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गढ़ में 31 साल से कांग्रेस तलाश रही सियासी जमीन
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गढ़ में 31 साल से कांग्रेस तलाश रही सियासी जमीन
गढ़मुक्तेश्वर। गढ़ विधानसभा सीट पर 31 साल पहले वर्ष 1991 में कांग्रेस से दौताई निवासी डॉ. अख्तर विधायक चुने गए थे। 31 साल बीत चुके हैं विधानसभा चुनाव में लगातार तीन बार वर्ष 2002 तक भाजपा और उसके बाद लगातार तीन बार 2017 तक समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा। वहीं 2017 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का विधायक चुना गया।
चुनावी माहौल शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक गढ़ विधानसभा में किसी भी पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। लेकिन अतीत की बात की जाए तो 1962 में जब गढ़ विधानसभा बनने पर पहली बार चुनाव हुए तो, सबसे पहले विधायक वीर सेन थे जो कांग्रेस पार्टी से थे, जिनके बाद 1974 में मंजूर अहमद, 1980 में कुंवर विरेंद्र सिंह ढाना और डॉ. अख्तर 1991 में कांग्रेस पार्टी से विधायक रहे। लेकिन 1991 के बाद 2022 तक कुल 31 साल बीत गए हैं, कांग्रेस सियासी जमीन तलाश रही है।
कोट-
कांग्रेस का जनाधार बढ़ता जा रहा है। इस बार प्रदेश में पार्टी की सरकार बनेगी। गढ़ सीट पर भी जल्द ही प्रत्याशी की घोषणा हो जाएगी। कार्यकर्ता संगठित हैं, चुनाव में अच्छा परिणाम मिलेगा। वहीं किसान भी कांग्रेस के साथ हैं। - मिथुन त्यागी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
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(संवाद)
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गढ़मुक्तेश्वर। गढ़ विधानसभा सीट पर 31 साल पहले वर्ष 1991 में कांग्रेस से दौताई निवासी डॉ. अख्तर विधायक चुने गए थे। 31 साल बीत चुके हैं विधानसभा चुनाव में लगातार तीन बार वर्ष 2002 तक भाजपा और उसके बाद लगातार तीन बार 2017 तक समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा। वहीं 2017 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का विधायक चुना गया।
चुनावी माहौल शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक गढ़ विधानसभा में किसी भी पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। लेकिन अतीत की बात की जाए तो 1962 में जब गढ़ विधानसभा बनने पर पहली बार चुनाव हुए तो, सबसे पहले विधायक वीर सेन थे जो कांग्रेस पार्टी से थे, जिनके बाद 1974 में मंजूर अहमद, 1980 में कुंवर विरेंद्र सिंह ढाना और डॉ. अख्तर 1991 में कांग्रेस पार्टी से विधायक रहे। लेकिन 1991 के बाद 2022 तक कुल 31 साल बीत गए हैं, कांग्रेस सियासी जमीन तलाश रही है।
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कोट-
कांग्रेस का जनाधार बढ़ता जा रहा है। इस बार प्रदेश में पार्टी की सरकार बनेगी। गढ़ सीट पर भी जल्द ही प्रत्याशी की घोषणा हो जाएगी। कार्यकर्ता संगठित हैं, चुनाव में अच्छा परिणाम मिलेगा। वहीं किसान भी कांग्रेस के साथ हैं। - मिथुन त्यागी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
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