फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   साठ लाख रुपये से होगी शहर के आठ नालों की सफाई

साठ लाख रुपये से होगी शहर के आठ नालों की सफाई

Mon, 10 Jun 2019 11:52 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jun 2019 11:52 PM IST
विज्ञापन
साठ लाख रुपये से होगी शहर के आठ नालों की सफाई
हरदोई। बरसात में शहर को जलभराव की समस्या से बचाने की कवायद नगर पालिका परिषद ने शुरू कर दी है। साठ लाख रुपये खर्च कर शहर के आठ बड़े नालों की सफाई का अभियान मंगलवार से शुरू होगा। छोटी नालियों की सफाई सोमवार से ही शुरू हो गई। पालिका के अधिशासी अधिकारी जी लाल ने इस संदर्भ में कार्यालय कक्ष में सफाई नायकों के साथ बैठक भी की। उन्होंने सफाई कार्य गंभीरता से करने के निर्देश दिए। कहा कि लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी।
विज्ञापन

शहर में आठ बड़े नाले हैं। इन नालों की सफाई समय से न होने पर शहर में अलग-अलग स्थानों पर जलभराव की समस्या होती है। जून की शुरुआत होने पर भी शहर में नालों की सफाई का अभियान शुरू न होने पर अमर उजाला ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसको संज्ञान में लेकर नगर पालिकाध्यक्ष सुख सागर मिश्र मधुर ने जल्द ही सफाई अभियान शुरू कराने के निर्देश संबंधित कर्मचारियों को दिए थे। उधर दूसरी ओर डीएम पुलकित खरे ने भी मानसूनी बारिश से पहले ही नालों की सफाई कराने के निर्देश सभी अधिशासी अधिकारियों को दिए थे। इसके बाद नाला सफाई के लिए कवायद शुरू कर दी गई। नगर पालिकाध्यक्ष सुख सागर मिश्र मधुर ने बताया कि निविदा की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मंगलवार से वृहद स्तर पर नालों की सफाई शुरू हो जाएगी। आठ बड़े नालों की सफाई पर साठ लाख रुपये खर्च होंगे।
विज्ञापन


पॉलिथीन का इस्तेमाल न करें शहरी
नगर पालिकाध्यक्ष सुख सागर मिश्र मधुर ने शहरवासियों से अपील की है कि पॉलिथीन का इस्तेमाल न करें। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से पॉलिथीन का उपयोग बंद करने के निर्देश हैं। शहरवासी थोड़ी जागरुकता दिखाएं और इसका प्रयोग न करें। पॉलिथीन के कारण ही अधिकतर नाले और नालियां चोक हो रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



सफाई हो तो सिल्ट भी उठाएं
चांद मियां का कहना है कि नालों की सफाई बेहद जरूरी है। साथ ही यह भी आवश्यक है कि नालों से निकलने वाली सिल्ट को भी चौबीस घंटे के अंदर उठवाया जाए। सिल्ट कई दिन तक पड़े रहने पर यह फिर से नाले में चली जाती है।

मई के आखिरी में ही होनी चाहिए थी सफाई
जोगेंदर सिंह कहते हैं कि नालों की सफाई तो मई के आखिरी में ही हो जानी चाहिए थी। अब हो रही है, तो अच्छी बात है, लेकिन नालों की सफाई में औपचारिकता न निभाएं। सही ढंग से सफाई नहीं हुई तो भी जलभराव की समस्या रहेगी।


सफाई के नाम पर औपचारिकता न निभाएं
सुरेश बाबा बताते हैं कि पिछली बार नालों की सफाई के नाम पर सिर्फ झाडू लगवा दी गई थी। बारिश में जलभराव होने लगा। इसकी शिकायत चेयरमैन से की तो उन्होंने दोबारा सफाई करवाई और तब राहत मिली।


नियमित हो नालों की सफाई
मुरलीधर मिश्रा का कहना है कि स्वच्छता अभियान पर इतना जोर दिया जाता है फिर भी गंदगी कम नहीं हो रही। शहर में नालों की सफाई के बाद यह भी ध्यान रखा जाए कि सफाई का कार्य नियमित होता रहे, ताकि ज्यादा सिल्ट एकत्रित न हो पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed