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बैंकों में रहा अवकाश, एटीएम ने नहीं दिया साथ
अमर उजाला ब्यूरो/हापुड़
Updated Mon, 14 Nov 2016 08:59 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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गुरुनानक जयंती के उपलक्ष्य में बैंकों में अवकाश के बाद जिले में लगे एटीएम भी सोमवार को जवाब दे गए। अधिकांश एटीएम के तो शटर भी नहीं खुल सके, बाकी में कैश नहीं होने से लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ा।
500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने की घोषणा के बाद से ग्राहक करेंसी एक्सचेंज व पुराने नोटों को खाते में जमा कराने के लिए भारी संख्या में बैंकों पर पहुंच रहे हैं। सोमवार को गुरुनानक जयंती के मद्देनजर बैंकों में अवकाश था, ऐसे में ग्राहकों की भीड़ एटीएम पर उमड़ने लगी।
जिले के अधिकांश एटीएम के शटर दोपहर बाद तक भी नहीं खुले। जिन एटीएम के शटर खुले थे उनमें कैश ही नहीं था। जरूरी कार्य निपटाने के लिए ग्राहकों को इधर-उधर से पैसे मांगकर काम चलाना पड़ा।
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एलडीएम एपी चतुर्वेदी ने बताया कि एटीएम सुविधा को दुरस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है। सिस्टम अपडेट होते ही ग्राहकों को इस सुविधा का लाभ मिल जाएगा।
आज खुलेंगे बैंक, चार बजे तक ही मिलेगी सुविधा
अवकाश के बाद मंगलवार को सुबह 10 बजे से बैंक खुलेंगे। ग्राहकों की भीड़ के अंदेशा के चलते बैंकों में व्यवस्था दुरस्त करा दी गई है। हालांकि, मंगलवार को शाम चार बजे तक ही ग्राहकों को बैंक की सुविधा मिल सकेगी।
वहीं, एटीएम से 2000 रुपये का नोट प्राप्त करने के लिए ग्राहकों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक एपी चतुर्वेदी का कहना है कि ग्राहकों को परेशानी न हो इसकी व्यवस्था करा दी गई है।
पुराने शेड्यूल पर ही बैंक कार्य करेंगे, ग्राहकों को एटीएम से अभी 2000 रुपये का नोट नहीं मिल सकेगा, 100 रुपये के नोटों से ही उन्हें काम चलाना होगा। वहीं, भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधक सुशील कुमार ने बताया कि भीड़ से निपटने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। अतिरिक्त काउंटर खोलकर भीड़ को काबू किया जाएगा।
नोट बंदी से लोगों को परेशानी तो जरूर हो रही है, लेकिन यह फैसला कुछ लोगों के लिए राहत लेकर आया है। प्राइवेट कंपनियों, फैक्ट्रियों और स्कूलों में वेतन के लिए हर माह प्रबंधन के आगे गिड़गिड़ाने वाले कर्मचारियों की जेबें भरी हैं। ऐसे कर्मचारियों को चार से छह माह तक का वेतन एडवांस दे दिया गया है। इसके अलावा फैक्टियों ने अपने कच्चे माल के लिए भी एडवांस जमा कर दिया है।
निजी स्कूलों, कंपनियों और फैक्टियों में कार्य करने वाले कर्मचारियों के समक्ष वेतन को लेकर समस्या रहती थी। कर्मचारियों का वेतन एक दो महीने रोककर भुगतान किया जाता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय के बाद जमाखोरों से तिजोरियों में लगे ताले खुल गए।
धन को ठिकाने लगाने की ऐसी आपाधापी मची कि निजी कंपनी कर्मचारियों की मौज आ गई। जिले में कई निजी कॉलेज, कंपनी और फैक्ट्रियां ऐसी हैं जहां कर्मचारियों को चार से छह माह का वेतन एडवांस दे दिया गया है। इसके अलावा फैक्ट्री मलिकों ने पुराने नोटों को बदलने के चक्कर में कच्चे माल व दूसरी जरूरतों के लिए एडवांस में धनराशि जमा कर दी है।
गांव दतैड़ी में आप कार्यकर्ताओं ने बैठक की। बैठक को संबोधित करते हुए वेस्ट यूपी संगठन प्रभारी सीएम चौहान ने कहा कि आज आम आदमी परेशान है और भाजपा नोटों पर नौटंकी करने पर लगी है। बैंकों के बाहर कौन सा भाजपा नेता खड़ा है।
नोट बंद करना देश के लिए अच्छा है, लेकिन उसकी पूरी व्यवस्था क्यों नहीं की गई। सीएम चौहान ने कहा कि आज सब्जी, अनाज, दूध और मरीज इलाज के लिए परेशान हैं। मोदी थाईलैंड और जापान में धूम रहे हैं।
बैठक खत्म होने के बाद कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते प्रदर्शन किया। इस दौरान जिला सयोजक डा. पंकज पाठक, राजनीता रावल, प्रमोद रावल, राकेश, राजेश चौधरी मौजूद रहे।
दिव्यांगों के लिए अलग काउंटर खुलने से मिलेगी राहत
डिसएबल्ड हेल्पलाइन फांउडेशन चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक पंडित विकास शर्मा ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर को पत्र भेजकर दिव्यांगों के लिए पुराने नोट बदलने के लिए अलग से काउंटर की व्यवस्था करने के फैसले पर धन्यवाद देते हुए पत्र भेजा है।
पत्र में पंडित विकास शर्मा ने बताया कि एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद होने के बाद उन्होंने दिव्यांगों की परेशानी को देखते हुए आरबीआई के गर्वनर को पूर्व में पत्र भेजा था। इसके बाद वित्त मंत्री ने दिव्यांगों के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था कर दी है। उन्होंने पत्र भेजकर आरबीआई के गर्वनर को धन्यवाद दिया है।
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500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने की घोषणा के बाद से ग्राहक करेंसी एक्सचेंज व पुराने नोटों को खाते में जमा कराने के लिए भारी संख्या में बैंकों पर पहुंच रहे हैं। सोमवार को गुरुनानक जयंती के मद्देनजर बैंकों में अवकाश था, ऐसे में ग्राहकों की भीड़ एटीएम पर उमड़ने लगी।
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जिले के अधिकांश एटीएम के शटर दोपहर बाद तक भी नहीं खुले। जिन एटीएम के शटर खुले थे उनमें कैश ही नहीं था। जरूरी कार्य निपटाने के लिए ग्राहकों को इधर-उधर से पैसे मांगकर काम चलाना पड़ा।
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एलडीएम एपी चतुर्वेदी ने बताया कि एटीएम सुविधा को दुरस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है। सिस्टम अपडेट होते ही ग्राहकों को इस सुविधा का लाभ मिल जाएगा।
आज खुलेंगे बैंक, चार बजे तक ही मिलेगी सुविधा
अवकाश के बाद मंगलवार को सुबह 10 बजे से बैंक खुलेंगे। ग्राहकों की भीड़ के अंदेशा के चलते बैंकों में व्यवस्था दुरस्त करा दी गई है। हालांकि, मंगलवार को शाम चार बजे तक ही ग्राहकों को बैंक की सुविधा मिल सकेगी।
वहीं, एटीएम से 2000 रुपये का नोट प्राप्त करने के लिए ग्राहकों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक एपी चतुर्वेदी का कहना है कि ग्राहकों को परेशानी न हो इसकी व्यवस्था करा दी गई है।
पुराने शेड्यूल पर ही बैंक कार्य करेंगे, ग्राहकों को एटीएम से अभी 2000 रुपये का नोट नहीं मिल सकेगा, 100 रुपये के नोटों से ही उन्हें काम चलाना होगा। वहीं, भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधक सुशील कुमार ने बताया कि भीड़ से निपटने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। अतिरिक्त काउंटर खोलकर भीड़ को काबू किया जाएगा।
नोट बंदी से लोगों को परेशानी तो जरूर हो रही है, लेकिन यह फैसला कुछ लोगों के लिए राहत लेकर आया है। प्राइवेट कंपनियों, फैक्ट्रियों और स्कूलों में वेतन के लिए हर माह प्रबंधन के आगे गिड़गिड़ाने वाले कर्मचारियों की जेबें भरी हैं। ऐसे कर्मचारियों को चार से छह माह तक का वेतन एडवांस दे दिया गया है। इसके अलावा फैक्टियों ने अपने कच्चे माल के लिए भी एडवांस जमा कर दिया है।
निजी स्कूलों, कंपनियों और फैक्टियों में कार्य करने वाले कर्मचारियों के समक्ष वेतन को लेकर समस्या रहती थी। कर्मचारियों का वेतन एक दो महीने रोककर भुगतान किया जाता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय के बाद जमाखोरों से तिजोरियों में लगे ताले खुल गए।
धन को ठिकाने लगाने की ऐसी आपाधापी मची कि निजी कंपनी कर्मचारियों की मौज आ गई। जिले में कई निजी कॉलेज, कंपनी और फैक्ट्रियां ऐसी हैं जहां कर्मचारियों को चार से छह माह का वेतन एडवांस दे दिया गया है। इसके अलावा फैक्ट्री मलिकों ने पुराने नोटों को बदलने के चक्कर में कच्चे माल व दूसरी जरूरतों के लिए एडवांस में धनराशि जमा कर दी है।
गांव दतैड़ी में आप कार्यकर्ताओं ने बैठक की। बैठक को संबोधित करते हुए वेस्ट यूपी संगठन प्रभारी सीएम चौहान ने कहा कि आज आम आदमी परेशान है और भाजपा नोटों पर नौटंकी करने पर लगी है। बैंकों के बाहर कौन सा भाजपा नेता खड़ा है।
नोट बंद करना देश के लिए अच्छा है, लेकिन उसकी पूरी व्यवस्था क्यों नहीं की गई। सीएम चौहान ने कहा कि आज सब्जी, अनाज, दूध और मरीज इलाज के लिए परेशान हैं। मोदी थाईलैंड और जापान में धूम रहे हैं।
बैठक खत्म होने के बाद कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते प्रदर्शन किया। इस दौरान जिला सयोजक डा. पंकज पाठक, राजनीता रावल, प्रमोद रावल, राकेश, राजेश चौधरी मौजूद रहे।
दिव्यांगों के लिए अलग काउंटर खुलने से मिलेगी राहत
डिसएबल्ड हेल्पलाइन फांउडेशन चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक पंडित विकास शर्मा ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर को पत्र भेजकर दिव्यांगों के लिए पुराने नोट बदलने के लिए अलग से काउंटर की व्यवस्था करने के फैसले पर धन्यवाद देते हुए पत्र भेजा है।
पत्र में पंडित विकास शर्मा ने बताया कि एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद होने के बाद उन्होंने दिव्यांगों की परेशानी को देखते हुए आरबीआई के गर्वनर को पूर्व में पत्र भेजा था। इसके बाद वित्त मंत्री ने दिव्यांगों के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था कर दी है। उन्होंने पत्र भेजकर आरबीआई के गर्वनर को धन्यवाद दिया है।