{"_id":"5764175a4f1c1b144311cb6c","slug":"the-second-friday-prayers","type":"story","status":"publish","title_hn":"कड़ी सुरक्षा में दूसरे जुमे की नमाज अदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कड़ी सुरक्षा में दूसरे जुमे की नमाज अदा
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Fri, 17 Jun 2016 09:00 PM IST
विज्ञापन
जुमे की नमाज अदा की
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस की कड़ी सुरक्षा में रमजान माह के दूसरे जुमे की नमाज मस्जिदों में अदा हुई। अकीदत मंदों ने देश की खुशहाली और शांति की दुआ मांगी। साथ ही लोगों पाक रमजान के बारे में बताया।
विज्ञापन
मस्जिद मदरसा सादात (मरका वाली) में मुफ्ती मोहम्मद अय्यूब कासमी ने अपने खुतबे में कहा कि रमजान उल मुबारक का महीना चल रहा है। इस माह का दूसरा अशराह शुरू हो चुका है। यह अशराह मगफिरत का है।
विज्ञापन
मुस्लिम समाज और खासकर युवाओं को रोजा रखना चाहिए। मस्जिद नूरवफान गंज में शहर काजी कारी मोहम्मद असगर के पुत्र मौलवी मोहम्मद असद कासमी ने कहा कि रमजान उल मुबारक का महीना बरकतों वाला महीना है।
विज्ञापन
इस माह में नफिल नमाज का शबाब फर्ज नमाज के बराबर कर दिया जाता है और फर्ज नमाज का सवाब 70 गुना कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि अल्लाह ताल्हा रोजाना अफतार के वक्त लाखों लोगों की मगफिरत फरमाते हैं।
रमजान की बरकतें खुली हुई नजर आती हैं। इस माह में गरीबों को खाना खिलाना और उनकी मदद करना बहुत बड़ा शबाब है। शाही जामा मस्जिद के मुफ्ती मोहम्मद मोहसिन कासमी ने कहा कि रमजान उल मुबारक का दूसरा अशरा मगफिरत का है, जो शुरू हो चुका है।
इस अशरे में हमें ज्यादा से ज्यादा दुआ करते हुए मगफिरत करानी है। मस्जिद सराय बशारत अली में मुफ्ती मोहम्मद खालिद कासमी ने कहा कि रमजान उल मुबारक का महीना सारे महीनों का सरदार है, इस महीने में इंसान रोजे रखता है।
उधर शहर की प्रमुख मस्जिद जामा मस्जिद, मरदसा सादात मकरज वाली मस्जिद, हीरा मस्जिद, रहमानिया मस्जिद, अल्लीखां वाली मस्जिद, अबु बक्र मस्जिद में भी पुलिस ने कड़ी सुरक्षा दूसरे जुमे की नमाज अदा की गई।
रमजान के दूसरे जुमे में नमाज अदा कर लोगों ने बारिश के लिए दुआ मांगी। नगर की इमलियान मस्जिद में शहर काजी हाजी सैयद कसीमुद्दीन, चौपला मस्जिद में हाफिज मुहम्मद अली, फतेहपुरी मस्जिद में कारी जुल्फिकार, मदरसा मस्जिद में मौलाना अमीरुल हक, मीरा मजार मस्जिद में कारी महताब ने देश में अमन शांति और बारिश के लिए दुआ मांगी।