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अस्पताल में सर्दी से ठिठुर रहे मरीज
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हरदोई। जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अस्पताल में मरीजों को सर्दी के बचाव के बेहतर इंतजाम नहीं हैं। भीषण सर्दी में हल्के कंबलों में मरीजों को ठिठुरना पड़ रहा है।
अस्पताल प्रशासन अनदेखी कर रहा, जिससे तीमारदार घरों से रजाई लाकर मरीजों को सर्दी से बचाने को मजबूर हैं। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद भी जिला अस्पताल की सेवाएं बदहाल हैं।
यहां पर मरीजों को समुचित इलाज के साथ अन्य सुुविधाएं मिलना मुश्किल हो रहा है। आलम यह है अस्पताल में सर्दी से बचाव के व्यवस्थाएं नहीं हैं। यहां पर मरीजों को सर्दी से बचने के लिए वर्षों पुराने हल्के कंबल दिए जा रहे हैं।
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अगर कोई तीमारदार मरीज को रात में भर्ती कराने के साथ घर से रजाई आदि नहीं लाता, तो मरीजों को अस्पताल के हल्के कंबलों में ठिठुर कर रात गुजारनी पड़ रही है।
आईसीयू वार्ड में भर्ती मझिला के ग्राम उरली निवासी भैयालाल ने बताया कि वह सांस की बीमारी से ग्रसित है। बुधवार की रात तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
बताया कि रात में परिजन रजाई नहीं लाए थे। अस्पताल की तरफ से कंबल दिए गए। कंबल हल्का होने से रातभर ठंड से परेशान होना पड़ा। मजबूरन सुबह घर से रजाई मंगाई है।
सीएमएस डॉ. जेएन तिवारी ने बताया कि अस्पताल में ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम है। प्रत्येक मरीज को जरूरत के हिसाब से कंबल उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
पिता भैयालाल आईसीयू में भर्ती हैं। बृहस्पतिवार को तबीयत खराब होने पर आए थे। साथ में रजाई नहीं थी, वार्ड में कर्मियों ने कंबल दिया। जिससे सर्दी से बचाव नहीं हो सका।
एक-एक कर चार कंबल लेकर ओढ़ाए, लेकिन चार कंबलों भी ठंड से नहीं बचा सके। मजबूरन हल्के कंबलों में ठंड से ठिठुरना पड़ा।
-प्रेमपाल।
बेटी रीता पेट रोग से ग्रसित है। उसेे आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया है। वार्ड में मिलने वाले कंबल हल्के हैं, जिनमें सर्दी से बचना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में घर से रजाई लानी पड़ी।
-बिट्टन।
पिता मुंशी सांस की बीमारी से परेशान हैं। आईसीयू में भर्ती कराया है। यहां पर सर्दी के बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कर्मचारी हीटर चलाकर ठंड से बचाते हैं। हल्के कंबलों से सर्दी बचना मुश्किल है।
-सत्यम।
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अस्पताल प्रशासन अनदेखी कर रहा, जिससे तीमारदार घरों से रजाई लाकर मरीजों को सर्दी से बचाने को मजबूर हैं। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद भी जिला अस्पताल की सेवाएं बदहाल हैं।
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यहां पर मरीजों को समुचित इलाज के साथ अन्य सुुविधाएं मिलना मुश्किल हो रहा है। आलम यह है अस्पताल में सर्दी से बचाव के व्यवस्थाएं नहीं हैं। यहां पर मरीजों को सर्दी से बचने के लिए वर्षों पुराने हल्के कंबल दिए जा रहे हैं।
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अगर कोई तीमारदार मरीज को रात में भर्ती कराने के साथ घर से रजाई आदि नहीं लाता, तो मरीजों को अस्पताल के हल्के कंबलों में ठिठुर कर रात गुजारनी पड़ रही है।
आईसीयू वार्ड में भर्ती मझिला के ग्राम उरली निवासी भैयालाल ने बताया कि वह सांस की बीमारी से ग्रसित है। बुधवार की रात तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
बताया कि रात में परिजन रजाई नहीं लाए थे। अस्पताल की तरफ से कंबल दिए गए। कंबल हल्का होने से रातभर ठंड से परेशान होना पड़ा। मजबूरन सुबह घर से रजाई मंगाई है।
सीएमएस डॉ. जेएन तिवारी ने बताया कि अस्पताल में ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम है। प्रत्येक मरीज को जरूरत के हिसाब से कंबल उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
पिता भैयालाल आईसीयू में भर्ती हैं। बृहस्पतिवार को तबीयत खराब होने पर आए थे। साथ में रजाई नहीं थी, वार्ड में कर्मियों ने कंबल दिया। जिससे सर्दी से बचाव नहीं हो सका।
एक-एक कर चार कंबल लेकर ओढ़ाए, लेकिन चार कंबलों भी ठंड से नहीं बचा सके। मजबूरन हल्के कंबलों में ठंड से ठिठुरना पड़ा।
-प्रेमपाल।
बेटी रीता पेट रोग से ग्रसित है। उसेे आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया है। वार्ड में मिलने वाले कंबल हल्के हैं, जिनमें सर्दी से बचना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में घर से रजाई लानी पड़ी।
-बिट्टन।
पिता मुंशी सांस की बीमारी से परेशान हैं। आईसीयू में भर्ती कराया है। यहां पर सर्दी के बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कर्मचारी हीटर चलाकर ठंड से बचाते हैं। हल्के कंबलों से सर्दी बचना मुश्किल है।
-सत्यम।