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गंगा किनारे 22 गांवों पर बाढ़ का खतरा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jul 2019 11:45 PM IST
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गंगा किनारे 22 गांवों पर बाढ़ का खतरा
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हापुड़। मानसून की शुरूआत के साथ ही जिला प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयारी पूरी कर ली है। पहाड़ों और अब मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बरसात के बाद गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में गंगा किनारे 22 गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इससे निपटने के लिए जिला प्रशासन ने अधिकारियों से बाढ़ से निपटने के लिए अपनी-अपनी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये हैं। प्रभावित गांवों में सभी व्यवस्थाएं पूरी रखने को कहा गया है।
बरसात के दौरान गढ़मुक्तेश्वर में गंगा के आसपास के क्षेत्र में बाढ़ आने की संभावना बनी रहती है। गढ़मुक्तेश्वर तहसील क्षेत्र में ग्राम सैदपुर-झड़ीना से किरावली रहरवा तक का क्षेत्र बाढ़ प्रभावित है। वर्ष 2010 में बाढ़ आने से इस क्षेत्र के 22 गांव प्रभावित हुए थे। सामान्य मानसून में भी इनमें से कई गांवों में बाढ़ का पानी अंदर तक घुस आता है। जिसके कारण यहां का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। ऐसे में जिलाधिकारी अदिति सिंह के निर्देश पर बाढ़ आने की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। बाढ़ आने पर मोटर बोट, नाव, गोताखोर, शरणालय एवं पशु शिविर आदि के लिए स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं। कृषि, बिजली, पुलिस, वन विभाग, जिला पूर्ति, जिला पंचायत, नगर पालिका, तहसील प्रशासन ने अपनी-अपनी कार्ययोजना तैयार कर ली है। बाढ़ की स्थिति में सभी विभागों को तुरंत तैयार रहने के लिए कहा गया है। प्रभावित लोगों को सभी व्यवस्थाओं को तुरंत मुहैया कराने के निर्देश दिये गए हैं।
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ये हैं बाढ़ से प्रभावित गांव --
इनायतपुर उर्फ नया गांव, अब्दुल्लापुर, कोथला, रामपुर न्यायतपुर, आलमगीरपुर, लठीरा, मोहम्मदपुर शाकरपुर, गढ़ खादर गड़ावली, नयाबांस बख्तावरपुर, आलमपुर, एदलपुर, हकीमपुर गांवड़ी, कुतुबपुर, चितौड़ा महीउद्दीनपुर, मोहम्मदपुर रुस्मपुर, बागड़पुर, सालाहाबाद, पलवाड़ा, आमलनगर खादर, नवादा खुर्द खादर, जमालपुर, खानपुर माखनपुर, सैदपुर, मुकीमपुर, झड़ीना।
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बाढ़ के दौरान यहां शरण लेते हैं लोग --
बाढ़ की स्थिति में दस स्थानों को शरणस्थल के रूप में प्रयोग किया जाता है। जिनमें भागीरथी इंटर कालेज ब्रजघाट, पोंगल धर्मशाला ब्रजघाट, राममनोहर लोहिया इंटर कालेज, कश्यप धर्मशाला मीरा रेती, नवीन मंडी, कमलावती विद्या मंदिर, सरस्वती विद्या मंदिर, गुरुद्वारा, मोनी बाबा रोड एवं गोरखटीला शामिल हैं। इन स्थानों पर व्यवस्था पूरी करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा आलमपुर भगवंतपुर गुरुद्वारा, अब्दुलापुर, नक्का कुआं, मीरा रेती, ब्रजघाट में बाढ़ सुरक्षा चौकियां बनायी जा रही हैं।

कोट--
एडीएम जयनाथ यादव का कहना है कि बाढ़ को लेकर सभी तैयारियां पूरी हैं। संबंधित विभागों ने अपनी कार्य योजना तैयार कर ली है। जिला प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
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