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फर्जी हस्ताक्षर से एनओसी की तैयार, बैंककर्मी पकड़ा
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फर्जी हस्ताक्षर से एनओसी की तैयार, बैंककर्मी पकड़ा
गढ़मुक्तेश्वर। प्लॉट पर लोन दिलाने के लिए फर्जी एनओसी तैयार करने वाले आरोपी को तहसील प्रशासन की टीम ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है।
सिंभावली के गांव बक्सर निवासी गफ्फार का प्लॉट गांव में ही है। जिस पर उसे लोन लेना था। गफ्फार ने बताया कि उसकी एक निजी बैंक कर्मी से मुलाकात हुई और अपने प्लॉट पर लोन लेने की बात कही। बैंक कर्मी ने उससे कुछ दस्तावेज मांगे। प्लॉट पर लोन लेने के लिए कुछ दस्तावेज तो उसने तैयार करा लिए, लेकिन कुछ बैंककर्मी से ही बनवाने का अनुरोध किया।
बैंक द्वारा लोन देने से पहले तहसील प्रशासन या लेखपाल द्वारा एनओसी रिपोर्ट मांगी जाती है, जो बैंक कर्मी ने खुद ही तैयार कर ली और उस पर फर्जी मुहर और हस्ताक्षर कर दिए। जब रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय पहुंची तो संदिग्ध लगने पर गफ्फार को बुलाया और पुलिस को सौंप दिया। जिसके बाद गफ्फार के परिजन आरोपी बैंककर्मी के पास पहुंचे और किसी तरह बातों में उलझा कर उसे तहसील मुख्यालय ले आए। जहां पर उसे लेखपालों ने पकड़ लिया। फर्जी एनओसी के बारे में जानकारी की गई तो आरोपी सही से जानकारी नहीं दे सका। जानकारी के अनुसार उक्त रिपोर्ट पर उमेश कुमार लेखपाल के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर लगी है, जबकि पूरे जनपद में उमेश नाम का कोई लेखपाल नहीं है। जिसके बाद लेखपालों ने आरोपी को तहसीलदार के सामने पेश किया और पूछताछ की, जिसके बाद तहसील प्रशासन ने आरोपी को कोतवाली भेज दिया।
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कोतवाली पुलिस का कहना है कि राजस्व टीम समेत पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है, हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ की जा रही है, सच्चाई सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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गढ़मुक्तेश्वर। प्लॉट पर लोन दिलाने के लिए फर्जी एनओसी तैयार करने वाले आरोपी को तहसील प्रशासन की टीम ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है।
सिंभावली के गांव बक्सर निवासी गफ्फार का प्लॉट गांव में ही है। जिस पर उसे लोन लेना था। गफ्फार ने बताया कि उसकी एक निजी बैंक कर्मी से मुलाकात हुई और अपने प्लॉट पर लोन लेने की बात कही। बैंक कर्मी ने उससे कुछ दस्तावेज मांगे। प्लॉट पर लोन लेने के लिए कुछ दस्तावेज तो उसने तैयार करा लिए, लेकिन कुछ बैंककर्मी से ही बनवाने का अनुरोध किया।
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बैंक द्वारा लोन देने से पहले तहसील प्रशासन या लेखपाल द्वारा एनओसी रिपोर्ट मांगी जाती है, जो बैंक कर्मी ने खुद ही तैयार कर ली और उस पर फर्जी मुहर और हस्ताक्षर कर दिए। जब रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय पहुंची तो संदिग्ध लगने पर गफ्फार को बुलाया और पुलिस को सौंप दिया। जिसके बाद गफ्फार के परिजन आरोपी बैंककर्मी के पास पहुंचे और किसी तरह बातों में उलझा कर उसे तहसील मुख्यालय ले आए। जहां पर उसे लेखपालों ने पकड़ लिया। फर्जी एनओसी के बारे में जानकारी की गई तो आरोपी सही से जानकारी नहीं दे सका। जानकारी के अनुसार उक्त रिपोर्ट पर उमेश कुमार लेखपाल के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर लगी है, जबकि पूरे जनपद में उमेश नाम का कोई लेखपाल नहीं है। जिसके बाद लेखपालों ने आरोपी को तहसीलदार के सामने पेश किया और पूछताछ की, जिसके बाद तहसील प्रशासन ने आरोपी को कोतवाली भेज दिया।
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कोतवाली पुलिस का कहना है कि राजस्व टीम समेत पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है, हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ की जा रही है, सच्चाई सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद