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महिलाओं ने दी काम रोकने की चेतावनी
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सिंभावली के गांव सिखैड़ा में अंडरपास की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करते किसान।
- फोटो : GARH
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महिलाओं ने दी काम रोकने की चेतावनी
गढ़मुक्तेश्वर। गांव सिखैड़ा में हाईवे बाईपास पर अंडरपास की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना 53वें दिन भी जारी रहा। धरने में महिलाओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। जिन्होंने बाईपास का काम रोकने की चेतावनी दी है।
सिंभावली ब्लॉक क्षेत्र के गांव सिखैड़ा के किसान पिछले 53 दिनों से निर्माणाधीन हाईवे बाईपास पर अंडरपास बनाए जाने की मांग को लेकर धरने पर डटे हुए हैं। इसके बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा किसानों की बात पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। सोमवार को भी धरने में महिलाएं काफी संख्या में शामिल हुईं। महिलाओं ने कहा कि किसानों को धरना प्रदर्शन करते हुए दो महीने का समय होने वाला है, लेकिन किसानों की बात सुनने के लिए कोई तैयार नहीं हैं। कहा कि यदि जल्द शासन-प्रशासन उनकी मांग पूरी नहीं करता तो बाईपास निर्माण का कार्य बंद कराने के लिए मजबूर हो जाएंगी। कहा कि बिना अंडरपास बनवाए धरना समाप्त नहीं होगा, इसके लिए वह जेल जाने को भी तैयार हैं। इस दौरान कामिल, वाहिद, मुनाफ, राहत, प्रदीप, महबूब, गफ्फार, राजवीर त्यागी, फुरकान, साजिद, संजीव, बोबी पाल, हाजी फारूख, सचिन त्यागी, सुनव्वर, भगवती, गुड्डी, महेंद्री, शीला, पूनम, ज्योति, मोना, राजवती, नेहा समेत अन्य किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। संवाद
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गढ़मुक्तेश्वर। गांव सिखैड़ा में हाईवे बाईपास पर अंडरपास की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना 53वें दिन भी जारी रहा। धरने में महिलाओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। जिन्होंने बाईपास का काम रोकने की चेतावनी दी है।
सिंभावली ब्लॉक क्षेत्र के गांव सिखैड़ा के किसान पिछले 53 दिनों से निर्माणाधीन हाईवे बाईपास पर अंडरपास बनाए जाने की मांग को लेकर धरने पर डटे हुए हैं। इसके बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा किसानों की बात पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। सोमवार को भी धरने में महिलाएं काफी संख्या में शामिल हुईं। महिलाओं ने कहा कि किसानों को धरना प्रदर्शन करते हुए दो महीने का समय होने वाला है, लेकिन किसानों की बात सुनने के लिए कोई तैयार नहीं हैं। कहा कि यदि जल्द शासन-प्रशासन उनकी मांग पूरी नहीं करता तो बाईपास निर्माण का कार्य बंद कराने के लिए मजबूर हो जाएंगी। कहा कि बिना अंडरपास बनवाए धरना समाप्त नहीं होगा, इसके लिए वह जेल जाने को भी तैयार हैं। इस दौरान कामिल, वाहिद, मुनाफ, राहत, प्रदीप, महबूब, गफ्फार, राजवीर त्यागी, फुरकान, साजिद, संजीव, बोबी पाल, हाजी फारूख, सचिन त्यागी, सुनव्वर, भगवती, गुड्डी, महेंद्री, शीला, पूनम, ज्योति, मोना, राजवती, नेहा समेत अन्य किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। संवाद
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