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एचपीडीए की अधिग्रहण नीति के विरोध में सड़क पर उतरे लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Tue, 30 Aug 2016 08:24 PM IST
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भवन बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में निकाला जुलूस
- फोटो : अमर उजाला
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आनंद विहार योजना के तहत आसपास के आवासीय व व्यवसायिक भवनों की भूमि अधिग्रहण के विरोध में भवन बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में लोगों ने एचपीडीए के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत एचपीडीए कार्यालय पहुंचकर लोगों ने हंगामा किया।
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साथ ही प्राधिकरण के सचिव को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में छह सितंबर तक हर हाल में निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया। हंगामे के चलते घंटों तक प्राधिकरण के अधिकारियों की सांसे अटकी रहीं।
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मंगलवार सुबह समिति के नेतृत्व में सबली गांव के पास स्थित प्रतिष्ठान के बाहर सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। फिर हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर जुलूस की शक्ल में एचपीडीए की ओर बढ़े। इस दौरान लोग एचपीडीए के अधिग्रहण नीति के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
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रैली के रूप में प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे लोगों को पुलिस ने मुख्य गेट पर ही रोक लिया। इससे गुस्साए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीण अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की जिद पर अड़ गए। काफी हंगामे के बाद प्राधिकरण परिसर का गेट खोल दिया गया।
लोगों के बुलावे पर प्राधिकरण सचिव विश्वजीत राय ज्ञापन लेने पहुंचे। इस दौरान समिति के अध्यक्ष ललित छावनी वाले ने कहा कि एचपीडीए 2005 के शासनादेश की अनदेखी कर आनंद विहार योजना में सबली, अच्छैजा, चमरी के दिल्ली रोड स्थित आवासीय व व्यवसायिक भवनों का मनमाने तरीके से अधिग्रहण करना चाहती है।
जबकि प्राधिकरण के गठन से पहले ही यह भवन बना लिए गए थे। भवन स्वामियों के पास स्वीकृत मानचित्र, हाऊस टैक्स, बिजली कनेक्शन, सैल टैक्स रजिस्ट्रेशन के सब साक्ष्य मौजूद हैं।
समिति के सचिव सुनील गोयल ने कहा कि प्राधिकरण आठ सौ रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से भूमि अधिग्रहण कर 12 हजार रुपये में बिल्डरों को बेचना चाहता है। प्राधिकरण के इस कदम से तीन सौ से अधिक दुकानों और फैक्ट्री कामगार बेरोजगार हो जाएंगे।
ऐसे में इस क्षेत्र को अधिग्रहण से मुक्त किया जाए। समिति ने चेतावनी देते हुए कहा कि छह सितंबर तक प्राधिकरण ने समिति के पक्ष में निर्णय नहीं लिया तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
प्राधिकरण के सचिव विश्वजीत राय ने कहा कि लोगों की शिकायत पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए चार सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी गई है। प्रभावित लोगों से बातचीत के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
जुलूस और प्रदर्शन के चलते मंगलवार को प्रभावित लोगों ने अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी बंद रखे। बंद को अधिकतर लोगों ने समर्थन किया।
योजना से प्रभावित निजामुद्दीन ने दो दिन पहले मंगलवार को एचपीडीए परिसर में आत्मदाह की चेतावनी दी थी। इसको गंभीरता से लेते हुए कोतवाली पुलिस ने सोमवार देर रात निजामुद्दीन को हिरासत में ले लिया। बाद में संभ्रांत लोगों के हस्तक्षेप के बाद उसे सुबह छोड़ दिया गया।
लोगों के सड़क पर उतरने से दिल्ली रोड पर जाम जैसे हालात रहे। हालांकि पुलिस बल तैनात रहने के कारण वाहनों को व्यवस्थित तरीके से निकालने का प्रयास किया गया लेकिन काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा।