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एमएसपी नहीं, फसल का मिले लाभकारी मूल्य : केसी त्यागी
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बाबूगढ़ छावनी में किसान परिचर्चा में बोलते पूर्व सांसद केसी त्यागी।
- फोटो : HAPUR
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एमएसपी नहीं, फसल का मिले लाभकारी मूल्य : केसी त्यागी
हापुड़। सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को लाने से पूर्व किसानों से सलाह मशवरा नहीं किया। इसको लेकर ही किसान सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं बल्कि फसलों का लाभकारी मूल्य किसानों को दिलाना होगा। यह बातें रविवार को बाबूगढ़ छावनी के एक फार्म हाउस में जेडीयू (जनता दल यूनाइटेड) के महासचिव केसी त्यागी ने कहीं।
उन्होंने कहा कि अगर किसानों को विश्वास में लिया जाता तो देश में ऐसे हालात नहीं होते। कृषि कानूनों को लाने से पूर्व सरकार को धरातल पर किसानों को सभी फसल, फल, सब्जी व फूलों का एमएसपी दिलाना चाहिए था। जिससे किसानों की वास्तविक रूप में आय दोगुना हो सके। उन्होंने 1971 को आधार वर्ष मानते हुए बताया कि इसी को समता वर्ष माना जाए। इसी के आधार पर किसान उपभोग की वस्तुओं और फसलों का मूल्य निर्धारित किया जाए। कहा कि उस समय एक किलो गेहूं के दाम में एक लीटर डीजल आ जाता था, लेकिन अब एक लीटर डीजल के दाम में करीब चार किलो से ज्यादा गेहूं आएगा। उन्होंने राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय (एनएनएसओ) के आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान में किसान की आमदनी करीब 8761 रुपये हैं। जबकि यह आमदनी घरों में कार्य करने वाले नौकरों की आय से भी कम है। वर्तमान में सबसे बड़ी साजिश ये है कि फसलों का एमएसपी व लागत कैसे निर्धारित की जाए। जिससे सच्चे अर्थों में किसान की आय दोगुनी हो सके और किसान को सही लागत मूल्य भी मिल सके।
वहीं, किसान आंदोलन को लेकर कहा कि कुछ लोग आंदोलन की छवि को धूमिल करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने हापुड़ के किसानों से गाजीपुर आंदोलन में भाग लेने की भी अपील की। कहा कि इस आंदोलन का हल सरकार व किसानों के बीच वार्ता से ही निपट सकेगा। अब किसानों को स्वयं दाम बढ़ाने वाला बनना होगा। उन्होंने चौधरी चरण सिंह के योगदान का जिक्र करते हुए हर चौराहे पर चरण सिंह की मूर्ति लगवाने पर जोर दिया। किसान नेताओं ने सब्सिडी, महंगाई सहित कई मुद्दों को लेकर सरकार पर भी जमकर हमला बोला।
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कार्यक्रम का संचालन मदन सैनी ने किया। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद त्यागी, प्रदेश महासचिव मनोज त्यागी, जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिसोदिया, चौधरी शीषपाल सिंह, चौधरी कृपाल सिंह, नरेंद्र त्यागी अच्छेजा, रालोद पंचायतराज प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष नानक चंद शर्मा, उपेंद्र सोम, राशिद चेयरमैन, हरिराज त्यागी, चौधरी महावीर सिंह, सुशील त्यागी, सुनील त्यागी, मुकुल त्यागी, ठाकुर जयमंगल सिंह, देवेंद्र भगत, रणवीर सिंह, अजयवीर सिंह, हरेंद्र त्यागी, कमल सिंह, भगत सिंह, हिमांशु त्यागी, कृष्ण कुमार, मुकेश सैनी, योगेंद्र सैनी, धर्म सैनी, चौधरी मलूक सिंह आदि रहे।
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हापुड़। सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को लाने से पूर्व किसानों से सलाह मशवरा नहीं किया। इसको लेकर ही किसान सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं बल्कि फसलों का लाभकारी मूल्य किसानों को दिलाना होगा। यह बातें रविवार को बाबूगढ़ छावनी के एक फार्म हाउस में जेडीयू (जनता दल यूनाइटेड) के महासचिव केसी त्यागी ने कहीं।
उन्होंने कहा कि अगर किसानों को विश्वास में लिया जाता तो देश में ऐसे हालात नहीं होते। कृषि कानूनों को लाने से पूर्व सरकार को धरातल पर किसानों को सभी फसल, फल, सब्जी व फूलों का एमएसपी दिलाना चाहिए था। जिससे किसानों की वास्तविक रूप में आय दोगुना हो सके। उन्होंने 1971 को आधार वर्ष मानते हुए बताया कि इसी को समता वर्ष माना जाए। इसी के आधार पर किसान उपभोग की वस्तुओं और फसलों का मूल्य निर्धारित किया जाए। कहा कि उस समय एक किलो गेहूं के दाम में एक लीटर डीजल आ जाता था, लेकिन अब एक लीटर डीजल के दाम में करीब चार किलो से ज्यादा गेहूं आएगा। उन्होंने राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय (एनएनएसओ) के आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान में किसान की आमदनी करीब 8761 रुपये हैं। जबकि यह आमदनी घरों में कार्य करने वाले नौकरों की आय से भी कम है। वर्तमान में सबसे बड़ी साजिश ये है कि फसलों का एमएसपी व लागत कैसे निर्धारित की जाए। जिससे सच्चे अर्थों में किसान की आय दोगुनी हो सके और किसान को सही लागत मूल्य भी मिल सके।
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वहीं, किसान आंदोलन को लेकर कहा कि कुछ लोग आंदोलन की छवि को धूमिल करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने हापुड़ के किसानों से गाजीपुर आंदोलन में भाग लेने की भी अपील की। कहा कि इस आंदोलन का हल सरकार व किसानों के बीच वार्ता से ही निपट सकेगा। अब किसानों को स्वयं दाम बढ़ाने वाला बनना होगा। उन्होंने चौधरी चरण सिंह के योगदान का जिक्र करते हुए हर चौराहे पर चरण सिंह की मूर्ति लगवाने पर जोर दिया। किसान नेताओं ने सब्सिडी, महंगाई सहित कई मुद्दों को लेकर सरकार पर भी जमकर हमला बोला।
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कार्यक्रम का संचालन मदन सैनी ने किया। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद त्यागी, प्रदेश महासचिव मनोज त्यागी, जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिसोदिया, चौधरी शीषपाल सिंह, चौधरी कृपाल सिंह, नरेंद्र त्यागी अच्छेजा, रालोद पंचायतराज प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष नानक चंद शर्मा, उपेंद्र सोम, राशिद चेयरमैन, हरिराज त्यागी, चौधरी महावीर सिंह, सुशील त्यागी, सुनील त्यागी, मुकुल त्यागी, ठाकुर जयमंगल सिंह, देवेंद्र भगत, रणवीर सिंह, अजयवीर सिंह, हरेंद्र त्यागी, कमल सिंह, भगत सिंह, हिमांशु त्यागी, कृष्ण कुमार, मुकेश सैनी, योगेंद्र सैनी, धर्म सैनी, चौधरी मलूक सिंह आदि रहे।