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नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष की सजा
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नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष की सजा
हापुड़। अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाया। जिसमें न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कारवास की सजा सुनाई। साथ ही 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी ने कोतवाली में तहरीर दी। जिसमें उसने कहा कि 21 मार्च 2014 की सुबह वह मजदूरी करने के लिए घर से चलाया गया। उसके बाद उसकी पत्नी दवा लेने के लिए घर से चली गई। तभी मोहल्ला चंदयाना वाला गढ़मुक्तेश्वर निवासी कलवा उसकी नाबालिग पुत्री का अपहरण ले गया। जिस पर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर नाबालिग किशोरी को भी बरामद कर लिया। किशोरी के बयान के बाद पुलिस ने अपहरण के साथ ही दुष्कर्म का मामला दर्ज किया और मामले का आरोप पत्र न्यायालय में पेश किए। मामले की सुनवाई अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट में चल रही थी। जिसमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने आरोपी कलवा को दोषी करार दिया। अर्थदंड न देने की दंशा में दोषी को ढाई वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को देने के आदेश भी किए। साथ ही न्यायाधीश ने पीड़िता को एक लाख रुपए की धनराशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा देने के आदेश भी किए। प्राधिकरण के पास फंड न होने पर जिलाधिकारी एक माह में उक्त राशि पीड़िता को देने को कहा है।
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हापुड़। अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाया। जिसमें न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कारवास की सजा सुनाई। साथ ही 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी ने कोतवाली में तहरीर दी। जिसमें उसने कहा कि 21 मार्च 2014 की सुबह वह मजदूरी करने के लिए घर से चलाया गया। उसके बाद उसकी पत्नी दवा लेने के लिए घर से चली गई। तभी मोहल्ला चंदयाना वाला गढ़मुक्तेश्वर निवासी कलवा उसकी नाबालिग पुत्री का अपहरण ले गया। जिस पर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर नाबालिग किशोरी को भी बरामद कर लिया। किशोरी के बयान के बाद पुलिस ने अपहरण के साथ ही दुष्कर्म का मामला दर्ज किया और मामले का आरोप पत्र न्यायालय में पेश किए। मामले की सुनवाई अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट में चल रही थी। जिसमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने आरोपी कलवा को दोषी करार दिया। अर्थदंड न देने की दंशा में दोषी को ढाई वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को देने के आदेश भी किए। साथ ही न्यायाधीश ने पीड़िता को एक लाख रुपए की धनराशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा देने के आदेश भी किए। प्राधिकरण के पास फंड न होने पर जिलाधिकारी एक माह में उक्त राशि पीड़िता को देने को कहा है।
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