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उधार मांगने को मजबूर होना पड़ा
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Sat, 11 Feb 2017 08:43 PM IST
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एटीएम
- फोटो : अमर उजाला
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लोकतंत्र के महापर्व में भाग लेने को लेकर जहां सभी वर्गों में अजीब सा उत्साह रहा, वहीं इसके चलते लोगों को भारी दिक्कतों के साथ ही बैंक न खुलने पर जरूरत पूर्ति के लिए दूसरों के सामने हाथ तक फैलाने को मजबूर होना पड़ा।
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विधानसभा चुनाव की वोटिंग के चलते सरकारी स्तर से सार्वजनिक अवकाश घोषित किया हुआ था, तो वहीं अधिकांश बैंक कर्मियों को चुनावी ड्यूटी में इधर उधर भेजा हुआ था। जिसके चलते बैंकों में दिनभर ताले लटके रहे और इसी वजह से एटीएम मशीनों में भी पैसा नहीं डल पाया।
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जिन लोगों को अचानक पैसे की कोई जरूरत पड़ी, तो वे सीधे बैंकों पर पहुंचे और वहां ताले लटके देख एटीएम की तरफ रुख कर गए। कई बार कोशिश करने के बाद भी जब एटीएम मशीन से पैसा नहीं निकल पाया,
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तो उन्हें निराश होकर बैरंग लौटना पड़ा और फिर मजबूरी में अपने परिचितों के सामने उधार के लिए हाथ फैलाने को मजबूर होना पड़ा। इनाम ठेकेदार, प्रदीप कौशिक, लालू गुरु,
प्रमोद पप्पी, सुरेंद्र पुनियानी का कहना है कि मतदान के दिन छुट्टी होने का पता लगने पर बैंक कर्मियों को पहले ही एटीएम में रुपयों की भरपूर व्यवस्था करनी चाहिए थी, जिनकी लापरवाही से भारी दिक्कत झेलनी पड़ी हैं।