फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   hapur news

सीएचसी में नहीं हो रही गर्भवती महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 21 Feb 2022 10:44 PM IST
विज्ञापन
hapur news
गढ़ रोड सीएचसी में बैठी गर्भवती महिलाये संवाद - फोटो : HAPUR
सीएचसी में नहीं हो रही गर्भवती महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी
विज्ञापन

हापुड़। गढ़ रोड सीएचसी में सर्जन के इस्तीफा देने से प्रसूताओं के ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। सामान्य सर्जरी वाले भी भटक रहे हैं। जिनकी छोटी सर्जरी होनी है, उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है, लेकिन गंभीर श्रेणी वाली प्रसूताओं को बाहर के अस्पतालों में रेफर करना पड़ रहा है। बीते एक महीने से यह समस्या है, सीएचसी अधीक्षक ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया है।
जिला अस्पताल में सृजन चिकित्सक की नियुक्ति शासन से हुई है, लेकिन यहां मरीजों के कम आने के कारण अब तक चार से पांच सर्जरी ही हो सकी हैं। गढ़ रोड सीएचसी में जिले के समस्त अस्पतालों से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इस अस्पताल में एक मात्र सर्जन के होने के बावजूद हर महीने 10 से अधिक सर्जरी की जाती थी। गर्भवती महिलाएं यहीं उपचार के लिए अधिक संख्या में पहुंचती हैं।
विज्ञापन

लेकिन शासन से नियुक्त हुए सर्जन डॉ. अंसारी ने व्यक्तिगत कारणों के चलते करीब एक महीने पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जबकि इससे पहले नियुक्त सर्जन का तबादला हो गया। अब अस्पताल में एक भी सर्जन नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दूर दराज से गर्भवती महिलाएं प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचती हैं। जिनको सामान्य प्रसव होते हैं, उन्हें तो भर्ती कर लिया जाता है। लेकिन जिन्हें ऑपरेशन की जरूरत होती है, चिकित्सक अपने हाथ खींच लेते हैं और कहीं दूसरे अस्पताल में ऑपरेशन कराने की सलाह दी जाती है। जिन महिलाओं को कम पीड़ा है, उन्हें हाल ही के कुछ दिनों से जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। जबकि जिनके सिजेरियन प्रसव होेने होते हैं उन्हें बाहर के अस्पतालों में रेफर किया जाता है।
प्राइवेट सर्जन का आना भी बंद
गर्भवती महिलाओं के अधिक संख्या में पहुंचने पर एक सर्जन पर्याप्त नहीं होने पर सीएचसी अधीक्षक द्वारा प्राइवेट चिकित्सकों से संपर्क किया गया। जिसके बाद उनके कहने पर प्राइवेट चिकित्सक आकर सर्जरी कर देते थे। लेकिन इस पर आरोप प्रत्यारोप होने पर उक्त सर्जन ने भी आना बंद कर दिया।
निजी अस्पतालों में 16 हजार से 40 हजार में सर्जरी
गर्भवती महिलाओं के लिए प्राइवेट अस्पतालों में सर्जरी कराना आसान नहीं है। क्योंकि सामान्य प्रसव के 16 से 25 हजार रुपये तक लिए जाते हैं, जबकि सर्जरी कर प्रसव कराने पर 40 से 60 हजार रुपये तक लिए जाते हैं। गरीब तबके की बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं सरकारी अस्पतालों में ही प्रसव कराती हैं।

उच्चाधिकारियों को भेजा पत्र
सर्जन का इस्तीफा मिलने के बाद से सर्जरी वाली प्रसूताओं को जिला अस्पताल या मेरठ रेफर कर रहे हैं। उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा चुका है, सामान्य प्रसव वाली गर्भवती महिलाओं को बेहतर सुविधा दी जा रही है। - डॉ. दिनेश खत्री, सीएचसी अधीक्षक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed