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Hapur News: अनुदानित यूरिया की कालाबाजारी में इस्तेमाल दो ट्रक सरकार के पक्ष में जब्त

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 11:59 PM IST
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Two trucks used in the black marketing of subsidized urea confiscated by the government
हापुड़। अनुदानित नीम कोटेड यूरिया की कालाबाजारी के मामले में दो ट्रकों को सरकार के पक्ष में जब्त करने का आदेश दिया गया है। एडीएम न्यायिक न्यायालय ने उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा-6 ए के तहत यह फैसला सुनाया है। दोनों ट्रकों की अनुमानित न्यूनतम बाजार कीमत करीब 14.76 लाख रुपये निर्धारित की गई है। वाहन स्वामियों को निर्धारित धनराशि सरकारी खाते में जमा कराकर ही ट्रक वापस मिल सकेंगे। ऐसा नहीं करने पर तहसीलदार के माध्यम से वाहनों की नीलामी कराई जाएगी।
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13 जून 2026 को जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने कृष्ण गोपाल पुत्र श्याम सुंदर निवासी किठौर, मेरठ आदि के खिलाफ अनुदानित नीम कोटेड यूरिया की कालाबाजारी के आरोप में थाना देहात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ट्रक में 225 बैग यूरिया लदे होने की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने विवेचना के दौरान दो ट्रकों को कब्जे में लिया गया था।
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न्यायालय में सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ताओं के माध्यम से आपत्ति दाखिल की गई। उन्होंने बताया कि यूरिया वैध था और उसके बिल सहित जरूरी दस्तावेज उपलब्ध थे। बताया कि एक ट्रक रास्ते में पलट गया था, जिसके बाद माल दूसरे ट्रक में स्थानांतरित किया जा रहा था। दोनों वाहन स्वामियों ने कालाबाजारी से किसी तरह का संबंध होने से इंकार करते हुए ट्रकों को अपनी आजीविका का साधन बताया और जब्ती की कार्रवाई समाप्त करने की मांग की।
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वहीं, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी ने दलील दी कि प्रस्तुत लाइसेंस मेरठ में कारोबार के लिए थे, जबकि बरामद यूरिया हापुड़ की किसी फर्म या विक्रेता का नहीं पाया गया। दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्य देखने के बाद न्यायालय ने जब्ती का आदेश दिया।

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सरकार के पक्ष में ट्रक का मतलब --
एडीएम ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद दोनों ट्रकों पर सरकार का अधिकार माना जाएगा। वाहन मालिक उन्हें अपनी मर्जी से इस्तेमाल या बेच नहीं सकेंगे। वाहन मालिक निर्धारित कुल राशि करीब 14.76 लाख रुपये सरकारी खाते में जमा कराकर ट्रकों की सुपुर्दगी ले सकते हैं। अन्यथा, इनकी नीलामी की जाएगी।
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