचीत करने का अवसर दिया गया तो अधिकतर मामलों में इसके सकारात्मक परिणाम आए। दोनों के परिजनों को भी समझाया गया। पारिवारिक न्यायालय के परामर्शदाता राहुल मिश्र, रेनू सिंह व अमित वाजपेयी के द्वारा इन मामलों में पक्षकारों के मध्य वार्ता और समझौते के लिए सक्रिय प्रयास किया गया।
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लोक अदालत में बैंकों व अन्य विभागों की ओर से स्टाल लगाकर मामलों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया गया। फौजदारी व दीवानी के वादों का भी निस्तारण किया गया। जनपद न्यायाधीश सुरेंद्र सिंह ने लोक अदालत का निरीक्षण कर जानकारी ली। इस दौरान लोक अदालत के नोडल अधिकारी अपर जिला जज संजीव कुमार सिंह,अपर जिला जज दीपक यादव, प्राधिकरण सचिव अलका पांडेय मौजूद रही।
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जनपद न्यायाधीश सुरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय महेंद्र प्रसाद चौधरी के 16 मामले निस्तारित किए गए। इनमें 10 मामलों में पति पत्नी दोबारा साथ रहने के लिए राजी हो गए। वही प्रथम अपर प्रधान न्यायाधीश संगीता कुमारी के न्यायालय में भी 24 मामले निस्तारित हुए। छह मामलों में पक्षकार पति पत्नी साथ साथ रहने के लिए राजी हो गए। पारिवारिक विवाद के मामलों में पाया गया कि दंपतियों में प्रारंभ में मामूली विवाद थे। अलग रहने के बाद उनके मध्य संवादहीनता बिखराव का मुख्य कारण बना।
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अदालत में जब खुलकर बातचीत करने का अवसर दिया गया तो अधिकतर मामलों में इसके सकारात्मक परिणाम आए। दोनों के परिजनों को भी समझाया गया। पारिवारिक न्यायालय के परामर्शदाता राहुल मिश्र, रेनू सिंह व अमित वाजपेयी के द्वारा इन मामलों में पक्षकारों के मध्य वार्ता और समझौते के लिए सक्रिय प्रयास किया गया।
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लोक अदालत में बैंकों व अन्य विभागों की ओर से स्टाल लगाकर मामलों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया गया। फौजदारी व दीवानी के वादों का भी निस्तारण किया गया। जनपद न्यायाधीश सुरेंद्र सिंह ने लोक अदालत का निरीक्षण कर जानकारी ली। इस दौरान लोक अदालत के नोडल अधिकारी अपर जिला जज संजीव कुमार सिंह,अपर जिला जज दीपक यादव, प्राधिकरण सचिव अलका पांडेय मौजूद रही।