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...आखिरकार स्वास्थ्य विभाग ने माना, पांव पसार रहा चिकनगुनिया

Tue, 13 Sep 2016 08:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़ Updated Tue, 13 Sep 2016 08:13 PM IST
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 Finally admitted the Health Department, spreading chikungunya.
mosquito - फोटो : Getty Images

जिले में चिकनगुनिया और डेंगू की बीमारी को नजरअंदाज कर रहे स्वास्थ्य विभाग की आंख मेरठ मेडिकल लैब की जांच रिपोर्ट ने खोल दी हैं। हापुड़ के तीन संदिग्ध मरीजों का सैंपल मेरठ मेडिकल भेजा गया था, जिसमें दो मरीजों में चिकनगुनिया पॉजिटिव की रिपोर्ट मिली है जबकि एक मरीज में डेंगू की पुष्टि हुई है।

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दरअसल, दो दिनों से निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे न्यू शिवपुरी निवासी अभिषेक, लखुलाड़ा निवासी विधि, मोड़ी निवासी उमेर आलम में चिकित्सकों ने डेंगू और चिकनगुनिया की पुष्टि की थी। स्वास्थ्य विभाग ने इस रिपोर्ट को बेकार बताकर मरीजों के सैंपल जांच के लिए मेरठ मेडिकल भेजे थे।
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मंगलवार को मेरठ मेडिकल लैब से रिपोर्ट स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई। इसमें दो मरीज (अभिषेक व विधि) में चिकनगुनिया पॉजिटिव मिला है। इसके चलते स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। वहीं, उमेर आलम में डेंगू पॉजिटिव आया है।
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बता दें कि अब सरकारी रिकॉर्ड में डेंगू के दो मरीज व चिकनगुनिया के दो मरीज दर्ज कर लिए गए हैं। बीते वर्ष जिले में 300 मरीजों में डेंगू की पुष्टि सरकारी लैब ने की थी।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह का कहना है कि मेरठ मेडिकल लैब की रिपोर्ट में हापुड़ के दो मरीजों में चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है। एक मरीज में डेंगू पॉजिटिव पाया गया है। चिकित्सकों को सावधानी बरतने और बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही स्पेशल वार्ड बनवा दिए जायेंगे।

सरकारी अस्पतालों की अव्यवस्थाओं से मरीजों का हाल बेहाल है। लापरवाही का आलम यह है कि अभी तक भी अस्पतालों में डेंगू, चिकन गुनिया के मरीजों के लिए स्पेशल वार्ड बनकर तैयार नहीं हुए हैं।


जिले में बुखार का प्रकोप इस कदर फैला हुआ है कि घर-घर में चिकनगुनिया - डेंगू के मरीजों की भरमार है।  मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है। बुखार के सभी मरीजों को एक ही वार्ड में भर्ती करा जा रहा है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को खतरा बना हुआ है।

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