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शुगर मिल ने जिले के 250 किसानों के साथ किया धोखा!
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शुगर मिल ने जिले के 250 किसानों के साथ किया धोखा!
हापुड़। जिले के एक शुगर मिल ने शासन के आदेशों को ताक पर रख करीब 250 किसानों के साथ धोखा कर दिया। किसानों को दी गई चीनी का पैसा पेराई सत्र 2018-19 के बकाया भुगतान से समायोजित कर दिया गया। जबकि यह पैसा वर्तमान सत्र की अंतिम पर्चियों से समायोजित करना था। मामला का संज्ञान लेते हुए डीसीओ ने शुगर मिल के अधिकारियों को फटकार लगाई और नोटिस जारी कर एफआईआर की चेतावनी दी। जिसके बाद किसानों का करीब आठ लाख रुपये उनके खातों में भेज दिया गया।
गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने समस्त जिला गन्ना अधिकारी व मिल प्रबंधकों को आदेश जारी कर बताया कि शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि चीनी मिल प्रबंधन तथा बैंक/वित्तीय संस्थान, जिन्हें चीनी संभार प्लेज है, की सहमति के पश्चात गन्ना किसानों की मांग पर उन्हें बकाया गन्ना मूल्य के एवज में चीनी की बिक्री की जाएगी। इसका पैसा वर्तमान सत्र के अंत में किसान द्वारा डाली पर्चियों से समायोजित किया जाए।
लेकिन जिले के एक शुगर मिल ने शासन के इन आदेशों को ताक पर रख, करीब 250 किसानों को धोखा दिया। किसानों को दी गई चीनी का पैसा मिल प्रबंधन द्वारा पेराई सत्र 2018-19 के बकाया भुगतान से समायोजित कर दिया गया। किसानों ने इस मामले को उठाया तो संबंधित विभाग में भी हड़कंप मच गया।
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आनन फानन में डीसीओ निधि गुप्ता ने मिल प्रबंधन को नोटिस जारी कर, एफआईआर की चेतावनी दी। जिसके बाद मिल प्रबंधन द्वारा करीब 250 किसानों के खाते में आठ लाख रुपये की राशि वापस भेज दी।
जिला गन्ना अधिकारी निधि गुप्ता ने बताया कि मिल द्वारा यह गलती की गई थी। प्रबंधन को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। नियम के अनुसार ही चीनी का पैसा लिया जाएगा।
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हापुड़। जिले के एक शुगर मिल ने शासन के आदेशों को ताक पर रख करीब 250 किसानों के साथ धोखा कर दिया। किसानों को दी गई चीनी का पैसा पेराई सत्र 2018-19 के बकाया भुगतान से समायोजित कर दिया गया। जबकि यह पैसा वर्तमान सत्र की अंतिम पर्चियों से समायोजित करना था। मामला का संज्ञान लेते हुए डीसीओ ने शुगर मिल के अधिकारियों को फटकार लगाई और नोटिस जारी कर एफआईआर की चेतावनी दी। जिसके बाद किसानों का करीब आठ लाख रुपये उनके खातों में भेज दिया गया।
गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने समस्त जिला गन्ना अधिकारी व मिल प्रबंधकों को आदेश जारी कर बताया कि शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि चीनी मिल प्रबंधन तथा बैंक/वित्तीय संस्थान, जिन्हें चीनी संभार प्लेज है, की सहमति के पश्चात गन्ना किसानों की मांग पर उन्हें बकाया गन्ना मूल्य के एवज में चीनी की बिक्री की जाएगी। इसका पैसा वर्तमान सत्र के अंत में किसान द्वारा डाली पर्चियों से समायोजित किया जाए।
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लेकिन जिले के एक शुगर मिल ने शासन के इन आदेशों को ताक पर रख, करीब 250 किसानों को धोखा दिया। किसानों को दी गई चीनी का पैसा मिल प्रबंधन द्वारा पेराई सत्र 2018-19 के बकाया भुगतान से समायोजित कर दिया गया। किसानों ने इस मामले को उठाया तो संबंधित विभाग में भी हड़कंप मच गया।
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आनन फानन में डीसीओ निधि गुप्ता ने मिल प्रबंधन को नोटिस जारी कर, एफआईआर की चेतावनी दी। जिसके बाद मिल प्रबंधन द्वारा करीब 250 किसानों के खाते में आठ लाख रुपये की राशि वापस भेज दी।
जिला गन्ना अधिकारी निधि गुप्ता ने बताया कि मिल द्वारा यह गलती की गई थी। प्रबंधन को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। नियम के अनुसार ही चीनी का पैसा लिया जाएगा।