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सख्ती: डीएम ने आठ विभागों को जारी किए नोटिस, मांगा स्पष्टीकरण
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सख्ती: डीएम ने आठ विभागों को जारी किए नोटिस, मांगा स्पष्टीकरण
हापुड़। धौलाना यूपीएसआईडीसी क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट के मामले में लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ प्रशासन सख्त हो गया है। डीएम मेधा रूपम ने लापरवाही बरतने पर आठ विभागों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। संतुष्ट जवाब न मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकतीं है।
औद्योगिक क्षेत्र के बीचोबीच करीब तीन माह से चल रही अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद 13 लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हैं। इस घटना का संज्ञान लखनऊ और दिल्ली से लिया जा रहा है। जिसके बाद मामले में जिला प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। सोमवार को मानकों ने अनुरूप न चलने पर दो फैक्टरियों को भी सील किया गया था। इसके अलावा अब ऐसे विभागों के अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है, जिनकी लापरवाही से इतना बड़ा हादसा हुआ है।
मंगलवार को डीएम मेधा रूपम ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी, उपायुक्त उद्योग/ जिला उद्योग प्रोत्साहन व उद्यमिता विकास केंद्र, क्षेत्रीय प्रबंधक उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हापुड़/ गाजियाबाद, सहायक निदेशक कारखाना गाजियाबाद, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीएसआईडीसी, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण क्षेत्र धौलाना, उपायुक्त वाणिज्यकर हापुड़ व सहायक श्रम आयुक्त हापुड़ को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। सभी विभागों से उनके द्वारा बरती गई लापरवाही का कारण पूछा गया है।
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ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता भूपेंद्र सिंह को नोटिस जारी कर पूछा है कि फैक्टरी संचालक दिलशाद द्वारा 21 किलोवाट का औद्योगिक बिजली कनेक्शन लिया हुआ है, लेकिन इसे वसीम के नाम पर ट्रांसफर नहीं कराया गया। हालांकि अधिकारियों का तर्क है कि ऊर्जा निगम को बिजली लाइन और मीटर चेक करने का अधिकार है, वह सब सही है। इसी प्रकार श्रम विभाग से पूछा गया है कि फैक्टरी में मौजूद मजदूरों के रजिस्ट्रेशन क्यों नहीं कराए गए थे। कुल मिलाकर नोटिस के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोट-
डीएम मेधा रूपम ने बताया कि मामले में इन विभागों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इस मामले में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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हापुड़। धौलाना यूपीएसआईडीसी क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट के मामले में लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ प्रशासन सख्त हो गया है। डीएम मेधा रूपम ने लापरवाही बरतने पर आठ विभागों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। संतुष्ट जवाब न मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकतीं है।
औद्योगिक क्षेत्र के बीचोबीच करीब तीन माह से चल रही अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद 13 लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हैं। इस घटना का संज्ञान लखनऊ और दिल्ली से लिया जा रहा है। जिसके बाद मामले में जिला प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। सोमवार को मानकों ने अनुरूप न चलने पर दो फैक्टरियों को भी सील किया गया था। इसके अलावा अब ऐसे विभागों के अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है, जिनकी लापरवाही से इतना बड़ा हादसा हुआ है।
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मंगलवार को डीएम मेधा रूपम ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी, उपायुक्त उद्योग/ जिला उद्योग प्रोत्साहन व उद्यमिता विकास केंद्र, क्षेत्रीय प्रबंधक उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हापुड़/ गाजियाबाद, सहायक निदेशक कारखाना गाजियाबाद, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीएसआईडीसी, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण क्षेत्र धौलाना, उपायुक्त वाणिज्यकर हापुड़ व सहायक श्रम आयुक्त हापुड़ को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। सभी विभागों से उनके द्वारा बरती गई लापरवाही का कारण पूछा गया है।
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ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता भूपेंद्र सिंह को नोटिस जारी कर पूछा है कि फैक्टरी संचालक दिलशाद द्वारा 21 किलोवाट का औद्योगिक बिजली कनेक्शन लिया हुआ है, लेकिन इसे वसीम के नाम पर ट्रांसफर नहीं कराया गया। हालांकि अधिकारियों का तर्क है कि ऊर्जा निगम को बिजली लाइन और मीटर चेक करने का अधिकार है, वह सब सही है। इसी प्रकार श्रम विभाग से पूछा गया है कि फैक्टरी में मौजूद मजदूरों के रजिस्ट्रेशन क्यों नहीं कराए गए थे। कुल मिलाकर नोटिस के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोट-
डीएम मेधा रूपम ने बताया कि मामले में इन विभागों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इस मामले में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।