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यूपीएसआईडीसी में 1500 फैक्टरी, मानक 40 फीसदी के भी पूरे नहीं
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यूपीएसआईडीसी में 1500 फैक्टरी, मानक 40 फीसदी के भी पूरे नहीं
हापुड़। यूपीएसआईडीसी में 1500 से ज्यादा फैक्टरी लगी हैं, लेकिन मानक 40 फीसदी के भी पूरे नहीं हैं। दो दशक से उद्यमी फायर स्टेशन की मांग उठा रहे हैं, जो आज तक पूरी नहीं हो सकी। शनिवार को भी घटना के दो घंटे बाद दमकल की गाड़ियां पहुंची।
औद्योगिक इकाईयों के संचालन से पहले मानकों को पूरा करना जरूरी होता है। लेकिन यूपीएसआईडीसी में ऐसे आदेशों को ठेंगा दिखाया जाता है। गोरखधंधा ऐसा है कि प्लॉट किसी अन्य काम के लिए पंजीकृत है और उसमें काम दूसरा हो रहा है। क्षेत्र भले ही हापुड़ की सीमा में है, लेकिन निगरानी गाजियाबाद के अधिकारियों की होती है। पिछले कुछ दिनों में फैक्टरियों में हुए हादसों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
आगजनी की घटनाओं से नहीं लिया सबक -
करोड़ों का राजस्व देने वाले औद्योगिक क्षेत्र में दमकल वाहन, एंबुलेंस व अस्पताल जैसी सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। किसी आपात स्थिति में यहां राहत एवं बचाव कार्यों में मुश्किल आती है। एमजीआर इंडस्ट्रियलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव अकील अहमद उफ़ॱर बबलू चौधरी का कहना है कि आपात स्थिति में यहां राहत एवं बचाव कार्यों में मुश्किल आती है। औद्योगिक क्षेत्र में करीब सवा सौ ऐसी फैक्ट्री हैं जिनमें बायलर लगे हुए हैं। जिनमें कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
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हापुड़। यूपीएसआईडीसी में 1500 से ज्यादा फैक्टरी लगी हैं, लेकिन मानक 40 फीसदी के भी पूरे नहीं हैं। दो दशक से उद्यमी फायर स्टेशन की मांग उठा रहे हैं, जो आज तक पूरी नहीं हो सकी। शनिवार को भी घटना के दो घंटे बाद दमकल की गाड़ियां पहुंची।
औद्योगिक इकाईयों के संचालन से पहले मानकों को पूरा करना जरूरी होता है। लेकिन यूपीएसआईडीसी में ऐसे आदेशों को ठेंगा दिखाया जाता है। गोरखधंधा ऐसा है कि प्लॉट किसी अन्य काम के लिए पंजीकृत है और उसमें काम दूसरा हो रहा है। क्षेत्र भले ही हापुड़ की सीमा में है, लेकिन निगरानी गाजियाबाद के अधिकारियों की होती है। पिछले कुछ दिनों में फैक्टरियों में हुए हादसों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
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आगजनी की घटनाओं से नहीं लिया सबक -
करोड़ों का राजस्व देने वाले औद्योगिक क्षेत्र में दमकल वाहन, एंबुलेंस व अस्पताल जैसी सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। किसी आपात स्थिति में यहां राहत एवं बचाव कार्यों में मुश्किल आती है। एमजीआर इंडस्ट्रियलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव अकील अहमद उफ़ॱर बबलू चौधरी का कहना है कि आपात स्थिति में यहां राहत एवं बचाव कार्यों में मुश्किल आती है। औद्योगिक क्षेत्र में करीब सवा सौ ऐसी फैक्ट्री हैं जिनमें बायलर लगे हुए हैं। जिनमें कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
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