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डिलीवरी के बाद जच्चा की मौत
अमर उजाला, गढ़
Updated Wed, 20 Jan 2016 12:05 AM IST
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प्रसव के बाद महिला का रक्तस्राव नहीं रुक पाया। चार घंटे तक उसे उपचार दिया जाता रहा लेकिन सफलता नहीं मिली। हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ रेफर किया गया लेकिन बीच रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया।
एसडीएम और सीएमओ ने मामले की जांच की बात कही है। उधर, सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि महिला पीपीएच बीमारी से पीड़ित थी इसमें डिलीवरी के बाद अक्सर ब्लीड़िंग नहीं रूक पाती है।
गांव दौताई निवासी राहुल ठाकुर की गर्भवती पत्नी चंचल (28) को सोमवार देर शाम को दर्द उठा था। इस पर परिजन उसे मीरा रेती स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले आए और भर्ती करा दिया।
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मंगलवार की सुबह करीब सात बजे चंचल ने एक बेटे को जन्म दिया लेकिन रक्तस्राव न रुकने से जच्चा की हालत बिगड़ने लगी, करीब चार घंटों की लंबी अवधि बीतने के बाद चिकित्सकों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल में पहुंचने से पहले ही जच्चा ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
--परिजनों ने चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग की है।
जच्चा की मेरठ अस्पताल ले जाने के दौरान मौत होने पर परिजनों समेत ग्रामीणों में रोष है। ठाकुर सोमपाल सिंह, बुद्धपाल, पवन ठाकुर, नीरज ठाकुर, अशोक, कक्कू ने सीएमओ डॉ.सुभाष चंद्र गुप्ता को मोबाइल पर घटना से अवगत कराते हुए लापरवाह चिकित्सकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है। प्रधान पति राशिद चौधरी का कहना है कि अगर स्वास्थ्य विभाग ने अगर लापरवाह चिकित्सकों को बचाने की साजिश की तो वह इसके विरोध में सीएचसी का घेराव कर आंदोलन करेंगे।
इस विषय में उन्हें कोई भी जानकारी नहीं है, लेकिन अगर ऐसा हुआ है तो बेहद गंभीर मामला है। जिसकी जांच कराई जाएगी।
केबी सिंह एसडीएम
मृतका के परिजनों ने मोबाइल पर शिकायत की है। मामले की जांच होगी। जिसमें कोई भी लापरवाही सामने आने पर चिकित्सकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ.सुभाष चंद्र गुप्ता, सीएमओ
महिला पीपीएच बीमारी से पीड़ित थी। इसमें डिलीवरी के बाद अक्सर ब्लीड़िंग नहीं रूक पाती है।
डॉ. रविंद्र, सीएचसी अधीक्षक
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एसडीएम और सीएमओ ने मामले की जांच की बात कही है। उधर, सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि महिला पीपीएच बीमारी से पीड़ित थी इसमें डिलीवरी के बाद अक्सर ब्लीड़िंग नहीं रूक पाती है।
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गांव दौताई निवासी राहुल ठाकुर की गर्भवती पत्नी चंचल (28) को सोमवार देर शाम को दर्द उठा था। इस पर परिजन उसे मीरा रेती स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले आए और भर्ती करा दिया।
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मंगलवार की सुबह करीब सात बजे चंचल ने एक बेटे को जन्म दिया लेकिन रक्तस्राव न रुकने से जच्चा की हालत बिगड़ने लगी, करीब चार घंटों की लंबी अवधि बीतने के बाद चिकित्सकों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल में पहुंचने से पहले ही जच्चा ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
--परिजनों ने चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग की है।
जच्चा की मेरठ अस्पताल ले जाने के दौरान मौत होने पर परिजनों समेत ग्रामीणों में रोष है। ठाकुर सोमपाल सिंह, बुद्धपाल, पवन ठाकुर, नीरज ठाकुर, अशोक, कक्कू ने सीएमओ डॉ.सुभाष चंद्र गुप्ता को मोबाइल पर घटना से अवगत कराते हुए लापरवाह चिकित्सकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है। प्रधान पति राशिद चौधरी का कहना है कि अगर स्वास्थ्य विभाग ने अगर लापरवाह चिकित्सकों को बचाने की साजिश की तो वह इसके विरोध में सीएचसी का घेराव कर आंदोलन करेंगे।
इस विषय में उन्हें कोई भी जानकारी नहीं है, लेकिन अगर ऐसा हुआ है तो बेहद गंभीर मामला है। जिसकी जांच कराई जाएगी।
केबी सिंह एसडीएम
मृतका के परिजनों ने मोबाइल पर शिकायत की है। मामले की जांच होगी। जिसमें कोई भी लापरवाही सामने आने पर चिकित्सकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ.सुभाष चंद्र गुप्ता, सीएमओ
महिला पीपीएच बीमारी से पीड़ित थी। इसमें डिलीवरी के बाद अक्सर ब्लीड़िंग नहीं रूक पाती है।
डॉ. रविंद्र, सीएचसी अधीक्षक