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आग बुझाने के इंतजाम भी अधूरे
अमर उजाला, हापुड़
Updated Fri, 20 Nov 2015 12:10 AM IST
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खादर मेले में तीन लाख से भी अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं ऐसे में अगर यहां आग लगने की घटना होती है तो उससे निपटने के लिए दमकल विभाग के पास चाकचौबंद इंतजाम नहीं है। अफसरों की मानें तो 18 दमकल गाड़ियों की डिमांड भेजी गई है जबकि सात गाड़ियां ही अभी तक उपलब्ध हो सकी हैं।
गढ़ खादर का कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला तंबुओं की महानगरी के रूप में बसता है, क्योंकि करीब 15 किलोमीटर से भी अधिक लंबी परिधि में रिजर्व पुलिस लाइन, अस्पताल, वीआईपी कैंप, थानों समेत विभिन्न सेक्टरों में लाखों श्रद्धालु तंबू गाढ़कर अपने परिवार के साथ कई दिनों तक पड़ाव डालते हैं।
सभी परिवारों में चूल्हों पर खाना तैयार होता है। इससे यहां आगजनी की घटनाएं भी बडे़ पैमाने पर होती हैं। पिछले साल मेला स्थल में तीन जगह आगजनी की घटनाएं हुईं थीं।
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जिस पर अग्निशमन विभाग ने बमुश्किल काबू पाया था। पिछले साल की इन घटनाओं से शायद विभाग ने कोई सबक नहीं लिया तभी तो मेला शुरू होने के चार दिन बाद भी आग पाने के इंतजाम अधूरे हैं।
बता दें कि मेला स्थल पर 18 दमकल की गाड़ियां लगाई जानी हैं लेकिन अभी तक सात गाड़ियां ही उपलब्ध हो सकी हैं। एफएसओ का कहना है कि आग बुझाने के उपकरण मुहैया कराने को लखनऊ मुख्यालय को डिमांड भेज दी गई है।
आग बुझाने के जरूरी उपकरण बहुत जल्द उपलब्ध हो जाएंगें, मेला क्षेत्र में आग लगने के संभावित स्थानों पर दमकल गाड़ियों के अलावा भी पानी के अतिरिक्त टैंकरों की व्यवस्था भी रखी जाएगी।
आरके सिंह, मेला डीएसपी
हापुड़ जिले में महज तीन गाड़ियां ही उपलब्ध हैं। जबकि मेले के लिए 18 दमकल गाड़ियों की डिमांड भेजी गई है, पर अभी तक सात ही उपलब्ध हो सकी हैं।
आरके यादव, एफएसओ
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गढ़ खादर का कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला तंबुओं की महानगरी के रूप में बसता है, क्योंकि करीब 15 किलोमीटर से भी अधिक लंबी परिधि में रिजर्व पुलिस लाइन, अस्पताल, वीआईपी कैंप, थानों समेत विभिन्न सेक्टरों में लाखों श्रद्धालु तंबू गाढ़कर अपने परिवार के साथ कई दिनों तक पड़ाव डालते हैं।
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सभी परिवारों में चूल्हों पर खाना तैयार होता है। इससे यहां आगजनी की घटनाएं भी बडे़ पैमाने पर होती हैं। पिछले साल मेला स्थल में तीन जगह आगजनी की घटनाएं हुईं थीं।
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जिस पर अग्निशमन विभाग ने बमुश्किल काबू पाया था। पिछले साल की इन घटनाओं से शायद विभाग ने कोई सबक नहीं लिया तभी तो मेला शुरू होने के चार दिन बाद भी आग पाने के इंतजाम अधूरे हैं।
बता दें कि मेला स्थल पर 18 दमकल की गाड़ियां लगाई जानी हैं लेकिन अभी तक सात गाड़ियां ही उपलब्ध हो सकी हैं। एफएसओ का कहना है कि आग बुझाने के उपकरण मुहैया कराने को लखनऊ मुख्यालय को डिमांड भेज दी गई है।
आग बुझाने के जरूरी उपकरण बहुत जल्द उपलब्ध हो जाएंगें, मेला क्षेत्र में आग लगने के संभावित स्थानों पर दमकल गाड़ियों के अलावा भी पानी के अतिरिक्त टैंकरों की व्यवस्था भी रखी जाएगी।
आरके सिंह, मेला डीएसपी
हापुड़ जिले में महज तीन गाड़ियां ही उपलब्ध हैं। जबकि मेले के लिए 18 दमकल गाड़ियों की डिमांड भेजी गई है, पर अभी तक सात ही उपलब्ध हो सकी हैं।
आरके यादव, एफएसओ