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Hapur News: नाबालिग के अपहरण के दो को कारावास की सजा
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नाबालिग के अपहरण में दो को कारावास
हापुड़। अपर जिला जज /विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने नाबालिग का अपहरण करने के दो दोषियों को चार-चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने दोषियों पर 12 -12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया की 12 मार्च 2016 को थाना हाफिजपुर में एक व्यक्ति ने तहरीर दी। तहरीर में उसने कहा कि वह 10 मार्च 2016 को घर से बाहर काम पर गया था। घर पर उसकी पत्नी और 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री उपस्थित थी। इस दौरान ही गांव बझैड़ा कला निवासी हसरत उर्फ पोटन पुत्र वकील व रहीस पुत्र शब्बीर मेरे घर आए और मेरी नाबालिग पुत्री को अपने साथ ले गए। जब काफी समय तक मेरी पुत्री घर वापस नहीं आई तो मेरी पत्नी ने मुझे उसकी सूचना दी। मेरे घर आने पर पत्नी ने पूरी घटना के बारे में बताया। हमने अपनी पुत्री की काफी तलाश की। तलाश करने के दौरान कुछ ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने उसकी पुत्री को हसरत व रहीस को गांव से बाहर ले जाते देखा है। पुलिस ने मामले की अपहरण सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने मामले में बुधवार को निर्णय सुनाया। अर्थदंड न देने पर दोषियों को दो-दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साथ ही न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
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हापुड़। अपर जिला जज /विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने नाबालिग का अपहरण करने के दो दोषियों को चार-चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने दोषियों पर 12 -12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया की 12 मार्च 2016 को थाना हाफिजपुर में एक व्यक्ति ने तहरीर दी। तहरीर में उसने कहा कि वह 10 मार्च 2016 को घर से बाहर काम पर गया था। घर पर उसकी पत्नी और 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री उपस्थित थी। इस दौरान ही गांव बझैड़ा कला निवासी हसरत उर्फ पोटन पुत्र वकील व रहीस पुत्र शब्बीर मेरे घर आए और मेरी नाबालिग पुत्री को अपने साथ ले गए। जब काफी समय तक मेरी पुत्री घर वापस नहीं आई तो मेरी पत्नी ने मुझे उसकी सूचना दी। मेरे घर आने पर पत्नी ने पूरी घटना के बारे में बताया। हमने अपनी पुत्री की काफी तलाश की। तलाश करने के दौरान कुछ ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने उसकी पुत्री को हसरत व रहीस को गांव से बाहर ले जाते देखा है। पुलिस ने मामले की अपहरण सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने मामले में बुधवार को निर्णय सुनाया। अर्थदंड न देने पर दोषियों को दो-दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साथ ही न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
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