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स्टूडेंट से काम कराने पर भड़के अभिभावकों ने किया हाईवे जाम
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Wed, 07 Sep 2016 08:53 PM IST
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अभिभावकों ने किया हाईवे जाम
- फोटो : अमर उजाला
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स्टूडेंट से बालश्रम कराने पर बुधवार को पेरेंट्स और बच्चों का गुस्सा भड़क गया। निजामपुर के हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य के खिलाफ हंगामा करते हुए छात्रों-अभिभावकों ने एनएच 24 पर जाम लगा दिया।
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पुलिस के सख्ती करने पर छात्र सड़क पर लेट गए और प्रधानाचार्य को गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। करीब एक घंटे तक हाईवे को जाम करके ये हंगामा करते रहे। इस दौरान एनएच पर करीब दो किमी लंबी वाहनों की कतार लग गईं। गर्मी में जाम में फंसे यात्रियों को आफत का सामना करना पड़ा।
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पुलिस अधिकारियों के समझाने और डीआईओएस के प्रधानाचार्य पर कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद ही जाम खुलवाया जा सका। क्षेत्र के गांव निजामपुर स्थित श्री जगपाल सिंह स्मारक हायर सेकेंडरी स्कूल में स्टूडेंट से बालश्रम कराया जा रहा है।
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बच्चों को स्कूल में पढ़ाने की बजाय ईंटों की ढुलाई में लगा दिया जाता है। इससे बच्चे परेशान हैं। गर्मी में ईंट ढ़ोने से कई बच्चों को बुखार भी आ गया है। बच्चों ने इसकी शिकायत घर पर की तो पेरेंट्स आग बबूला हो गए।
बुधवार सुबह करीब आठ बजे करीब 50 पेरेंट्स विद्यालय पहुंचे और प्रधानाचार्य पर शोषण का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा इतना बढ़ा कि अभिभावक और बच्चे स्कूल के सामने एनएच 24 पर जाकर लेट गए। इससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सूचना पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने इनको समझाने का प्रयास किया तो हंगामा शुरू हो गया। गुस्साए पेरेंट्स का आरोप था कि बच्चों को स्कूल में पढ़ने भेजते हैं। यहां उनसे रोजाना मजदूरी कराई जाती है। स्कूल में चिनाई चल रही है।
ऐसे में बच्चों को मजदूरी में लगा दिया गया है। इससे बच्चे स्कूल आने से ही डरने लगे हैं। कई बच्चे बीमार हो गए हैं। प्रधानाचार्य को गिरफ्तार किया जाए। पुलिस अधिकारियों ने प्रधानाचार्य से बातचीत की और छात्रों-अभिभावकों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
डीआईओएस ने जांच कराकर प्रधानाचार्य पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर करीब एक घंटे बाद इनको हाईवे से हटाया जा सका। जाम लगाने से सैकड़ों वाहन इसमें परेशान रहे। जाम हापुड़ की बाईपास और पिलखुवा की ओर डूहरी भट्टे तक करीब दो किमी तक पहुंच गया था। जाम खुलने पर भी यातायात को सामान्य होने में करीब 45 मिनट लग गए।
स्कूल में काम कराने को लेकर अभिभावकों और प्रधानाचार्य का विवाद था। दोनों पक्षों के लोगों की बातचीत सुनकर समस्या का समाधान कराया गया है। थोड़ी देर के लिए हाईवे जाम लगा, जिसे खुलवा दिया गया था। विजय बहादुर सिंह, कोतवाल पिलखुवा
बाल श्रम के लगाये गये आरोप निराधार हैं। स्कूल में सिर्फ पढ़ाई कराई जाती है। किसी भी बच्चे से ईंट नहीं उठवाई गई हैं। स्कूल में काम जरूर चल रहा है, लेकिन उसका ठेका छूटा हुआ है। मजदूर काम कर रहे है। सुरजीत सिंह शिशौदिया-प्रधानाचार्य
मामला बेहद गंभीर है। यह संज्ञान में आ चुका है। बच्चों से श्रम क्यों कराया गया, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। प्रधानाचार्य से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा जायेगा।वीरेंद्र कुमार शर्मा-डीआईओएस