{"_id":"67702cb494de29e5390a7337","slug":"farmer-protest-on-ganga-expressway-hapur-news-c-306-1-gha1001-111698-2024-12-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: मिट्टी खनन के विरोध में गंगा एक्सप्रेसवे पर ग्रामीणों का धरना जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: मिट्टी खनन के विरोध में गंगा एक्सप्रेसवे पर ग्रामीणों का धरना जारी
Sat, 28 Dec 2024 10:22 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sat, 28 Dec 2024 10:22 PM IST
विज्ञापन
सिंभावली। गांव पीरनगर और राजपुर मंंढ़ैया के ग्रामीणों का गंगा एक्सप्रेसवे पर गलत ढंग से मिट्टी उठाने के विरोध में चल रहा धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने शनिवार को विधायक को मामले में हस्तक्षेप करने के लिए ज्ञापन सौंपा है।
भाकियू भानु के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दीपक पधान ने विधायक हरेंद्र सिंह तेवतिया को ज्ञापन देते हुए कहा कि ग्रामीणों का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। गांव के खसरा संख्या 608क और 609 ड में स्थित तालाब की मेडबंदी कराई जानी चाहिए। तालाब के चारों तरफ आवागमन के लिए 16 फुट चौड़ा रास्ता छोड़े जाने की भी मांग की गई। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत पीरनगर की जितनी जमीन हाईवे में अधिग्रहीत हुई है, उसके बदले में दी गई भूमि को कब्जामुक्त कराकर किसानों को सौंपा जाए। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में बरसात के बावजूद वह अपने हक के लिए खुले आसमान के नीचे आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं, जन प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को उनकी सुध लेनी चाहिए। इस दौरान पिंटू प्रधान, ब्रह्म चंद शर्मा, हरीराम शर्मा, अरुण प्रधान, आदेश प्रधान, सुंदर पाल, महेश, वीरसिंह, देवकरण, संत सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
भाकियू भानु के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दीपक पधान ने विधायक हरेंद्र सिंह तेवतिया को ज्ञापन देते हुए कहा कि ग्रामीणों का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। गांव के खसरा संख्या 608क और 609 ड में स्थित तालाब की मेडबंदी कराई जानी चाहिए। तालाब के चारों तरफ आवागमन के लिए 16 फुट चौड़ा रास्ता छोड़े जाने की भी मांग की गई। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत पीरनगर की जितनी जमीन हाईवे में अधिग्रहीत हुई है, उसके बदले में दी गई भूमि को कब्जामुक्त कराकर किसानों को सौंपा जाए। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में बरसात के बावजूद वह अपने हक के लिए खुले आसमान के नीचे आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं, जन प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को उनकी सुध लेनी चाहिए। इस दौरान पिंटू प्रधान, ब्रह्म चंद शर्मा, हरीराम शर्मा, अरुण प्रधान, आदेश प्रधान, सुंदर पाल, महेश, वीरसिंह, देवकरण, संत सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन