{"_id":"5873aca84f1c1b1729ba8d25","slug":"giving-hajri-bjp-candidate","type":"story","status":"publish","title_hn":"सियासी आकाओं के दरबार में हाजरी दे रहे भाजपा के दावेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सियासी आकाओं के दरबार में हाजरी दे रहे भाजपा के दावेदार
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Mon, 09 Jan 2017 09:01 PM IST
विज्ञापन
हाजरी दे रहे भाजपा के दावेदार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गढ़ विधानसभा क्षेत्र से बाहरी दिग्गज पर दांव खेलने की चर्चा से भाजपा के स्थानीय दावेदारों की धड़कनें बढ़ गई हैं। इसके चलते स्थानीय दावेदार में क्षेत्र में जनसंपर्क करने की बजाय टिकट पाने की चाह में अपने सियासी आकाओं के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं।
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और संघ परिवार पूरी तरह गंभीर है, विपक्षी पार्टियों के प्रत्याशी घोषित होने के बाद भी भाजपा हाईकमान अभी एक सप्ताह बाद सूची जारी करने का दावा कर रहा है।
विज्ञापन
केंद्र में मजबूती के लिए भाजपा हाईकमान यूपी की सत्ता को कब्जाने के लिए कोई भी कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। इसके चलते क्षेत्र से किसी बाहरी दिग्गज को भी चुनावी मैदान में उतारने की चर्चा जोरों पर है,
विज्ञापन
जिससे सालों से दावेदारी जताते रहे दो दर्जन प्रत्याशियों में बेचैनी बढ़ रही है। अधिकांश प्रत्याशी क्षेत्र में जनसंपर्क करने की बजाय दिल्ली और लखनऊ में डेरा डालकर अपने सियासी आकाओं के दरबार में हाजरी लगा रहे हैं।
वहीं, जिला अध्यक्ष अशोक पाल ने बताया कि इस बार प्रदेश में भाजपा सत्ता में आएगी। इसके लिए पार्टी जिताऊ और टिकाऊ नेताओं को तरजीह देगी।
सपा से गठबंधन नहीं होने पर रालोद वेस्ट यूपी की सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी। रालेद के प्रदेश सचिव प्रो. अब्बास अली ने बताया कि रालोद और सपा के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही रही है।
किसी स्थिति में गठबंधन नहीं होने पर पार्टी वैस्ट यूपी से जुड़ी सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। उन्होंने बताया कि दौताई गांव निवासी मुजम्मिल हयात का नाम गढ़ सीट के दावेदारों में शामिल है।
चुनावी बिगुल बजने के बाद भी सपा कुनबे में मचा घमासान नहीं थम रहा है, जिसके चलते सपाइयों में असमंजस की स्थिति है। आम वोटर तो दूर दिग्गज कार्यकर्ता भी भ्रम की स्थिति से नहीं उबर पा रहे हैं।
हालांकि, सपा की आपसी लड़ाई से भाजपा और बसपा कार्यकर्ता गदगद नजर आ रहे हैं। वहीं, पूर्व शहर अध्यक्ष गफ्फार खां ने बताया कि सपा में कोई भी फूट नहीं है, इसलिए विपक्षी पार्टी खुशी मनाने की भूल न करें।