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चोरी से भ्रूण जांच की तो पकड़ेगा ट्रैकर

Thu, 19 May 2016 10:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़ Updated Thu, 19 May 2016 10:01 PM IST
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If the fetus theft investigation catch Tracker.
मेडिकल - फोटो : demo pic

कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए अल्ट्रासाउंड मशीनों पर ट्रैकर लगवाने में झांसी के बाद प्रदेश में हापुड़ को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। जिले में गिरते लिंगानुपात पर गंभीर शासन ने स्वास्थ्य, प्रशासनिक अफसरों को यह पहल शुरू करने के निर्देश दिए थे।

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स्वास्थ्य अफसर शत प्रतिशत मशीनों पर ट्रैकर लगवा दिए जाने का दावा कर रहे हैं। बता दें कि जिले में लिंगानुपात 1000/850 है। जिले में चोरी छिपे चल रहे भ्रूण जांच के काले धंधे ने लड़का, लड़की लिंगानुपात को असंतुलित कर दिया है।
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स्वास्थ्य अफसर आए दिन अल्ट्रासाउंड सेंटरों का निरीक्षण कर जिले में ऐसा कार्य न होने का दावा करते रहे हैं। लेकिन बीते दिनों बहादुरगढ़ क्षेत्र में एक फार्म में चलते मिले इस गोरखधंधे ने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। 
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आलम यह है कि जिले में लिंगानुपात 1000 लड़कों के सापेक्ष में 850 लड़कियां हैं। मामले की गंभीरता पर शासन ने स्वास्थ्य, प्रशासनिक अफसरों को अल्ट्रासाउंड मशीनों पर ट्रैकर लगवाने के निर्देश दिए थे।

स्वास्थ्य अफसर शत प्रतिशत मशीनों पर ट्रैकर लगवा दिए जाने का दावा कर रहे हैं। इतना ही नहीं मशीनों पर ट्रैकर लगवाने के मामले में झांसी के बाद प्रदेश में हापुड़ को दूसरा स्थान मिला है।

बता दें कि ट्रैकर के माध्यम से स्वास्थ्य अफसर सर्वर के द्वारा मशीनों पर हुई जांच का जायजा ले सकेंगे। डिप्टी सीएमओ डा. राकेश अनुरागी का कहना है कि जिले में भ्रूण जांच को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अल्ट्रासाउंड मशीनों पर ट्रैकर लग चुके हैं, समय-समय पर जांच अभियान जारी रहेगा।

जिला प्रशासन के तमाम दावों और प्रयासों के बावजूद रेलवे रोड पर एक महिला चिकित्सक के यहां चार हजार रुपये में कन्या भ्रूण की जांच की जाती है। इस संबंध में लिखित में कुछ नहीं दिया जाता बल्कि सब कुछ मौखिक चलता है।


इस धंधे को करने वाले चिकित्सक एक अल्ट्रासाउन्ड मशीन का रजिस्ट्रेशन करा लेते हैं जबकि गुप्त रखी गयी दूसरी मशीन  पर जांच कर अपना धंधा करते हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि वहां कन्या भ्रूण की जांच सीधे नहीं कराई जा सकती बल्कि महिला दलाल को साथ लाना पड़ता है। 

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