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बैंकों में नहीं सुधर रहे हालात
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Fri, 02 Dec 2016 08:53 PM IST
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कैश किल्लत की समस्या बन रही सिरदर्द
- फोटो : अमर उजाला
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बैंकों में कैश किल्लत की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को भी अनेक बैंकों में कैश खत्म का नोटिस चस्पा रहा। मुख्य बैंकों की शाखाओं पर ग्राहकों की लंबी कतारें लगी रहीं। ऐसे में उन्हें कैश पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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वहीं एटीएम सुविधा अब भी बदहाल है। इससे ग्राहकों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नोट बंदी के आदेश हुए 24 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब भी बैंकों में कैश किल्लत की समस्या दूर नहीं हो सकी है।
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आलम यह है कि अधिकांश बैंकों में गेट खुलने के साथ ही कैश खत्म होने का नोटिस चस्पा कर दिया जा रहा है। ऐसे में ग्राहकों को घंटों कतार में लगने के बावजूद पैसा नहीं मिल पा रहा है।
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शुक्रवार को भी ऐसा ही हुआ। सुबह से कतार में लगे ग्राहकों ने कैश खत्म का नोटिस दिखा तो वह मायूस हो गए। पिलखुवा में भी शुक्रवार सुबह आठ बजे से ही बैंकों में नोट निकालने के लिए ग्राहक पहुंचने शुरू हो गए थे।
भीड़ इतनी ज्यादा थी कि बैंकों के बाहर ग्राहकों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। बैंकों ने अतिरिक्त काउंटर खोलकर भीड़ को काबू करने का प्रयास किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। हालात ये रहे कि पैसे निकालने और जमा करने के लिए बैंकों में मारामारी मची रही।
भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक सुशील कुमार ने बताया कि बैंकों में रुपये जमा करने की पूरी व्यवस्था की गई थी। भीड़ से निबटने के लिए अतिरिक्त काउंटर खोले गए हैं।
कोतवाल अजय अग्रवाल ने बताया कि संबंधित बैंकों की चेकिंग करने के निर्देश चौकी इंचार्ज को दिए गए हैं। पीसीआर बैंकों के पास लगाई गई हैं। एलडीएम एपी चतुर्वेदी ने बताया कि हालातों में सुधार के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। लोग संयम से काम लें।
ब्रजघाट स्थित अमृत परिसर में शुक्रवार को रालोद की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता मास्टर रामनाथ और संचालन देवीदास कश्यप ने किया। जिलाध्यक्ष शिवकुमार त्यागी ने कहा कि बकाया गन्ना भुगतान न होने से किसान परेशानी का सामना कर रहे हैं,
लेकिन सिंभावली और ब्रजनाथपुर शुगर मिल प्रबंधन शासन और प्रशासन के निर्देशों को भी नहीं मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार का नोट बंदी का फैसला तानाशाही है।
इससे गरीब, मजदूर और आम लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए कामकाज छोड़कर कई-कई दिन लाइन में लगना पड़ रहा है। किसानों की समस्या के समाधान और नोटबंदी के विरोध में रालोद पांच दिसंबर को जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करेगी।
बैठक में कपिल यादव को संगठन का जिला महामंत्री मनोनीत किया गया। बैठक में मुकेश त्यागी, कुलदीप राठी, श्याम सिंह वर्मा, सुधीर, प्रथम,सतीश यादव, अतुल यादव, भुजवीर चौहान समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हापुड़ स्मॉल स्केल एसोसिएशन के बैनर तले चल रही फैक्ट्रियों में कार्य कर रहे मजदूरों को नोटबंदी के चलते वेतन संबंधी समस्या से परेशान नहीं होना पड़ेगा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मजदूरों के खाते खुलवाकर चेक से तनख्वाह देने,
चेक न लेने पर कैश भुगतान का निर्णय लिया है। एसोसिएशन की ओर से मजदूरों को खुले पैसे भी दिए जाएंगे। शुक्रवार को बैठक को संबोधित कर रहे एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंहल ने कहा कि सात तारीख को फैक्ट्रियों में कार्य कर रहे मजदूरों को तनख्वाह देनी होती है,
लेकिन नोटबंदी के चलते बैंकों से पर्याप्त पैसा नहीं मिलने के कारण मजदूरों को वेतन देने में परेशानी आ रही है। अनेक मजदूरों का बैंक में खाता भी नहीं है, ऐसे में उन्हें चेक के माध्यम से भी पैसा नहीं दिया जा सकता।
उन्होंने कहा कि जिन मजदूरों के खाते नहीं हैं, कैंप लगवाकर उनके खाते खुलवाए जाएंगे। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि यदि किसी मजदूर को बैंक से दो हजार का नोट मिलता है तो एसोसिएशन ऐसे मजदूर को खुले पैसों की भी व्यवस्था कराएगी।
बैंक से भुगतान न होने पर मजदूर को एसोसिएशन की ओर से 100 से एक हजार रुपये तक का लोन दिया जाएगा। बैठक में सचिव अमन गुप्ता, संजय सिंहल, अमन गुप्ता, सुनील जैन, पुरुषोत्तम अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, अनिल, प्रदीप, अमित मित्तल, राजकुमार, साजन गुप्ता आदि मौजूद रहे।