{"_id":"60411a588ebc3e76a253db23","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd21483730","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा एक्सप्रेसवे - किसानों ने नए सर्किल रेट से मांगा मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा एक्सप्रेसवे - किसानों ने नए सर्किल रेट से मांगा मुआवजा
विज्ञापन
गंगा एक्सप्रेस-वे के मुआवजे को लेकर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने पहुंचे दत्तियाना के ग्रामीण
- फोटो : HAPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगा एक्सप्रेसवे - किसानों ने नए सर्किल रेट से मांगा मुआवजा
हापुड़। गंगा एक्सप्रेसवे के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे भूमि अधिग्रहण से अधिकतर किसान संतुष्ट नजर आ रहे हैं लेकिन गांव दतियाना के ग्रामीण मुआवजा राशि को लेकर नाराज हैं। उनका आरोप है कि उन्हें मुआवजा पुराने सर्किल रेट के हिसाब से दिया जा रहा है जबकि उनकी मांग है कि 2021 के सर्किल रेट की दर से मुआवजा दिलाया जाए। किसानों ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। किसानों ने एक पैकेज-एक रेट के आधार पर मुआवजा दिलाने संबंधी अपनी मांग रखी।
गांव दतियाना के करीब 26 किसानों की 14.992 हेक्टेयर भूमि गंगा एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की जानी है। फिलहाल इन किसानों की भूमि के बैनामे शुरू नहीं हुए हैं। बृहस्पतिवार को एक बार फिर किसान अपनी मांगों को लेकर कलक्ट्रेट पहुंच गए। किसानों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण 2014 के सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है। जबकि उनको 2021 के सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गांव के कई किसानों की अचल संपत्ति भी एक्सप्रेसवे में आ चुकी है। किसानों के खेत के अलावा आम के बाग, ट्यूबवेल एवं मकान भी शामिल हैं, लेकिन यूपीडा की टीम द्वारा वैल्यूवेशन लगाने के बजाए, कृषि भूमि के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है। जो पूरी तरह से अनुचित है। किसानों का कहना है कि दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे समेत अन्य एक्सप्रेसवे में किसानों को एक पैकेज-एक रेट के आधार पर मुआवजा दिया जा रहा है। जबकि गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े किसानों को इस आधार पर मुआवजा नहीं मिल रहा है। किसानों ने इस संबंध में अपनी आपत्ति संबंधित कार्यालय में दर्ज कराई। किसानों ने इसे नियमानुसार निस्तारित करने की मांग उठाई। इस दौरान राजकुमार, सोनू त्यागी, नितिन, परवीन, ललित, दिव्यांश, सतेंद्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
एडीएम जयनाथ यादव का कहना है कि नियमानुसार ही वर्तमान सर्किल रेटों के हिसाब से किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है।
विज्ञापन
हापुड़। गंगा एक्सप्रेसवे के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे भूमि अधिग्रहण से अधिकतर किसान संतुष्ट नजर आ रहे हैं लेकिन गांव दतियाना के ग्रामीण मुआवजा राशि को लेकर नाराज हैं। उनका आरोप है कि उन्हें मुआवजा पुराने सर्किल रेट के हिसाब से दिया जा रहा है जबकि उनकी मांग है कि 2021 के सर्किल रेट की दर से मुआवजा दिलाया जाए। किसानों ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। किसानों ने एक पैकेज-एक रेट के आधार पर मुआवजा दिलाने संबंधी अपनी मांग रखी।
गांव दतियाना के करीब 26 किसानों की 14.992 हेक्टेयर भूमि गंगा एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की जानी है। फिलहाल इन किसानों की भूमि के बैनामे शुरू नहीं हुए हैं। बृहस्पतिवार को एक बार फिर किसान अपनी मांगों को लेकर कलक्ट्रेट पहुंच गए। किसानों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण 2014 के सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है। जबकि उनको 2021 के सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि गांव के कई किसानों की अचल संपत्ति भी एक्सप्रेसवे में आ चुकी है। किसानों के खेत के अलावा आम के बाग, ट्यूबवेल एवं मकान भी शामिल हैं, लेकिन यूपीडा की टीम द्वारा वैल्यूवेशन लगाने के बजाए, कृषि भूमि के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है। जो पूरी तरह से अनुचित है। किसानों का कहना है कि दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे समेत अन्य एक्सप्रेसवे में किसानों को एक पैकेज-एक रेट के आधार पर मुआवजा दिया जा रहा है। जबकि गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े किसानों को इस आधार पर मुआवजा नहीं मिल रहा है। किसानों ने इस संबंध में अपनी आपत्ति संबंधित कार्यालय में दर्ज कराई। किसानों ने इसे नियमानुसार निस्तारित करने की मांग उठाई। इस दौरान राजकुमार, सोनू त्यागी, नितिन, परवीन, ललित, दिव्यांश, सतेंद्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
एडीएम जयनाथ यादव का कहना है कि नियमानुसार ही वर्तमान सर्किल रेटों के हिसाब से किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है।