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बच्चों ने देखे जमीं पर तारे
Hardoi
Updated Sat, 01 Mar 2014 05:30 AM IST
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पिहानी (हरदोई)। शुक्रवार को यहां पहुंची मोबाइल नक्षत्रशाला ने बच्चों को आसमान का सफर कराया। मानो उनके लिए तारे जमीन पर उतर आए। शो के दौरान बच्चे बड़ी उत्सुकता के साथ खगोलीय घटनाओं की सच्चाई देखने में खो गए।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश की ओर से संचालित मोबाइल नक्षत्रशाला जूनियर हाईस्कूल में पहली मार्च तक खगोलीय जानकारी देगी। हवा से भरे कपड़े के एक गुंबद पर अंदर मौजूद बच्चों को छत पर बने परदे पर डिजिटल उपकरणों से शो दिखाया गया। इसके अंदर एक दम तारामंडल का अहसास कराया गया। शो के दौरान बच्चों ने रात्रि आकाश के दर्शन किए। शो में तारे क्या हैं, तारे कैसे बनते हैं, क्या इस ब्रह्मांड में हम अकेले हैं, सौर मंडल क्या होता है, हमारा सूरज वास्तव में कैसा है, ब्रह्मांड की रचना कैसे हुई और क्या इस ब्रह्मांड का अंत भी होगा, आदि रहस्यों पर फिल्म के जरिए जानकारी प्राप्त की।
मोबाइल नक्षत्रशाला के संचालक मृदुल अवस्थी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा लखनऊ, गोरखपुर तथा रामपुर में नक्षत्रशालाएं संचालित की जा रही हैं, पर अन्य जिलों के लोगों को इनका लाभ नहीं मिल पाता। विद्यार्थियों एवं जनसामान्य की खगोल विज्ञान के प्रति उत्सुकता को देखते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद यूपी द्वारा सचल नक्षत्रशालाओं के माध्यम से प्रदेश के अन्य जिलों में पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान टीम के रविकुमार व देशराज आदि मौजूद थे। उधर, रुपये न होने से कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूल की छात्राएं मोबाइल नक्षत्रशाला का शो देखने से महरूम रह गईं।
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नक्षत्रशाला जूनियर हाईस्कूल परिसर में चल रही है। कस्तूरबा स्कूल भवन भी इसी परिसर में है। पड़ोस में ही चल रहे शो को देखने की उत्सुक छात्राओं को जब शो के बारे में पता चला तो उन्होंने पैसे न होने से शो न देखने की बात कही। टीम संचालक मृदुल ने बताया कि प्रवेश शुल्क पांच रुपये प्रति बच्चे लिए जा रहे हैं। इसकी वह रसीद भी दे रहे हैं।
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश की ओर से संचालित मोबाइल नक्षत्रशाला जूनियर हाईस्कूल में पहली मार्च तक खगोलीय जानकारी देगी। हवा से भरे कपड़े के एक गुंबद पर अंदर मौजूद बच्चों को छत पर बने परदे पर डिजिटल उपकरणों से शो दिखाया गया। इसके अंदर एक दम तारामंडल का अहसास कराया गया। शो के दौरान बच्चों ने रात्रि आकाश के दर्शन किए। शो में तारे क्या हैं, तारे कैसे बनते हैं, क्या इस ब्रह्मांड में हम अकेले हैं, सौर मंडल क्या होता है, हमारा सूरज वास्तव में कैसा है, ब्रह्मांड की रचना कैसे हुई और क्या इस ब्रह्मांड का अंत भी होगा, आदि रहस्यों पर फिल्म के जरिए जानकारी प्राप्त की।
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मोबाइल नक्षत्रशाला के संचालक मृदुल अवस्थी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा लखनऊ, गोरखपुर तथा रामपुर में नक्षत्रशालाएं संचालित की जा रही हैं, पर अन्य जिलों के लोगों को इनका लाभ नहीं मिल पाता। विद्यार्थियों एवं जनसामान्य की खगोल विज्ञान के प्रति उत्सुकता को देखते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद यूपी द्वारा सचल नक्षत्रशालाओं के माध्यम से प्रदेश के अन्य जिलों में पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान टीम के रविकुमार व देशराज आदि मौजूद थे। उधर, रुपये न होने से कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूल की छात्राएं मोबाइल नक्षत्रशाला का शो देखने से महरूम रह गईं।
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नक्षत्रशाला जूनियर हाईस्कूल परिसर में चल रही है। कस्तूरबा स्कूल भवन भी इसी परिसर में है। पड़ोस में ही चल रहे शो को देखने की उत्सुक छात्राओं को जब शो के बारे में पता चला तो उन्होंने पैसे न होने से शो न देखने की बात कही। टीम संचालक मृदुल ने बताया कि प्रवेश शुल्क पांच रुपये प्रति बच्चे लिए जा रहे हैं। इसकी वह रसीद भी दे रहे हैं।