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हापुड़ की शंकरी गली, उच्च मंजिलों में फिर से शुरू हुआ अवैध कोचिंग का खेल
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हापुड़ की तंग गलियों में चल रहे अवैध कोचिंग सेंटर
हापुड़। जिले की तंग गलियों व ऊंची मंजिलों में अवैध तरीके से चलाए जा रहे कोचिंग सेंटर कभी भी छात्रों की जान पर काल बन सकते हैं। क्योंकि बहुत से सेंटर अवैध हैं, जिनके पास कोई एनओसी भी नहीं है। सूरत कांड के बाद जिले में कुछ सख्ती की गई थी, तब करीब दस कोचिंग सेंटर सील कर दिए गए थे। लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से मानकों को ताक पर रख, संचालकों ने अपनी दुकानें सजा दी हैं।
जिले में बड़े पैमाने पर कोचिंग सेंटर खुले हुए हैं। लेकिन अधिकांश के पास अग्निशमन विभाग समेत कोई एनओसी मौजूद नहीं हैं। जगह के अभाव में संचालकों ने तंग गलियों व ऊंची मंजिलों में कोचिंग सेंटर खोल दिए हैं। सरकारी नौकरी, कंप्यूटर, इंग्लिस लेंग्वेज, बोर्ड परीक्षा की तैयारियों के लिए बड़ी संख्या में छात्र इन कोचिंग सेंटर में पहुंच रहे हैं।
आश्चर्य की बात यह है कि यदि किसी सेंटर में कोई हादसा हो जाए तो छात्रों को जान बचाना भी मुश्किल पड़ जाएगा। क्योंकि सेंटर से बाहर निकलने के लिए छोटे रास्ते हैं, जिनमें एक साथ छात्र कक्षा से बाहर नहीं निकल पाएंगे। बता दें कि बीते दिनों गुजरात के सूरत में स्थित एक कोचिंग सेंटर में अग्निकांड हुआ था, जिसमें कई छात्रों की मौत हो गई थी।
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इस हादसे के बाद जिला प्रशासन और डीआईओएस ने कार्रवाई कर, जिले के करीब दस कोचिंग सेंटरों को बंद कर दिया था। लेकिन डीआईओएस की बदली के साथ ही फिर से जिले में अवैध कोचिंग सेंटरों की बाढ़ आ गई है। दिल्ली में हाल फिलहाल में हुए अग्निकांड के बाद भी अधिकारी नहीं चेत रहे हैं। बता दें कि अनेक सैंटरों पर फायर की एनओसी तक नहीं है। ऐसे में छात्रों की जान से घोर खिलवाड़ किया जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि डीआईओएस कार्यालय में पंजीकृत कोचिंग सेंटरों की संख्या महज करीब 120 है, जबकि जिले में 300 से अधिक कोचिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं।
संकरी गलियों से निकला है मुश्किल
संकरी गलियों में खुले कोचिंग सेंटरों के बाहर छात्रों की बाइक आदि खड़ी रहती हैं। ऐसे में पूरी गली से निकला मुश्किल हो जाता है। यहां रहने वाले लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्वर्ग आश्रम रोड पर इस तरह के दृश्य देखे जा सकते हैं।
छात्रों से वसूल रहे मोटी फीस
बोर्ड परीक्षा नजदीक है, स्कूलों में अवकाश के चलते कोर्स पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में छात्र कोर्स पूरा करने की जद्दोजहद में कोचिंग सेंटरों का सहारा ले रहे हैं। संचालक छात्रों से मोटी फीस वसूल रहे हैं।
अधिकारी कहिन
जिला विद्यालय निरीक्षक निशा अस्थाना का कहना है कि अवैध तरीके से बिना एनओसी चल रहे कोचिंग सेंटर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छात्रों की जान से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।
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हापुड़। जिले की तंग गलियों व ऊंची मंजिलों में अवैध तरीके से चलाए जा रहे कोचिंग सेंटर कभी भी छात्रों की जान पर काल बन सकते हैं। क्योंकि बहुत से सेंटर अवैध हैं, जिनके पास कोई एनओसी भी नहीं है। सूरत कांड के बाद जिले में कुछ सख्ती की गई थी, तब करीब दस कोचिंग सेंटर सील कर दिए गए थे। लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से मानकों को ताक पर रख, संचालकों ने अपनी दुकानें सजा दी हैं।
जिले में बड़े पैमाने पर कोचिंग सेंटर खुले हुए हैं। लेकिन अधिकांश के पास अग्निशमन विभाग समेत कोई एनओसी मौजूद नहीं हैं। जगह के अभाव में संचालकों ने तंग गलियों व ऊंची मंजिलों में कोचिंग सेंटर खोल दिए हैं। सरकारी नौकरी, कंप्यूटर, इंग्लिस लेंग्वेज, बोर्ड परीक्षा की तैयारियों के लिए बड़ी संख्या में छात्र इन कोचिंग सेंटर में पहुंच रहे हैं।
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आश्चर्य की बात यह है कि यदि किसी सेंटर में कोई हादसा हो जाए तो छात्रों को जान बचाना भी मुश्किल पड़ जाएगा। क्योंकि सेंटर से बाहर निकलने के लिए छोटे रास्ते हैं, जिनमें एक साथ छात्र कक्षा से बाहर नहीं निकल पाएंगे। बता दें कि बीते दिनों गुजरात के सूरत में स्थित एक कोचिंग सेंटर में अग्निकांड हुआ था, जिसमें कई छात्रों की मौत हो गई थी।
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इस हादसे के बाद जिला प्रशासन और डीआईओएस ने कार्रवाई कर, जिले के करीब दस कोचिंग सेंटरों को बंद कर दिया था। लेकिन डीआईओएस की बदली के साथ ही फिर से जिले में अवैध कोचिंग सेंटरों की बाढ़ आ गई है। दिल्ली में हाल फिलहाल में हुए अग्निकांड के बाद भी अधिकारी नहीं चेत रहे हैं। बता दें कि अनेक सैंटरों पर फायर की एनओसी तक नहीं है। ऐसे में छात्रों की जान से घोर खिलवाड़ किया जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि डीआईओएस कार्यालय में पंजीकृत कोचिंग सेंटरों की संख्या महज करीब 120 है, जबकि जिले में 300 से अधिक कोचिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं।
संकरी गलियों से निकला है मुश्किल
संकरी गलियों में खुले कोचिंग सेंटरों के बाहर छात्रों की बाइक आदि खड़ी रहती हैं। ऐसे में पूरी गली से निकला मुश्किल हो जाता है। यहां रहने वाले लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्वर्ग आश्रम रोड पर इस तरह के दृश्य देखे जा सकते हैं।
छात्रों से वसूल रहे मोटी फीस
बोर्ड परीक्षा नजदीक है, स्कूलों में अवकाश के चलते कोर्स पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में छात्र कोर्स पूरा करने की जद्दोजहद में कोचिंग सेंटरों का सहारा ले रहे हैं। संचालक छात्रों से मोटी फीस वसूल रहे हैं।
अधिकारी कहिन
जिला विद्यालय निरीक्षक निशा अस्थाना का कहना है कि अवैध तरीके से बिना एनओसी चल रहे कोचिंग सेंटर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छात्रों की जान से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।