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Hardoi News: एमओयू में साइन हुए 50 फीसदी प्रस्ताव अभी लगा रहे फाइलों में ही दौड़

Tue, 26 Aug 2025 11:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 26 Aug 2025 11:45 PM IST
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50% of the proposals signed in the MoU are still running in files
हरदोई। वर्ष 2024 में यूपी ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में साइन हुए एमओयू की 50 फीसदी परियोजनाएं भी धरातल पर नहीं उतर पाईं। गत वर्ष फरवरी में 8770.73 करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए थे लेकिन इनमें से अभी तक 3848.97 करोड़ रुपये की 103 परियोजनाएं ही धरातल पर उतर पाई हैं। बड़ी संख्या में ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने निवेश के लिए आवेदन तो किया लेकिन एमओयू करने से पीछे हट गए।
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प्रदेश में निवेश बढ़ाने के साथ नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार सृजन के लिए यूपी ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया था। उद्योग विभाग ने इसके जरिये निवेश के लिए उद्योगपतियों को निमंत्रण दिया था। बात अगर हरदोई जनपद की करें तो कुल 244 एमओयू फरवरी 2024 में साइन हुए थे। इनके जरिये 8770.73 करोड़ रुपये का निवेश होना था। साथ ही 28070 लोगों को रोजगार भी मिलना था। शुरूआती आंकड़े उत्साहित करने वाले थे। यही वजह थी कि जिला प्रशासन के अधिकारियों से लेकर उद्योग विभाग के अधिकारी भी हर माह निवेशकों के साथ बैठक कर रहे थे। उनकी समस्याओं का निस्तारण करने की कोशिश भी कर रहे थे।
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तकरीबन ढाई साल बाद स्थिति चौकाने वाली है। महज 103 एमओयू ही ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए तैयार हुए। इनके जरिये 3748.97 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। उद्योग विभाग का दावा है कि 10,845 लोगों को इन एमओयू के जरिये तैयार हुए उद्योगों में रोजगार मिला है। जो निवेश परवान चढ़े हैं उनमें पहले से लगी शुगर मिलों में कुछ नए प्लांट लगाए जाने के प्रस्ताव शामिल हैं।
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निवेश के लिए आवेदन देने वाले आधे से ज्यादा वापस न आए
उद्योग की स्थापना के लिए कुल 503 लोगों ने आवेदन किए थे। उद्योग विभाग की भाषा में इसे इंटेंट कहते हैं। अगर यह सभी लोग निवेश कर देते तो जिले में 9913 करोड़ रुपये के नए उद्योग स्थापित हो जाते। इनके जरिये 39,731 लोगों को रोजगार मिल जाता। यह बात और है कि 503 के सापेक्ष एमओयू 244 ने ही साइन किए। मतलब यह कि आधे से ज्यादा तो निवेश के लिए सहमत ही नहीं हुए।




जमीन मिले तो हकीकत में बदलें सीबीजी प्लांट लगाने के 11 प्रस्ताव
इनवेस्टर्स समिट में अलग-अलग स्थानों पर कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट लगाने का एमओयू भी हुए थे। कुल 11 एमओयू सीबीजी प्लांट लगाने के थे। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि प्लांट लगाने के लिए निवेशकों को ग्रामीण क्षेत्र में भूमि उपलब्ध कराई जानी थी। ग्राम पंचायतों की बंजर-ऊसर की भूमि लीज (किराए) पर दी जानी थी। अब तक यह जमीन खोजी ही नहीं जा पाई। इस कारण यह 11 प्रस्ताव अभी अधर में ही हैं।



सूबे में हरदोई को मिला आठवां स्थान
उपायुक्त उद्योग हर्ष प्रताप सिंह बताते हैं कि जनपद में एमओयू के सापेक्ष परियेाजनाएं धरातल पर उतरने का काम अच्छा है। इस मामले में हरदोई प्रदेश में आठवें स्थान पर है। एमओयू के सापेक्ष जो परियोजनाएं (103) तैयार हैं उनमें से 92 परियोजनाओं में उत्पादन भी शुरू हो चुका है। यह 88 फीसदी है। कुछ निवेशकों को भूमि की आवश्यकता है। किराए पर भूमि दिए जाने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारी इसका चिंहांकन कर रहे हैं। कुछ परियोजनाएं ऐसी भी हैं जो वर्ष 2026 में पूरी होंगी और इसका उल्लेख एमओयू में भी है।
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