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अधिवक्ता नियमावली में संशोधन से नाराज वकीलों ने की हड़ताल
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अधिवक्ता नियमावली में संशोधन से नाराज वकीलों ने की हड़ताल
हापुड़। बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा अधिवक्ता नियमावली में संशोधन से नाराज वकील बुधवार को हड़ताल पर रहे। कचहरी में कोई कामकाज न होने से वादकारी भी परेशान रहे। वहीं अधिवक्ताओं ने संशोधन को वापस न लेने पर संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने अधिवक्ताओं/अधिवक्ता संघों के आचरण और शिष्टाचार के संबंधित नियमों में संशोधन किए हैं। इस विषय पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने एक अधिसूचना भी जारी की है। जिसके विरोध में अधिवक्ता लामबंद हो गए हैं।
बुधवार को हापुड़ बार एसोसिएशन की एक बैठक हुई जिसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील कुमार अग्रवाल ने कहा कि बार कॉउसिंल ऑफ इंडिया द्वारा भारतीय विधिक परिषद नियमावली के दूसरे अध्याय में संशोधन प्रस्तावित है। यह प्रस्ताव देश के अधिवक्ताओं के मूल अधिकारों के खिलाफ है। केंद्रीय संघर्ष समिति मेरठ के आह्वान पर बुधवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया। सचिव अशोक कुमार गिरी ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा जारी की गई नियमावली में जो संशोधन किया गया है उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इसमें काफी औपचारिकताएं हैं, इस पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया को फिर से विचार करना चाहिए।
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प्रस्ताव का समर्थन करने वालों में सचिव अशोक कुमार गिरि, जावेद अकरम, विजय अग्रवाल, धर्मेंद्र कुमार, सुशांत प्रताप सिंह, मूलचंद शर्मा, बाबूराम गिरि, मसरूफ राणा, श्यामवीर सिंह, पवन सैनी, आसिम, हेमंत, पंकज आदि रहे। संवाद
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हापुड़। बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा अधिवक्ता नियमावली में संशोधन से नाराज वकील बुधवार को हड़ताल पर रहे। कचहरी में कोई कामकाज न होने से वादकारी भी परेशान रहे। वहीं अधिवक्ताओं ने संशोधन को वापस न लेने पर संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने अधिवक्ताओं/अधिवक्ता संघों के आचरण और शिष्टाचार के संबंधित नियमों में संशोधन किए हैं। इस विषय पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने एक अधिसूचना भी जारी की है। जिसके विरोध में अधिवक्ता लामबंद हो गए हैं।
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बुधवार को हापुड़ बार एसोसिएशन की एक बैठक हुई जिसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील कुमार अग्रवाल ने कहा कि बार कॉउसिंल ऑफ इंडिया द्वारा भारतीय विधिक परिषद नियमावली के दूसरे अध्याय में संशोधन प्रस्तावित है। यह प्रस्ताव देश के अधिवक्ताओं के मूल अधिकारों के खिलाफ है। केंद्रीय संघर्ष समिति मेरठ के आह्वान पर बुधवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया। सचिव अशोक कुमार गिरी ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा जारी की गई नियमावली में जो संशोधन किया गया है उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इसमें काफी औपचारिकताएं हैं, इस पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया को फिर से विचार करना चाहिए।
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प्रस्ताव का समर्थन करने वालों में सचिव अशोक कुमार गिरि, जावेद अकरम, विजय अग्रवाल, धर्मेंद्र कुमार, सुशांत प्रताप सिंह, मूलचंद शर्मा, बाबूराम गिरि, मसरूफ राणा, श्यामवीर सिंह, पवन सैनी, आसिम, हेमंत, पंकज आदि रहे। संवाद