{"_id":"56fe9f3d4f1c1b0333f00106","slug":"the-new-mdm-distribution-wrong","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमडीएम वितरण की नई पहल में बच्चे रहे भूखे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमडीएम वितरण की नई पहल में बच्चे रहे भूखे
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Fri, 01 Apr 2016 09:48 PM IST
विज्ञापन
स्कूलों में समय पर तैयार नहीं हो सका खाना
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के परिषदीय स्कूलों में प्रबंध समिति की एमडीएम के वितरण की पहल के प्रथम दिन बच्चों को काफी समय भूखा रहना पड़ा। पैसा न मिलने के कारण रसोइये ने खाना बनाने में असमर्थता व्यक्त की। शिक्षकों को भी बच्चों को खाना उपलब्ध कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
विज्ञापन
अब से पूर्व परिषदीय स्कूलों में मिड-डे मील का वितरण एनजीओ की ओर से किया जाता था। इस सत्र में शिक्षा विभाग ने एमडीएम की जिम्मेदारी प्रबंध समिति को दी है। शुक्रवार को परिषदीय स्कूलों में ही खाना बनाकर बच्चों को वितरित किया गया।
विज्ञापन
लेकिन एमडीएम वितरण की नई पहल के प्रथम दिन बच्चों को समय पर खाना नहीं मिल सका। रसोइये ने भी पर्याप्त पैसा न मिलने की बात कहकर खाना बनाने में असमर्थता जाहिर की है।
विज्ञापन
मालवीय प्राथमिक पाठशाला की छात्रा अंजली ने बताया कि शुक्रवार को लंच टाइम में खाना मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन 11 बजे तक भी उन्हें खाना नहीं मिला। छात्रा रोशनी ने बताया कि पहले लंच होते ही खाना मिल जाता था, लेकिन शुक्रवार को 11 बजे के बाद खाना मिला।
छात्रा आसमा ने बताया कि नए शैक्षिक सत्र में स्कूल में ही बना अच्छा गुणवत्ता का खाना मिलने से वह खुश थी, लेकिन शुक्रवार को काफी देर बाद खाना मिला। सानिया ने बताया कि स्कूल में उन्हें भी समय पर खाना नहीं मिल सका।
वह शिक्षकों से खाना देने की बात कहते रहे, लेकिन समय पर खाना तैयार नहीं होने से परेशानी हुई। उधर, रघुवीर गंज स्थित दयानंद प्राईमरी पाठशाला में खाना बनाने वाली नरेशवती ने बताया कि खाना बनाने के लिए उन्हें सिर्फ एक हजार रुपये/महीना मिलेगा।
इतना पैसा पर्याप्त नहीं है। यदि जल्द पैसा नहीं बढ़ाया गया तो वह कार्य नहीं करेंगी। रामलीला मैदान स्थित मालवीय प्राथमिक पाठशाला में रसोईयां नजर नहीं आई।
बच्चों को मिड-डे मील की उपलब्धता में कोई परेशानी न हो, इसलिए स्कूल में ही खाना तैयार कराने के निर्देश दिए हैं। सभी स्कूलों में राशन, अन्य साधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। - एमपी वर्मा, बीएसए