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एंटी करप्शन टीम को धता साबित करने वाला ठेकेदार पकड़ से दूर
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दो सप्ताह बीते, ठेकेदार को नहीं पकड़ सकी एंटी करप्शन की टीम
गढ़मुक्तेश्वर। ट्रैपिंग ऑपरेशन के दौरान एंटी करप्शन टीम को धता साबित कर रिश्वत की चार लाख की रकम वाला थैला लेकर भागने वाला ठेकेदार दो सप्ताह बाद भी पकड़ में नहीं आ पाया।
गढ़ पालिका कार्यालय में मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने 28 जून की दोपहर बाद ट्रैपिंग ऑपरेशन किया था, लेकिन एंटी करप्शन टीम की सतर्कता और घेराबंदी को ठेकेदार भूपेंद्र सिंह निवासी बहजोई संभल ने पूरी तरह धता साबित कर दिया था। जिसके खिलाफ एंटी करप्शन टीम इंचार्ज केपी सिंह ने रिश्वत के तौर पर दी गई चार लाख की रकम वाला थैला लेकर ईओ अमिता वरुण के आवास की छत कूदकर फरार होने की रिपोर्ट दर्ज कराई हुई है। एंटी करप्शन टीम समेत गढ़ की पुलिस भूपेंद्र की तलाश में तभी से लगातार दबिश देती आ रही है, लेकिन दो सप्ताह बीतने के बाद भी आरोपी ठेकेदार का कोई सुराग नहीं लग पाया है। जिससे चार लाख की रकम की बरामदगी भी नहीं हो पा रही है। चार लाख की रकम बरामद न हो पाने से शिकायत कर्ता पालिका ठेकेदार गौरव मिश्रा काफी आहत है। ईओ की धरपकड़ को बुना गया उसका जाल कामयाब नहीं हो पाया और उल्टे अपनी ही चार लाख की रकम भी वापिस नहीं मिल पा रही है।
सीओ अशोक शुक्ल का कहना है कि ट्रैपिंग ऑपरेशन के दौरान पालिका कार्यालय में बने ईओ के आवास से चार लाख की रकम वाले थैले समेत छत कूदकर फरार हुए ठेकेदार भूपेंद्र सिंह की तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है, जिसे बहुत जल्द रकम समेत गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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गढ़मुक्तेश्वर। ट्रैपिंग ऑपरेशन के दौरान एंटी करप्शन टीम को धता साबित कर रिश्वत की चार लाख की रकम वाला थैला लेकर भागने वाला ठेकेदार दो सप्ताह बाद भी पकड़ में नहीं आ पाया।
गढ़ पालिका कार्यालय में मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने 28 जून की दोपहर बाद ट्रैपिंग ऑपरेशन किया था, लेकिन एंटी करप्शन टीम की सतर्कता और घेराबंदी को ठेकेदार भूपेंद्र सिंह निवासी बहजोई संभल ने पूरी तरह धता साबित कर दिया था। जिसके खिलाफ एंटी करप्शन टीम इंचार्ज केपी सिंह ने रिश्वत के तौर पर दी गई चार लाख की रकम वाला थैला लेकर ईओ अमिता वरुण के आवास की छत कूदकर फरार होने की रिपोर्ट दर्ज कराई हुई है। एंटी करप्शन टीम समेत गढ़ की पुलिस भूपेंद्र की तलाश में तभी से लगातार दबिश देती आ रही है, लेकिन दो सप्ताह बीतने के बाद भी आरोपी ठेकेदार का कोई सुराग नहीं लग पाया है। जिससे चार लाख की रकम की बरामदगी भी नहीं हो पा रही है। चार लाख की रकम बरामद न हो पाने से शिकायत कर्ता पालिका ठेकेदार गौरव मिश्रा काफी आहत है। ईओ की धरपकड़ को बुना गया उसका जाल कामयाब नहीं हो पाया और उल्टे अपनी ही चार लाख की रकम भी वापिस नहीं मिल पा रही है।
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सीओ अशोक शुक्ल का कहना है कि ट्रैपिंग ऑपरेशन के दौरान पालिका कार्यालय में बने ईओ के आवास से चार लाख की रकम वाले थैले समेत छत कूदकर फरार हुए ठेकेदार भूपेंद्र सिंह की तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है, जिसे बहुत जल्द रकम समेत गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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