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192 ग्राम पंचायतों में एडीओ बने रहेंगे प्रशासक
अमर उजाला ब्यूरो हरदोई।
Updated Wed, 13 Jan 2016 12:35 AM IST
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पंचायत चुनाव से पहले ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने पर प्रशासकों की नियुक्ति कर दी गई। मतदान और शपथ के बाद नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को गांव के कार्य और कर्तव्यों का दायित्व सौंपा गया, लेकिन कोरम पूरा न होने की वजह से 192 ग्राम पंचायतें अभी असंगठित हैं। प्रमुख सचिव पंचायत राज ने ऐसी ग्राम पंचायतों में कोरम पूरा होने तक प्रशासक बने एडीओ पंचायतों को ही तैनात रहने के निर्देश दिए हैं।
जनपद में हुए पंचायत चुनाव में 1308 ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित प्रधान चुनकर आ गए हैं, लेकिन अभी भी 192 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां ग्राम प्रधानों को उनका अधिकार नहीं मिल सका। गौरतलब रहे कि पंचायत चुनाव से पहले ही ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया।
ऐसे में गांवों में कार्यों का संचालन और दायित्वों के निर्वहन के लिए शासन के निर्देश पर सात नवंबर 2015 को सहायक विकास अधिकारी पंचायत को ग्राम पंचायत का प्रशासक नियुक्त किया गया। प्रशासकों का कार्य मतदान के बाद शपथ ग्रहण तक निर्धारित किया गया, लेकिन चुनाव में 192 ग्राम पंचायतेें ऐसी रहीं, जहां दो- तिहाई सदस्यों का चुनाव नहीं हो सका। सदस्यों का कोरम पूरा न होने से वहां के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को न तो शपथ दिलवाई जा सकी और न ही उन्हें अभी तक कोई अधिकार मिले।
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हालांकि सदस्यों के चयन को चुनाव कराया जाना है, लेकिन अभी उसकी कोई तिथि आयोग ने निर्धारित नहीं की। ऐसे में प्रमुख सचिव पंचायत चंचल कुमार तिवारी ने असंगठित ग्राम पंचायतों में कार्याें के निर्वहन और दायित्वों के लिए सहायक विकास अधिकारी पंचायत को कोरम पूरा होने तक प्रशासक पद पर बने रहने के निर्देश दिए। उन्हाेंने जिलाधिकारी को पत्र जारी कर असंगठित ग्रामों में प्रशासकों को जिम्मेदारी सौंपी है और विकास कार्य से संबंधित प्रस्ताव देने के निर्देश दिए।
कछौना छोड़ कई ब्लाकों की पंचायत में कोरम पूरा नहीं
जिले की 19 ब्लाकों में कछौना ब्लाक को छोड़ अन्य में कोरम पूरा नहीं हुआ। इनमें भरावन की 56 ग्राम सभा, टोडरपुर की दो, संडीला में छह, बेहंदर में सात, पिहानी में एक, भरखनी में 40, बिलग्राम में पांच, माधौगंज में 19, सुुरसा में छह, सांडी में सात, हरपालपुर में 16, अहिरोरी में 10, मल्लावां में नौ, कोथावंा में छह, हरियांवा में दो, टड़ियावां में पांच तथा शाहाबाद में 28 ग्राम पंचायतों में कोरम पूरा नहीं हुआ।
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जनपद में हुए पंचायत चुनाव में 1308 ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित प्रधान चुनकर आ गए हैं, लेकिन अभी भी 192 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां ग्राम प्रधानों को उनका अधिकार नहीं मिल सका। गौरतलब रहे कि पंचायत चुनाव से पहले ही ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया।
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ऐसे में गांवों में कार्यों का संचालन और दायित्वों के निर्वहन के लिए शासन के निर्देश पर सात नवंबर 2015 को सहायक विकास अधिकारी पंचायत को ग्राम पंचायत का प्रशासक नियुक्त किया गया। प्रशासकों का कार्य मतदान के बाद शपथ ग्रहण तक निर्धारित किया गया, लेकिन चुनाव में 192 ग्राम पंचायतेें ऐसी रहीं, जहां दो- तिहाई सदस्यों का चुनाव नहीं हो सका। सदस्यों का कोरम पूरा न होने से वहां के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को न तो शपथ दिलवाई जा सकी और न ही उन्हें अभी तक कोई अधिकार मिले।
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हालांकि सदस्यों के चयन को चुनाव कराया जाना है, लेकिन अभी उसकी कोई तिथि आयोग ने निर्धारित नहीं की। ऐसे में प्रमुख सचिव पंचायत चंचल कुमार तिवारी ने असंगठित ग्राम पंचायतों में कार्याें के निर्वहन और दायित्वों के लिए सहायक विकास अधिकारी पंचायत को कोरम पूरा होने तक प्रशासक पद पर बने रहने के निर्देश दिए। उन्हाेंने जिलाधिकारी को पत्र जारी कर असंगठित ग्रामों में प्रशासकों को जिम्मेदारी सौंपी है और विकास कार्य से संबंधित प्रस्ताव देने के निर्देश दिए।
कछौना छोड़ कई ब्लाकों की पंचायत में कोरम पूरा नहीं
जिले की 19 ब्लाकों में कछौना ब्लाक को छोड़ अन्य में कोरम पूरा नहीं हुआ। इनमें भरावन की 56 ग्राम सभा, टोडरपुर की दो, संडीला में छह, बेहंदर में सात, पिहानी में एक, भरखनी में 40, बिलग्राम में पांच, माधौगंज में 19, सुुरसा में छह, सांडी में सात, हरपालपुर में 16, अहिरोरी में 10, मल्लावां में नौ, कोथावंा में छह, हरियांवा में दो, टड़ियावां में पांच तथा शाहाबाद में 28 ग्राम पंचायतों में कोरम पूरा नहीं हुआ।