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सपनों का मेला: 850 ने आजमाया भाग्य, 677 चयनित
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हरदोई। जिला सेवायोजन कार्यालय, आईटीआई व कौशल विकास मिशन के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को आईटीआई में रोजगार मेले का आयोजन हुआ। इसमें 850 युवाओं ने भाग्य आजमाया। इनमें 677 युवा कंपनी प्रतिनिधियों के खाके पर खरे उतरे। नियुक्ति पत्र पाते ही उनके चेहरे पर खुशियां छलक उठीं।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में लगे मेले में सुबह से ही युवा पहुंच गए। मेले में आठ कंपनियों नेस्टॉल लगाए। इसमें साक्षात्कार में प्रतिनिधियों को सही उत्तर देने वाले 677 युवाओं को रोजगार का तोहफा मिल गया। जिला सेवायोजन अधिकारी मीता गुप्ता ने बताया कि 173 लोगों को निराशा हाथ लगी है। इस मौके पर आईटीआई प्रधानाचार्य आरएस यादव मौजूद रहे।
इन पदों के लिए आजमाया भाग्य
मेले में फिटर, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक इलेक्ट्रानिक्स, मैकेनिक आरएसी, वेल्डर, प्लंबर, पेंटर, मेकेनिक कंज्यूमर इलेक्ट्रानिक्स, ड्राफ्टसमैन, ड्राफ्टमैन सिविल व सुपरवाइजर, सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के लिए साक्षात्कार लिया गया।
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आयोजन से मिलता
रोजगार मेेले में शामिल होने आए पीयूष का कहना है कि इस तरह के आयोजन समय-समय पर होते रहना चाहिए ताकि बेरोजगारों को रोजगार मिलता रहे।
अरविंद का कहना है कि कभी कभार रोजगार मेले के आयोजन से पहले कंपनियां तो कई बताई जातीं हैं लेकिन शामिल कम ही हो पातीं हैं। जिससे शिक्षित बेरोजगारों को निराश लौटना पड़ता है।
रोशनी देवी ने बताया कि अधिकांश मेले में कइयों को रोजगार मिलता है लेकिन कई बार उन कंपनियों में महिला बेरोजगारों के लिए जगह नहीं होती। इसलिए प्रत्येक मेले में महिलाओं के लिए स्थान तो होना ही चाहिए।
रोजगार मेले में शामिल होने आई निधी वर्मा का कहना है कि कैंपस सेलेक्शन भी समय-समय पर होते रहना चाहिए। ताकि शिक्षित बेरोजगारों को मौका मिलते रहे और उनके आगे बढ़ने की ललक पैदा होती रहे।
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राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में लगे मेले में सुबह से ही युवा पहुंच गए। मेले में आठ कंपनियों नेस्टॉल लगाए। इसमें साक्षात्कार में प्रतिनिधियों को सही उत्तर देने वाले 677 युवाओं को रोजगार का तोहफा मिल गया। जिला सेवायोजन अधिकारी मीता गुप्ता ने बताया कि 173 लोगों को निराशा हाथ लगी है। इस मौके पर आईटीआई प्रधानाचार्य आरएस यादव मौजूद रहे।
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इन पदों के लिए आजमाया भाग्य
मेले में फिटर, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक इलेक्ट्रानिक्स, मैकेनिक आरएसी, वेल्डर, प्लंबर, पेंटर, मेकेनिक कंज्यूमर इलेक्ट्रानिक्स, ड्राफ्टसमैन, ड्राफ्टमैन सिविल व सुपरवाइजर, सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के लिए साक्षात्कार लिया गया।
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रोजगार मेेले में शामिल होने आए पीयूष का कहना है कि इस तरह के आयोजन समय-समय पर होते रहना चाहिए ताकि बेरोजगारों को रोजगार मिलता रहे।
अरविंद का कहना है कि कभी कभार रोजगार मेले के आयोजन से पहले कंपनियां तो कई बताई जातीं हैं लेकिन शामिल कम ही हो पातीं हैं। जिससे शिक्षित बेरोजगारों को निराश लौटना पड़ता है।
रोशनी देवी ने बताया कि अधिकांश मेले में कइयों को रोजगार मिलता है लेकिन कई बार उन कंपनियों में महिला बेरोजगारों के लिए जगह नहीं होती। इसलिए प्रत्येक मेले में महिलाओं के लिए स्थान तो होना ही चाहिए।
रोजगार मेले में शामिल होने आई निधी वर्मा का कहना है कि कैंपस सेलेक्शन भी समय-समय पर होते रहना चाहिए। ताकि शिक्षित बेरोजगारों को मौका मिलते रहे और उनके आगे बढ़ने की ललक पैदा होती रहे।