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40 प्रतिशत सीनियर सीटिजन के पास सुरक्षा कवच नहीं
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40 प्रतिशत सीनियर सीटिजन के पास सुरक्षा कवच नहीं
हापुड़। जिले के 40 प्रतिशत सीनियर सीटिजन टीकाकरण से दूर हैं, स्वास्थ्य विभाग के सर्वें में यह खुलासा हुआ है। यह आबादी कमजोर इम्यूनिटी वाली श्रेणी में है, जिसे शासन ने टीकाकरण के पहले ही चरण में शामिल किया था। तीसरी लहर में ऐसे लोगों पर संक्रमण भारी पड़ सकता है।
जिले में 16 जनवरी 2020 से टीकाकरण शुरू हुआ था। हेल्थ और फ्रंटलाइन वर्कर के बाद शासन ने पहले ही चरण में 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को शामिल किया था। क्योंकि इस आयु वर्ग में इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है।
लेकिन सीनियर सीटिजन ने टीकाकरण अभियान में रुचि नहीं दिखाई। यही कारण है कि जिले में करीब 40 प्रतिशत बुजुर्गों ने टीका नहीं लगवाया है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में करीब 1.39 लाख सीनियर सीटिजन को टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया था, इसमें सिर्फ 82 हजार ने टीकाकरण कराया है, जबकि 57 हजार लोगों ने टीके नहीं लगवाए हैं।
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पहली लहर में सबसे अधिक बुजुर्गों की हुई थी मौत
कोरोना की पहली लहर में 63 लोगों की जान गई थी, इसमें 90 प्रतिशत बुजुर्ग ही थी। दूसरी लहर में आंकड़ा बढ़कर 216 पहुंच गया। लेकिन इस लहर जिन बुजुर्गों ने टीकाकरण कराया था, उनकी मौत बहुत कम हुई।
स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर कर रहा अपील
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ऐसे लोगों के घर टीम को भेजकर टीका लगवाने की अपील कर रहे हैं। तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है, ऐसे में टीकाकरण न कराने वाले लोगों पर यह भारी पड़ सकती है।
जिले में टीकाकरण की स्थिति
आयु वर्ग टीकाकरण
60 साल से अधिक 135004
45 से 60 साल 281233
18 से 44 साल 756203
(नोट : टीकाकरण की संख्या पहली और दूसरी डोज लेने वालों को मिलाकर लिखी गई है।)
टीकाकरण से ही होगा बचाव
कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण और गाइडलाइन का पालन ही सबसे अच्छा उपाय है। बुजुर्ग लोग जल्द से जल्द टीकाकरण करा लें, ताकि भविष्य में उन्हें परेशानी न हो।--डॉ संजीव कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
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हापुड़। जिले के 40 प्रतिशत सीनियर सीटिजन टीकाकरण से दूर हैं, स्वास्थ्य विभाग के सर्वें में यह खुलासा हुआ है। यह आबादी कमजोर इम्यूनिटी वाली श्रेणी में है, जिसे शासन ने टीकाकरण के पहले ही चरण में शामिल किया था। तीसरी लहर में ऐसे लोगों पर संक्रमण भारी पड़ सकता है।
जिले में 16 जनवरी 2020 से टीकाकरण शुरू हुआ था। हेल्थ और फ्रंटलाइन वर्कर के बाद शासन ने पहले ही चरण में 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को शामिल किया था। क्योंकि इस आयु वर्ग में इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है।
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लेकिन सीनियर सीटिजन ने टीकाकरण अभियान में रुचि नहीं दिखाई। यही कारण है कि जिले में करीब 40 प्रतिशत बुजुर्गों ने टीका नहीं लगवाया है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में करीब 1.39 लाख सीनियर सीटिजन को टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया था, इसमें सिर्फ 82 हजार ने टीकाकरण कराया है, जबकि 57 हजार लोगों ने टीके नहीं लगवाए हैं।
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पहली लहर में सबसे अधिक बुजुर्गों की हुई थी मौत
कोरोना की पहली लहर में 63 लोगों की जान गई थी, इसमें 90 प्रतिशत बुजुर्ग ही थी। दूसरी लहर में आंकड़ा बढ़कर 216 पहुंच गया। लेकिन इस लहर जिन बुजुर्गों ने टीकाकरण कराया था, उनकी मौत बहुत कम हुई।
स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर कर रहा अपील
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ऐसे लोगों के घर टीम को भेजकर टीका लगवाने की अपील कर रहे हैं। तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है, ऐसे में टीकाकरण न कराने वाले लोगों पर यह भारी पड़ सकती है।
जिले में टीकाकरण की स्थिति
आयु वर्ग टीकाकरण
60 साल से अधिक 135004
45 से 60 साल 281233
18 से 44 साल 756203
(नोट : टीकाकरण की संख्या पहली और दूसरी डोज लेने वालों को मिलाकर लिखी गई है।)
टीकाकरण से ही होगा बचाव
कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण और गाइडलाइन का पालन ही सबसे अच्छा उपाय है। बुजुर्ग लोग जल्द से जल्द टीकाकरण करा लें, ताकि भविष्य में उन्हें परेशानी न हो।--डॉ संजीव कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।