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आठ विभूतियों का सम्मान

Sun, 16 Feb 2014 05:30 AM IST
Hardoi
Hardoi Updated Sun, 16 Feb 2014 05:30 AM IST
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हरदोई। जिले की माटी में जन्म लेकर देश-विदेश में नाम रोशन करने वाली आठ विभूतियों को साहित्यिक संस्था सरस्वती सदन के शताब्दी वर्ष समापन समारोह में सेवानिवृत्त आईएएस अफसरों ने सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जो सम्मान आज घर में मिला है, वह अनमोल है। उनके स्तर पर जो भी संभव होगा वह यहां की माटी का कर्ज उतारने के लिए करेंगे।
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सरकुलर रोड स्थित पुष्प गिरी सभागार में हुए समारोह में स्मारिका पुस्तक वाणी का विमोचन किया। इस मौके पर सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति खेमकरन ने कहा कि जन्म भूमि पर मिला सम्मान अब तक का सबसे बड़ा सम्मान है। उनके स्तर पर जो भी संभव होगा वह इस जिले के लिए करेंगे। सेवानिवृत्त आईएएस राम शरण श्रीवास्तव ने कहा कि सम्मान समारोह से नवयुवकों को आगे बढ़ने और देश व जिले के लिए कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। सेवानिवृत्त आईएएस एके सिंह राठौर ने कहा कि सरस्वती सदन जिले के लिए एक धरोहर है। शिमला विवि के कुलपति डा. एडीएन बाजपेयी ने कहा कि सम्मान मिले तो भ्रम नहीं रखना चाहिए, क्योंकि सम्मान तपस्या, साधना, गुरु, ईष्ट, पूर्वज को मिलता है।
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एयरपोर्ट अथॉरिटी चेयरमैन विजय प्रकाश अग्रवाल और रेलवे बोर्ड सलाहकार केएल पांडेय ने कहा कि हरदोई की धरती पर जन्म लेना सफल हो गया है। मेडिकल यूनिवर्सिटी निदेशक डा. अरुण भट्ट ने कहा कि सदन की साहित्यिक गतिविधियां पहले भी आकर्षित करती थीं और आज भी उनके कार्य सबसे बेहतर हैं। मुंबई से आए निर्देशक खालिद हाशमी ने कहा कि सम्मान मन को भारी कर देने वाला लम्हा होता है। बिहार राष्ट्रभाषा परिषद की पूर्व निदेशक डा. मिथिलेश कुमारी मिश्रा ने कहा कि सभी सम्मानों से बड़ा सम्मान महसूस हुआ। एपीजे सत्या विवि गुड़गांव के कुलपति कमलाकांत द्विवेदी ने कहा कि वर्ल्ड टू पर नाम छपा तो उसमें अपना नाम देखने की अपेक्षा हरदोई लिखा होने पर गर्व हुआ।
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उधर, समारोह में खराब मौसम के चलते यूपी भाषा संस्थान अध्यक्ष गोपाल दास नीरज, उर्दू अकादमी अध्यक्ष शायर मुनव्वर राना, मुख्य अपर आयुक्त देवेंद्र स्वरूप सक्सेना व डाक सेवाएं उत्तराखंड परिमंडल वीरेंद्र सिंह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उधर, कुछ लोगों ने अपने स्वयं के अनुभवों से लिखी पुस्तकों को सरस्वती सदन को सौंपी। मुंबई से आए निर्देशक खालिद हाशमी ने कहा कि हरदोई कनेक्ट डाट काम नाम से वेबसाइट शुरू करेंगे। इस दौरान सदन अध्यक्ष अरुणेश बाजपेयी ने सभी का आभार जताया। संचालन अनिल श्रीवास्तव व शिल्पी ने किया। इस दौरान कार्यवाहक मंत्री मनीष मिश्र, उपाध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव, उपमंत्री अनिल मदन, डा. बीडी शुक्ला, सीमा मिश्रा आदि मौजूद थे।

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इन विभूतियों को किया गया सम्मानित
सेवानिवृत्त आईएएस रामशरण श्रीवास्तव, अवधेश कुमार सिंह राठौर, न्यायमूर्ति खेमकरन, शिमला विवि कुलपति डा. एडीएन बाजपेयी, बिहार राष्ट्रभाषा परिषद की पूर्व निदेशक डा. मिथिलेश कुमारी मिश्रा, एपीजे सत्या विवि कुलपति डा. कमलाकांत द्विवेदी, रेलवे बोर्ड पर्यटन एवं खानपान सलाहकार केएल पांडेय, एयरपोर्ट अथॉरिटी चेयरमैन विजय प्रकाश अग्रवाल, मेडिकल यूनिवर्सिटी नोएडा के निदेशक डा. अरुण भट्ट, निर्देशक खालिद हाशमी
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