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आधी गर्मी पार, रिबोर का इंतजार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Fri, 26 Jun 2015 12:19 AM IST
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भीषण गर्मी में प्यास से व्याकुल जनता के जिला
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प्रशासन पेयजल की व्यवस्था भी नहीं कर पाई है। गर्मियां आधी निकल चुकी हैं,
पर अभी तक जिले में सिर्फ खराब और मरम्मत योग्य हैंडपंपों का सर्वे ही हुआ
है। सर्वे में भी जो आंकड़े सामने आए हैं, वह भी जनपद के पेयजल की दयनीय
स्थिति बता रहे हैं।
गर्मी शुरू होने से पहले शासन से आए निर्देशों के बावजूद तेजी नहीं दिखाई गई और अब जनपद में 5,724 हैंडपंपों से पानी नहीं मिल रहा है, जिससे लोगाें को बेहाल होना पड़ रहा है। कंठ सुखाती गर्मी में पेयजल की आवश्यकता सबसे अधिक होती है।
गर्मी में पेयजल की कोई कमी न होने पाए इसके लिए शासन ने शुरू में ही जल स्रोतों को सुचारु ढंग से संचालन के निर्देश दिए थे। शासन से मार्च माह में ही हैंडपंपों का सर्वे कर रिबोर और खराब पड़े हैंडपंपों की सूची तैयार कराने के निर्देश दिए थे।
जिसके बाद शासन की ओर से 28 अप्रैल को विकास खंडों में 50-50 हैंडपंपों को रिबोर कराने और ऐसे स्थानों की सूची मुहैया कराने के निर्देश दिए, जहां आबादी अधिक हो और वहां हैंडपंप न लगा हो। पर, जिला प्रशासन की स्थिति यह है कि अभी तक जनपद के विकास खंडों से सिर्फ सर्वे ही हुआ है। जिसमें जनपद के कुल 5,724 हैंडपंप खराब है, जिसमें से स्थायी रूप से 2918 हैंडपंप खराब पाए गए हैं, जबकि अस्थायी रूप से मरम्मत योग्य 2806 हैंडपंप हैं।
जिनको सही कराया जाना है। इस बाबत डीएम रमेश मिश्र ने अधिशासी अभियंता जल निगम को सूची भेज कर गरीब व असहाय परिवार की आबादी के निकट 50-50 हैंडपंप रिबोर कराने व लगवाने के निर्देश दिए हैं।
गर्मी शुरू होने से पहले शासन से आए निर्देशों के बावजूद तेजी नहीं दिखाई गई और अब जनपद में 5,724 हैंडपंपों से पानी नहीं मिल रहा है, जिससे लोगाें को बेहाल होना पड़ रहा है। कंठ सुखाती गर्मी में पेयजल की आवश्यकता सबसे अधिक होती है।
गर्मी में पेयजल की कोई कमी न होने पाए इसके लिए शासन ने शुरू में ही जल स्रोतों को सुचारु ढंग से संचालन के निर्देश दिए थे। शासन से मार्च माह में ही हैंडपंपों का सर्वे कर रिबोर और खराब पड़े हैंडपंपों की सूची तैयार कराने के निर्देश दिए थे।
जिसके बाद शासन की ओर से 28 अप्रैल को विकास खंडों में 50-50 हैंडपंपों को रिबोर कराने और ऐसे स्थानों की सूची मुहैया कराने के निर्देश दिए, जहां आबादी अधिक हो और वहां हैंडपंप न लगा हो। पर, जिला प्रशासन की स्थिति यह है कि अभी तक जनपद के विकास खंडों से सिर्फ सर्वे ही हुआ है। जिसमें जनपद के कुल 5,724 हैंडपंप खराब है, जिसमें से स्थायी रूप से 2918 हैंडपंप खराब पाए गए हैं, जबकि अस्थायी रूप से मरम्मत योग्य 2806 हैंडपंप हैं।
जिनको सही कराया जाना है। इस बाबत डीएम रमेश मिश्र ने अधिशासी अभियंता जल निगम को सूची भेज कर गरीब व असहाय परिवार की आबादी के निकट 50-50 हैंडपंप रिबोर कराने व लगवाने के निर्देश दिए हैं।