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पांच दिन से कैश नहीं मिलने पर टूटा धैर्य, हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Tue, 29 Nov 2016 08:25 PM IST
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कैश न मिलने के कारण हो रही परेशानी
- फोटो : अमर उजाला
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कनिया कल्याणपुर गांव स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में पांच दिन से कैश नहंी मिलने पर ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। लोगों ने नारेबाजी कर खूब हंगामा किया। उधर, बैंक मैनेजर का कहना है कि करेंसी चेस्ट से पैसा नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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उधर, गढ़ में घंटों लाइन में खड़े होने के बाद भी कैश नहीं मिलने पर गुस्साए लोगों ने मंगलवार को जमकर हंगामा किया। कनिया कल्याणपुर गांव स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में पांच दिन से कैश नहीं मिल रहा है।
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ग्रामीण अल सुबह बैंक के बाहर कतार में लग जाते है लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद उन्हें नकदी नहीं मिलती। इससे तंग होकर मंगलवार को लोगों ने हंगामा कर दिया। ग्रामीण सेठी गुर्जर ने बताया कि बुजुर्ग और बीमार लोग भी इस भीड़ में शामिल हैं
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जो काफी इंतजार के बाद लौट जाते हैं। इस स्थिति से ग्रामीणों को बेहद परेशानी हो रही है। इस संबंध में मैनेजर सुग्रीव कुमार ने बताया कि करेंसी चेस्ट से शाखा को कैश नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण यह हालात हैं।
कैश आने के बाद ग्रामीणों को वितरित कर दिया जाएगा। हंगामा करने वालों में विजय प्रधान, अनेश, धीरज, रोनित, सुरेंद्र त्यागी, नरेंद्र शर्मा, रोहित, पिंटू, अजय, बांगेराम, महेश, अखिलेश, अमित, सुमित, धमेंद्र, हरेंद्र, महिपाल सतबीर, सुंदर शामिल थे।
उधर, सिंभावली क्षेत्र में भोवापुर मस्ताननगर की पीएनबी शाखा पर पैसा निकालने के सैकड़ों महिलाओं समेत हजारों लोग लाइन में खड़े थे। सुबह करीब 11 बजे जैसे ही कैश खत्म होने का नोटिस बैंक प्रबंधन ने चस्पा किया। लोगों का पारा चढ़ गया।
गुस्साए लोगों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर हंगामा करने लगे। बैंक मैनेजर की सूचना पर पहुचे एसओ विजय बहादुर सिंह ने कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को शांत कराया।
वहीं गढ़, ब्रजघाट, भैना, बहादुरगढ़, सिंभावली, झड़ीना, दौताई, अठसैनी की बैंक शाखाओं में भी कतार में खड़ी महिलाओं को बैरंग लौटना पड़ा।
कैश के लिए बैंक के बाहर मंगलवार को कतार में खड़ा बीमार युवक गश खाकर गिर गया। आसपास के लोगों ने उसे चिकित्सक के पास पहुंचाया, जहां उसकी हालत स्थित बताई जा रही है। गढ़ में टिन की प्याऊ के पास स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा के बाहर लोग तड़के चार बजे से ही लाइन लगाकर खड़े हो गए थे।
दोपहर तीन बजे से पहले ही कैश खत्म हो गया। दवा कराने के लिए कई घंटों से कतार में खड़ा बीमार युवक अजय, निवासी मोहल्ला उपाध्याय नगर गश खाकर गिर गया। उसे आनन-फानन में स्थानीय चिकित्सक के पास ले जाया गया।
कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष डॉ.फराहीम ने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले को तुगलकी फरमान करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी के बाद से हर कोई परेशान है।
गरीब-मजदूर और किसानों समेत सभी वर्गों के लोग कामकाज छोड़कर बैंक के बाहर लाइन में खड़े होने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों में चल रही कैश किल्लत को अविलंब दूर नहीं कराया गया तो इसके विरोध में कांग्रेसी बैंकों के बाहर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
दो हजार रुपये का नोट लोगों की जेब की शोभा बढ़ा रहा है। नया नोट न होने के कारण न तो लोग इसे बाजार में चलाने को तैयार हैं और अगर चलाना भी चाहे तो व्यापारी खुला देने से कतरा रहे हैं।
नोटबंदी के 21 दिन बाद भी बैंकों व एटीएम के बाहर ग्राहकों की लाइन कम नहीं हो रही। बैंकों से अधिकतर ग्राहक दो हजार रुपये का नोट निकालकर ले गए हैं। लेकिन यह नोट अब तक बाजार में दिखायी नहीं दे रहा। दो हजार रुपये का नोट बस लोगों की जेबों की शोभा बढ़ा रहा है।
जावेद खान का कहना है कि उन्हें दो दिन लाइन में लगने के बाद बैंक से दो हजार रुपये का नोट मिलने पर बड़ी खुशी मिली। नोट को जेब में रखकर अब उन्हें गर्व महसूस होता है। किसी को यह नोट दिखाओ तो सुखद अनुभव होता है।
हरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक से दो हजार रुपये मिलने के बाद वह बाजार में सामान खरीदने गए, लेकिन खुले पैसे न मिलने का कारण वह नोट को खर्च नहीं कर पाए।
कैश के लिए परेशान ग्राहकों की कतार मंगलवार को भी कम नहंी हुई। आलम यह रहा कि कई बैंकों में कुछ ही देर में कैश खत्म हो गया। जिससे ग्राहकों को खाली हाथ लौटना पड़ा। उधर, पिलखुवा में पूरे दिन दिनभर ग्राहकों की भीड़ रही।
व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैंकों पर पुलिसबल तैनात रहा। नोटबंदी के 20 दिन बाद भी बैंकों में कैश की किल्लत बरकरार है। ग्राहकों की कतार बैंकों से हटने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार दोपहर तक ही शहरभर के बैंकों में पैसा खत्म हो गया था।
ऐसे में घंटों से लाइन में लगे ग्राहकों को वापस लौटना पड़ा था। मंगलवार को दिन निकलते ही ग्राहकों की भीड़ बैंकों पर उमड़ पड़ी। कुछ ही देर में कई बैंकों पर कैश खत्म होने का नोटिस चस्पा कर दिया गया।
उधर, अधिकांश एटीएम का शटर डाउन रहा। ऐसे में ग्राहकों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक एपी चतुर्वेदी का कहना है कि बैंकों में पर्याप्त कैश पहुंचाया जा रहा है। लेकिन ग्राहकों की भीड़ के चलते परेशानी हो रही है।
जल्द ही इस समस्या से राहत मिल जाएगी। उधर, पिलखुवा के कोतवाल अजय अग्रवाल ने बताया कि क्षेत्र के बैंकों की चेकिंग करने के निर्देश चौकी इंचार्ज को दिए गए हैं। पीसीआर बैंकों के पास लगाई गई है।