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दक्षिण अफ्रीका से लौटा सूबेदार का बेटा
Updated Tue, 11 Jul 2017 07:03 PM IST
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हरदोई। मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने के झांसे में आकर दक्षिण अफ्रीका में फंसा सेवानिवृत्त सूबेदार का बेटा आखिरकार कबूरतरबाजों की गिरफ्त से निकलकर जिले में वापस आ गया। दूतावास के हस्तक्षेप के बाद वह सकुशल भारत लाया गया।
जिले के थाना सांडी के ग्राम तडौरा पोस्टबम्टापुर निवासी रामकुमार यादव थल सेना में सूबेदार रहे हैं। वह 31 जुलाई 2015 को सेवानिवृत्त हुए। पिता रामकुमार ने बताया कि मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने के नाम पर लखनऊ के विकास नगर निवासी एक एजेंट ने उनसे पहले ढाई लाख रुपये लिए थे। 18 फरवरी क ो लखनऊ से बांबे बाई एयर भेजा गया। वहां एक माह उसे रख गया। उसके बाद दक्षिण अफ्रीका के आक्रा घाना भेज दिया गया था। जहां उसे शिप में बंद रखा गया था। इसके बाद उसने यहां के अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की थी। उसने भारतीय दूतावास में भी शिकायत की। भारतीय दूतावास ने उसका सत्यापन कराने के बाद भारत वापस आने में उसकी पूरी मदद की। पिता रामकुमार यादव ने बताया कि वह जून के आखिरी सप्ताह जिले में वापस आ गया था। अब वह अपने बेटे को फिलहाल फर्जी एजेंटों के चक्कर में तो नहीं फंसने देंगे। विदेश जाना इतना ही जरुरी होगा तो वह पंजीकृत एजेंटों के माध्यम से ही पूरी लिखापढ़ी के बाद भेजेंगे।
दक्षिण अफ्रीका से लौटा सूबेदार का बेटा
नौकरी के नाम पर फंस गया था युवक
मर्चेंट नेवी में पोस्टिंग दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
फर्जी एजेंटों से सतर्क रहें लोग: डीएम
हरदोई। जिलाधिकारी ने रोजगार की तलाश में विदेश विशेष रूप से खाड़ी देशों में जाने वाले कामगारों को फर्जी एजेंटों से सतर्क रहने की नसीहत दी है। जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने कामगारों परिवारों से अपील की है कि प्रवासी कामगार विदेशी रोजगार के लिए विदेशों में अपंजीकृत भर्ती एजेंटों के माध्यम से जा रहे है, जिससे उनके वेतन, कार्य दशाओं, लाभों आदि के संबंध में धोखा किया जा रहा है। विदेशों में कई भारतीय कामगार नियोक्ताओं के हाथों शोषण व दुर्व्यवहार का शिकार भी हो चुके हैं। फर्जी एजेंटों के माध्यम से न जाकर के विदेश मंत्रालय के साथ पंजीकृत भर्ती एजेंटों के माध्यम से ही जाएं। जाते समय किसी भी व्यक्ति के दिए कोई भी पैकेट लेकर न जाएं, जिस काम के लिए जा रहे हैं उसका थोड़ा बहुत प्रशिक्षण प्राप्त करके ही जाएं। विदेश पहुंचते ही भारतीय दूतावास से अवश्य संपर्क स्थापित करें ताकि किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पडे़।
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जिले के थाना सांडी के ग्राम तडौरा पोस्टबम्टापुर निवासी रामकुमार यादव थल सेना में सूबेदार रहे हैं। वह 31 जुलाई 2015 को सेवानिवृत्त हुए। पिता रामकुमार ने बताया कि मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने के नाम पर लखनऊ के विकास नगर निवासी एक एजेंट ने उनसे पहले ढाई लाख रुपये लिए थे। 18 फरवरी क ो लखनऊ से बांबे बाई एयर भेजा गया। वहां एक माह उसे रख गया। उसके बाद दक्षिण अफ्रीका के आक्रा घाना भेज दिया गया था। जहां उसे शिप में बंद रखा गया था। इसके बाद उसने यहां के अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की थी। उसने भारतीय दूतावास में भी शिकायत की। भारतीय दूतावास ने उसका सत्यापन कराने के बाद भारत वापस आने में उसकी पूरी मदद की। पिता रामकुमार यादव ने बताया कि वह जून के आखिरी सप्ताह जिले में वापस आ गया था। अब वह अपने बेटे को फिलहाल फर्जी एजेंटों के चक्कर में तो नहीं फंसने देंगे। विदेश जाना इतना ही जरुरी होगा तो वह पंजीकृत एजेंटों के माध्यम से ही पूरी लिखापढ़ी के बाद भेजेंगे।
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दक्षिण अफ्रीका से लौटा सूबेदार का बेटा
नौकरी के नाम पर फंस गया था युवक
मर्चेंट नेवी में पोस्टिंग दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
फर्जी एजेंटों से सतर्क रहें लोग: डीएम
हरदोई। जिलाधिकारी ने रोजगार की तलाश में विदेश विशेष रूप से खाड़ी देशों में जाने वाले कामगारों को फर्जी एजेंटों से सतर्क रहने की नसीहत दी है। जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने कामगारों परिवारों से अपील की है कि प्रवासी कामगार विदेशी रोजगार के लिए विदेशों में अपंजीकृत भर्ती एजेंटों के माध्यम से जा रहे है, जिससे उनके वेतन, कार्य दशाओं, लाभों आदि के संबंध में धोखा किया जा रहा है। विदेशों में कई भारतीय कामगार नियोक्ताओं के हाथों शोषण व दुर्व्यवहार का शिकार भी हो चुके हैं। फर्जी एजेंटों के माध्यम से न जाकर के विदेश मंत्रालय के साथ पंजीकृत भर्ती एजेंटों के माध्यम से ही जाएं। जाते समय किसी भी व्यक्ति के दिए कोई भी पैकेट लेकर न जाएं, जिस काम के लिए जा रहे हैं उसका थोड़ा बहुत प्रशिक्षण प्राप्त करके ही जाएं। विदेश पहुंचते ही भारतीय दूतावास से अवश्य संपर्क स्थापित करें ताकि किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पडे़।
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