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नरैना गांव के दलितों का जिला मुख्यालय पर हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Fri, 27 May 2016 10:04 PM IST
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दलित वर्ग के लोगों ने जिला मुख्यालय पर हंगामा किया
- फोटो : अमर उजाला
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धौलाना थाना क्षेत्र के गांव नरैना में 22 मई की रात राजपूत और दलित पक्षों के बीच हुई फायरिंग, पथराव और आगजनी में एक वर्ग ने निर्दोष लोगों को जेल भेजने का आरोप लगाया है। इसको लेकर शुक्रवार को दलित वर्ग के लोगों ने जिला मुख्यालय पर हंगामा किया।
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पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वहां नोकझोंक हुई। पुलिस ने समझाकर पांच लोगों को ज्ञापन देने भेजा। गांव नरैना में क्रिकेट मैच के दौरान राजपूत और दलित पक्ष के बच्चों के बीच विवाद हो गया था।
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राजपूत और दलित पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद गांव में आगजनी, पथराव और फायरिंग से पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया था। दलित पक्ष ने आरोप लगाया कि राजपूत समाज के लोगों ने 22 मई की रात बस्ती में पहुंचकर कहर बरपाया था।
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महिलाओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ करते हुए कपड़े फाड़े थे। भगत सिंह, विजय, राजेंद्र और रामचंद्र के घरों में जानलेवा हमला करते हुए आगजनी की थी। उसके बाद दलित समाज की बहू-बेटियों को उठाने की कोशिश की गई।
दलितों का आरोप है कि पुलिस ने सता पक्ष के एक नेता की शह पर राजपूत समाज के लोगों पर तो कोई कार्रवाई नहीं बल्कि दलित समाज के ही निर्दोष लोगों को उठाकर हवालात में बंद करा दिया।
दलितों ने पुलिस पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हंगामा-प्रदर्शन की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें जिला मुख्यालय में अंदर जाने से रोक लिया। इससे क्षुब्ध लोगों की पुलिस से नोकझोंक हो गई।
किसी प्रकार पुलिस ने पांच व्यक्तियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देने के लिए अंदर जाने दिया। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा को ज्ञापन सौंपकर न्याय दिलाने की मांग की है। जल्द न्याय न मिलने पर सड़क जाम की चेतावनी दी।
डीएम ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर उनको वापस भेजा। इस मौके पर वीपी सिंह, मामचंद, रतनपाल, रनविजय, रनजीत सिंह, शेर सिंह, रामकुमार सिंह, लायकराम, भगत सिंह आदि मौजूद रहे।