{"_id":"37-139942","slug":"Hardoi-139942-37","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा उफनाई, ग्रामीण सकते में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा उफनाई, ग्रामीण सकते में
Hardoi
Updated Mon, 01 Jul 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई/बिलग्राम। शनिवार की रात शहर में हुई बारिश से कई स्थानों पर जलभराव हो गया, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर, बिलग्राम क्षेत्र में गंगा नदी मेें उफान आने से ग्रामीणों के माथे पर पसीना छलक आया है। कटान तेज करते गंगा ने गांवों की ओर रुख कर दिया।
शहर में हुई बारिश से सबसे ज्यादा परेशानी कचहरी के पास हुई। यहां जलभराव से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जबकि कचहरी के पड़ोस में ही एसपी आफिस के पास वाली सड़क पर भी जलभराव से लोगों को परेशान होना पड़ा। उधर, बारिश होेने से मौसम काफी सुहाना हो गया और रविवार को भी बादल छाए रहे, जिससे लोगाें को गर्मी से काफी राहत रही। रविवार को तापमान का अधिकतम स्तर 29.5 और न्यूनतम 24.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वेधशाला के प्रभारी जयशंकर मिश्रा ने बताया कि करीब 28 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बारिश के चलते किसानों के चेहरे खिले हुए हैं, क्योंकि इस समय की बारिश खरीफ की फसलों के लिए काफी फायदेमंद है। उधर, बिलग्राम क्षेत्र में गंगा मेें उफान आने से ग्रामीणों के माथे पर पसीना छलक आया है। कटान तेज करते गंगा ने गांवों की ओर रुख कर दिया। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से हालात और भी खराब होते जा रहे है। एक सप्ताह पहले मक्कूपुरवा का स्कूल गंगा में समां गया था, अब पानी घरों को कटान कर रहा है। मक्कूपुरवा निवासी सोनेलाल, सोबरन, रघुवीर, मतोले, रामरूप, भोगलाल, रामविलास, सुशील, सदानंद आदि ने बताया कि उन लोगों के मकान कट रहे हैं।
विज्ञापन
उधर, निहालपुरवा निवासी राजेश, पप्पू, रामदास, राजबहादुर, प्रमोद, संदीप, छोटे, मुकेश, मनोज, मथुरापुरवा निवासी सुंदरलाल, दिनेश, लाला, सोनेलाल समेत सैकड़ों के लोगों के मकान कटने की कगार पर है। इधर, कई रास्तों के ऊपर गंगा का पानी बहने से आवागमन बाधित हो गया है। परसोला से रामेश्वर पुरवा, राजघाट की ओर जाने वाले मार्ग पर भी पानी का तेज गति से बह रहा है। गुलाब पुरवा, शेखनपुरवा, चिरंजूपुरवा, तेरवाकुल्ली, उम्मेदपुरवा, मटरूपुरवा, कटरी बिछुइया के मजरों में भी पानी घुसने लगा है। ग्रामीणोें का कहना है कि बाढ़ के पानी में सैकड़ों एकड़ खरीफ की फसल जलमग्न हो चुकी है। मनोज, राजेश, रामस्वरूप आदि ने बताया कि शनिवार से गंगा का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है।
निचले स्थानों के लोग अपने घर छोड़कर जान बचाने को ऊं चे व सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं और भयभीत ग्रामीणों ने सुरक्षित ठिकाने की तलाश में ऊपरी स्थानों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
शहर में हुई बारिश से सबसे ज्यादा परेशानी कचहरी के पास हुई। यहां जलभराव से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जबकि कचहरी के पड़ोस में ही एसपी आफिस के पास वाली सड़क पर भी जलभराव से लोगों को परेशान होना पड़ा। उधर, बारिश होेने से मौसम काफी सुहाना हो गया और रविवार को भी बादल छाए रहे, जिससे लोगाें को गर्मी से काफी राहत रही। रविवार को तापमान का अधिकतम स्तर 29.5 और न्यूनतम 24.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वेधशाला के प्रभारी जयशंकर मिश्रा ने बताया कि करीब 28 मिमी बारिश दर्ज की गई।
विज्ञापन
बारिश के चलते किसानों के चेहरे खिले हुए हैं, क्योंकि इस समय की बारिश खरीफ की फसलों के लिए काफी फायदेमंद है। उधर, बिलग्राम क्षेत्र में गंगा मेें उफान आने से ग्रामीणों के माथे पर पसीना छलक आया है। कटान तेज करते गंगा ने गांवों की ओर रुख कर दिया। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से हालात और भी खराब होते जा रहे है। एक सप्ताह पहले मक्कूपुरवा का स्कूल गंगा में समां गया था, अब पानी घरों को कटान कर रहा है। मक्कूपुरवा निवासी सोनेलाल, सोबरन, रघुवीर, मतोले, रामरूप, भोगलाल, रामविलास, सुशील, सदानंद आदि ने बताया कि उन लोगों के मकान कट रहे हैं।
विज्ञापन
उधर, निहालपुरवा निवासी राजेश, पप्पू, रामदास, राजबहादुर, प्रमोद, संदीप, छोटे, मुकेश, मनोज, मथुरापुरवा निवासी सुंदरलाल, दिनेश, लाला, सोनेलाल समेत सैकड़ों के लोगों के मकान कटने की कगार पर है। इधर, कई रास्तों के ऊपर गंगा का पानी बहने से आवागमन बाधित हो गया है। परसोला से रामेश्वर पुरवा, राजघाट की ओर जाने वाले मार्ग पर भी पानी का तेज गति से बह रहा है। गुलाब पुरवा, शेखनपुरवा, चिरंजूपुरवा, तेरवाकुल्ली, उम्मेदपुरवा, मटरूपुरवा, कटरी बिछुइया के मजरों में भी पानी घुसने लगा है। ग्रामीणोें का कहना है कि बाढ़ के पानी में सैकड़ों एकड़ खरीफ की फसल जलमग्न हो चुकी है। मनोज, राजेश, रामस्वरूप आदि ने बताया कि शनिवार से गंगा का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है।
निचले स्थानों के लोग अपने घर छोड़कर जान बचाने को ऊं चे व सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं और भयभीत ग्रामीणों ने सुरक्षित ठिकाने की तलाश में ऊपरी स्थानों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है।