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Hapur News: गर्मी में सिर और पेट दर्द के मरीज बढ़े
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संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सिर व पेट दर्द के मरीज बढ़ रहे हैं। ओपीडी में हर रोज ऐसे 200 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। आंत में संक्रमण और सूजन समस्या का कारण बन रही है। हर आयु वर्ग के मरीजों में इस तरह के लक्षण हैं।
फिजीशियन डॉ.अशरफ अली बताया कि तापमान 40 डिग्री के करीब है। ऐसे में थोड़े समय तक धूप में रहने से ही मरीज सिर दर्द जैसे समस्या बता रहे हैं। दरअसल, तापमान के साथ उमस भी अधिक है जो इस तरह के रोगों का कारण बनती है। इसके अलावा मरीज बाजार में कटे फल, चाट, समोसा, तली चीजों, सड़कों के किनारे खुले में रखी खानपान सामग्री का सेवन कर लेते है।
इससे पेट दर्द की समस्या बन जाती है। वहीं तेज धूप में सिर पर टोपी, गमछा व आंखों में चश्मा न होने से सिर दर्द की तकलीफ हो रही है। पेट दर्द से पीड़ित मरीजों के आंत में संक्रणम मिल रहा है। साथ ही सूजन भी दिख रही है। दवा से आराम नहीं होने पर अल्ट्रासाउंड में सूजन की पुष्टि हो रही है। दवाएं बदलकर मरीजों को दी जा रही हैं। स्वस्थ होने में मरीजों को पांच से सात दिन का समय लग रहा है। बच्चों में डायरिया की समस्या अधिक है। शरीर में पानी की कमी होने के कारण बच्चों पर बीमारी का असर अधिक है।
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ऐसे करें बचाव
फिजीशियन डॉ.प्रदीप मित्तल ने बताया कि गर्मी में शरीर में पानी की कमी होने से ब्लड प्रेशर कम होता है। शारीरिक क्षमता कम होने लगती है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी न होने दें। नमक, नीबू व हल्की चीनी का घोल का प्रयोग करें। दोपहर में धूप में काम न करें तथा सुबह-शाम ही कार्य करें। बताया कि गर्मी में बीमारियों से सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव हैं। चिकित्सक की सलाह के बिना दवाओं का प्रयोग न करें।
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हापुड़। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सिर व पेट दर्द के मरीज बढ़ रहे हैं। ओपीडी में हर रोज ऐसे 200 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। आंत में संक्रमण और सूजन समस्या का कारण बन रही है। हर आयु वर्ग के मरीजों में इस तरह के लक्षण हैं।
फिजीशियन डॉ.अशरफ अली बताया कि तापमान 40 डिग्री के करीब है। ऐसे में थोड़े समय तक धूप में रहने से ही मरीज सिर दर्द जैसे समस्या बता रहे हैं। दरअसल, तापमान के साथ उमस भी अधिक है जो इस तरह के रोगों का कारण बनती है। इसके अलावा मरीज बाजार में कटे फल, चाट, समोसा, तली चीजों, सड़कों के किनारे खुले में रखी खानपान सामग्री का सेवन कर लेते है।
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इससे पेट दर्द की समस्या बन जाती है। वहीं तेज धूप में सिर पर टोपी, गमछा व आंखों में चश्मा न होने से सिर दर्द की तकलीफ हो रही है। पेट दर्द से पीड़ित मरीजों के आंत में संक्रणम मिल रहा है। साथ ही सूजन भी दिख रही है। दवा से आराम नहीं होने पर अल्ट्रासाउंड में सूजन की पुष्टि हो रही है। दवाएं बदलकर मरीजों को दी जा रही हैं। स्वस्थ होने में मरीजों को पांच से सात दिन का समय लग रहा है। बच्चों में डायरिया की समस्या अधिक है। शरीर में पानी की कमी होने के कारण बच्चों पर बीमारी का असर अधिक है।
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ऐसे करें बचाव
फिजीशियन डॉ.प्रदीप मित्तल ने बताया कि गर्मी में शरीर में पानी की कमी होने से ब्लड प्रेशर कम होता है। शारीरिक क्षमता कम होने लगती है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी न होने दें। नमक, नीबू व हल्की चीनी का घोल का प्रयोग करें। दोपहर में धूप में काम न करें तथा सुबह-शाम ही कार्य करें। बताया कि गर्मी में बीमारियों से सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव हैं। चिकित्सक की सलाह के बिना दवाओं का प्रयोग न करें।