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नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास की सजा
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नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास की सजा
हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट तृतीय ने दलित नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में एक आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 21 हजार पांच सौ रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट की विशेष लोक अभियोजक करुणा नागर ने बताया कि गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दलित व्यक्ति ने कोतवाली में तहरीर दी। जिसमें उसने कहा कि 26 जनवरी 2017 को उसकी नाबालिग पुत्री शौच के लिए जंगल में गई थी। जहां से गांव माछरा थाना किठौर जिला मेरठ निवासी दिनेश पुत्र रुपचंद उसकी पुत्री का अपहरण कर ले गया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर नाबालिग किशोरी को भी बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले की जांच व किशोरी के बयान के बाद आरोपी पर अपहरण, दुष्कर्म के साथ ही अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया। पीड़िता के नाबालिग होने के कारण मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट तृतीय में चल रही थी। जिसमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश कमलेश कुमार ने शनिवार को आरोपी दिनेश को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने दोषी को अपहरण के मामले में सात वर्ष व दुष्कर्म के मामले में दस वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट तृतीय ने दलित नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में एक आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 21 हजार पांच सौ रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट की विशेष लोक अभियोजक करुणा नागर ने बताया कि गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दलित व्यक्ति ने कोतवाली में तहरीर दी। जिसमें उसने कहा कि 26 जनवरी 2017 को उसकी नाबालिग पुत्री शौच के लिए जंगल में गई थी। जहां से गांव माछरा थाना किठौर जिला मेरठ निवासी दिनेश पुत्र रुपचंद उसकी पुत्री का अपहरण कर ले गया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर नाबालिग किशोरी को भी बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले की जांच व किशोरी के बयान के बाद आरोपी पर अपहरण, दुष्कर्म के साथ ही अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया। पीड़िता के नाबालिग होने के कारण मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट तृतीय में चल रही थी। जिसमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश कमलेश कुमार ने शनिवार को आरोपी दिनेश को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने दोषी को अपहरण के मामले में सात वर्ष व दुष्कर्म के मामले में दस वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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