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जिले में शहीदों के नाम जाने जाएंगे अमृत सरोवर पार्क
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जिले में शहीदों के नाम जाने जाएंगे अमृत सरोवर पार्क
हापुड़। जिले में बनाए जा रहे अमृत सरोवर की ओर लोग जब भी देखेंगे तो वह उन्हें देशभक्ति का जोश दिलाएगा। वहीं, लोग उन वीर शहीदों से भी परिचित होंगे जिन्होंने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपना बलिदान दे दिया। अमृत सरोवरों में तब्दील करने के लिए 75 तालाबों को चिन्हित किया गया है। इनमें से करीब 30 स्थानों पर अमृत सरोवर पार्क बनाने के लिए कार्य भी चल रहा है। मानसून से पहले तालाबों के निर्माण में तेजी भी आ गई है।
जिले में चिन्हित किए गए अमृत सरोवरों पार्कों के नाम वीर शहीदों के नाम पर रखे जाएंगे। अमृत सरोवर जब विकसित होकर तैयार होंगे, तब शहीद का चित्र, उनका विवरण लिखा जाएगा, ताकि नई पीढ़ियों को पता चल सके कि उनकी आजादी में किन वीर सपूतों का हाथ था। वहीं, राष्ट्रीय पर्व अमृत सरोवर के किनारे ही होंगे।
अमृत सरोवरों पर ध्वजारोहण स्तंभ बनेंगे। हर राष्ट्रीय कार्यक्रम में राष्ट्र ध्वज यहीं फहराया जाएगा। कार्यक्रमों में शामिल होने वाले ग्रामीणों के बैठने की व्यवस्था होगी। सरोवर छायादार वृक्षों से आच्छादित होंगे। शहीदों व महापुरुषों के चित्रों से अमृत सरोवरों को सुसज्जित किया जाएगा। समय-समय पर ग्रामीण युवाओं को शहीदों की वीर गाथा की जानकारी देने की व्यवस्था रहेगी।
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पूर्व सैनिक संघ ने की थी मांग
पूर्व सैनिक संघ के पदाधिकारियों ने हाल ही में सीडीओ से अमृत सरोवर का नाम वीर शहीदों के नाम पर रखने के लिए मांग की थी। सीडीओ प्रेरणा सिंह ने उन्हें अमृत सरोवर का शहीदों के नाम पर रखने का आश्वासन दिया था।
अमृत सरोवर पर होंगे यह कार्य
अमृत सरोवर पर पैदल ट्रैक, सीटें, गमले, पार्क, हैज, फुलवारी, बगीचा, बैरिकेडिंग फव्वारा, तालाब के अंदर जाने के लिए सीढ़ियां, जाल बनेगा। झंडा रोहण व इंट्री के लिए अलग से प्वाइंट, स्क्रीन एवं सिल्ट चैंबर भी बनाया जाएगा। जल निकासी की व्यवस्था रहेगी।
30 तालाबों पर चल रहा है कार्य
सीडीओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि जिले में अमृत सरोवर के लिए चिन्हित किए गए 75 तालाबों में से 30 तालाबों पर खोदाई कार्य भी शुरू करा दिया गया है। जल्द ही इनका कार्य पूरा हो जाएगा और लोगों के लिए इन पार्कों को खोल दिया जाएगा।
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हापुड़। जिले में बनाए जा रहे अमृत सरोवर की ओर लोग जब भी देखेंगे तो वह उन्हें देशभक्ति का जोश दिलाएगा। वहीं, लोग उन वीर शहीदों से भी परिचित होंगे जिन्होंने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपना बलिदान दे दिया। अमृत सरोवरों में तब्दील करने के लिए 75 तालाबों को चिन्हित किया गया है। इनमें से करीब 30 स्थानों पर अमृत सरोवर पार्क बनाने के लिए कार्य भी चल रहा है। मानसून से पहले तालाबों के निर्माण में तेजी भी आ गई है।
जिले में चिन्हित किए गए अमृत सरोवरों पार्कों के नाम वीर शहीदों के नाम पर रखे जाएंगे। अमृत सरोवर जब विकसित होकर तैयार होंगे, तब शहीद का चित्र, उनका विवरण लिखा जाएगा, ताकि नई पीढ़ियों को पता चल सके कि उनकी आजादी में किन वीर सपूतों का हाथ था। वहीं, राष्ट्रीय पर्व अमृत सरोवर के किनारे ही होंगे।
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अमृत सरोवरों पर ध्वजारोहण स्तंभ बनेंगे। हर राष्ट्रीय कार्यक्रम में राष्ट्र ध्वज यहीं फहराया जाएगा। कार्यक्रमों में शामिल होने वाले ग्रामीणों के बैठने की व्यवस्था होगी। सरोवर छायादार वृक्षों से आच्छादित होंगे। शहीदों व महापुरुषों के चित्रों से अमृत सरोवरों को सुसज्जित किया जाएगा। समय-समय पर ग्रामीण युवाओं को शहीदों की वीर गाथा की जानकारी देने की व्यवस्था रहेगी।
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पूर्व सैनिक संघ ने की थी मांग
पूर्व सैनिक संघ के पदाधिकारियों ने हाल ही में सीडीओ से अमृत सरोवर का नाम वीर शहीदों के नाम पर रखने के लिए मांग की थी। सीडीओ प्रेरणा सिंह ने उन्हें अमृत सरोवर का शहीदों के नाम पर रखने का आश्वासन दिया था।
अमृत सरोवर पर होंगे यह कार्य
अमृत सरोवर पर पैदल ट्रैक, सीटें, गमले, पार्क, हैज, फुलवारी, बगीचा, बैरिकेडिंग फव्वारा, तालाब के अंदर जाने के लिए सीढ़ियां, जाल बनेगा। झंडा रोहण व इंट्री के लिए अलग से प्वाइंट, स्क्रीन एवं सिल्ट चैंबर भी बनाया जाएगा। जल निकासी की व्यवस्था रहेगी।
30 तालाबों पर चल रहा है कार्य
सीडीओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि जिले में अमृत सरोवर के लिए चिन्हित किए गए 75 तालाबों में से 30 तालाबों पर खोदाई कार्य भी शुरू करा दिया गया है। जल्द ही इनका कार्य पूरा हो जाएगा और लोगों के लिए इन पार्कों को खोल दिया जाएगा।