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सामुदायिक प्रसार का पता लगाने के लिए साढ़े चार हजार किशोरों के लिए नमूने
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सामुदायिक प्रसार का पता लगाने के लिए साढ़े चार हजार किशोरों के लिए नमूने
हापुड़। कोरोना की तीसरी लहर में संक्रमण के सामुदायिक प्रसार का राज जिले के साढ़े चार हजार किशोर खोलेंगे। टीकाकरण के मेगा कैंप में बृहस्पतिवार को इन किशोरों के सैंपल लिए गए हैं, जिनकी आरटीपीसीआर जांच होगी। संभवत: शनिवार तक रिपोर्ट आ जाएगी, इसके बाद ही संक्रमण पर नियंत्रण का मास्टर प्लान तैयार होगा।
जिले में कोरोना बेहद तेजी से फैल रहा है, 16 दिन के अंदर 441 मामले आ चुके हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि संक्रमण का प्रसार सामुदायिक है या नहीं। क्योंकि ट्रेवलिंग हिस्ट्री के जरिए ही अधिकांश केस मिल रहे हैं। दूसरी लहर के समय जिले में सीरो सर्वे शुरू हुआ था। लेकिन उसकी रिपोर्ट आज तक नहीं आयी।
सामुदायिक प्रसार के लिए फिर से अफसरों ने सीरो सर्वे का निर्णय लिया था। लेकिन वह शुरू नहीं हो सका। ऐसे में कोरोना टीकाकरण के लिए बृहस्पतिवार को लगे मैगा कैंप के जरिए ही स्वास्थ्य अफसरों ने संक्रमण के सामुदायिक प्रसार की हकीकत जानने का निर्णय लिया है। जिले के चारों ब्लॉकों में लगे कैंप में करीब साढ़े चार हजार किशोरों का सैंपल लिया गया। सैंपलिंग के बाद ही टीकाकरण शुरू किया।
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न हो अनियमितता, इसलिए आरटीपीसीआर के ही भरे सैंपल
एंटीजन किट से जांच में अव्यवस्था न फैले, इसके लिए सिर्फ आरटीपीसीआर सैंपल ही लिए गए। जांच के लिए सैंपल हापुड़ और मेरठ की लैब भेज दिए हैं। दो से तीन दिन के अंदर इनकी रिपोर्ट आने का दावा किया जा रहा है।
जीनोम सिक्वेंसिंग से पता चलेगा संक्रमण का स्वरूप
इस कैंप का दूसरा लाभ यह होगा कि संक्रमित मिलने वाले किशोरों के सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग होगी। इससे संक्रमण के स्वरूप की भी जानकारी मिल जाएगी। जिन क्षेत्रों के किशोरों में संक्रमण अधिक मिलेगा, उन क्षेत्रों में युद्धस्तर पर टीकाकरण और कोविड जांच का अभियान चलाया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर ही मास्टर प्लान की तैयारी है।
जांच के लिए भेजे हैं किशोरों के सैंपल
कोरोना संक्रमण की जांच के लिए किशोरों के सैंपल लिए गए हैं। आरटीपीसीआर लैब में सैंपल की जांच कराई जाएगी। इससे कोरोना के सामुदायिक प्रसार के संबंध में जानकारी की जा सकेगी। क्योंकि किशोर जिले के हर क्षेत्रों से कैंप में पहुंचे थे।
- डॉ प्रवीण शर्मा, डिप्टी सीएमओ
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हापुड़। कोरोना की तीसरी लहर में संक्रमण के सामुदायिक प्रसार का राज जिले के साढ़े चार हजार किशोर खोलेंगे। टीकाकरण के मेगा कैंप में बृहस्पतिवार को इन किशोरों के सैंपल लिए गए हैं, जिनकी आरटीपीसीआर जांच होगी। संभवत: शनिवार तक रिपोर्ट आ जाएगी, इसके बाद ही संक्रमण पर नियंत्रण का मास्टर प्लान तैयार होगा।
जिले में कोरोना बेहद तेजी से फैल रहा है, 16 दिन के अंदर 441 मामले आ चुके हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि संक्रमण का प्रसार सामुदायिक है या नहीं। क्योंकि ट्रेवलिंग हिस्ट्री के जरिए ही अधिकांश केस मिल रहे हैं। दूसरी लहर के समय जिले में सीरो सर्वे शुरू हुआ था। लेकिन उसकी रिपोर्ट आज तक नहीं आयी।
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सामुदायिक प्रसार के लिए फिर से अफसरों ने सीरो सर्वे का निर्णय लिया था। लेकिन वह शुरू नहीं हो सका। ऐसे में कोरोना टीकाकरण के लिए बृहस्पतिवार को लगे मैगा कैंप के जरिए ही स्वास्थ्य अफसरों ने संक्रमण के सामुदायिक प्रसार की हकीकत जानने का निर्णय लिया है। जिले के चारों ब्लॉकों में लगे कैंप में करीब साढ़े चार हजार किशोरों का सैंपल लिया गया। सैंपलिंग के बाद ही टीकाकरण शुरू किया।
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न हो अनियमितता, इसलिए आरटीपीसीआर के ही भरे सैंपल
एंटीजन किट से जांच में अव्यवस्था न फैले, इसके लिए सिर्फ आरटीपीसीआर सैंपल ही लिए गए। जांच के लिए सैंपल हापुड़ और मेरठ की लैब भेज दिए हैं। दो से तीन दिन के अंदर इनकी रिपोर्ट आने का दावा किया जा रहा है।
जीनोम सिक्वेंसिंग से पता चलेगा संक्रमण का स्वरूप
इस कैंप का दूसरा लाभ यह होगा कि संक्रमित मिलने वाले किशोरों के सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग होगी। इससे संक्रमण के स्वरूप की भी जानकारी मिल जाएगी। जिन क्षेत्रों के किशोरों में संक्रमण अधिक मिलेगा, उन क्षेत्रों में युद्धस्तर पर टीकाकरण और कोविड जांच का अभियान चलाया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर ही मास्टर प्लान की तैयारी है।
जांच के लिए भेजे हैं किशोरों के सैंपल
कोरोना संक्रमण की जांच के लिए किशोरों के सैंपल लिए गए हैं। आरटीपीसीआर लैब में सैंपल की जांच कराई जाएगी। इससे कोरोना के सामुदायिक प्रसार के संबंध में जानकारी की जा सकेगी। क्योंकि किशोर जिले के हर क्षेत्रों से कैंप में पहुंचे थे।
- डॉ प्रवीण शर्मा, डिप्टी सीएमओ