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महज डेढ़ घंटे में सिमट गया किसान दिवस
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Wed, 17 May 2017 10:03 PM IST
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किसान
- फोटो : Amar Ujala
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किसानों की सहूलियत के लिए लगाया जाने वाला किसान दिवस अब औपचारिकता में सिमटने लगा है। बुधवार को डेढ़ घंटे के अंदर ही तमाम औपचारिकता पूरी कर किसान दिवस को समाप्त कर दिया गया।
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अफसरों ने न तो उक्त दिवस के लिए किसानों को आमंत्रित किया और न ही जागरूकता के लिए कोई प्रचार-प्रसार किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों की समस्या को लेकर काफी गंभीर हैं, लेकिन कृषि विभाग के अधिकारी उनकी मंशा को विफल करने में जुटे हैं।
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प्रत्येक महीने के तीसरे बुधवार को किसान दिवस आयोजित किया जाता है। इसमें यदि डीएम, सीडीओ उपस्थित रहें तो दोपहर दो बजे तक किसानों की समस्याएं सुन ली जाती हैं। उनकी अनुपस्थिति में कृषि अधिकारी कुछ ही देर में दिवस को समाप्त कर देते हैं।
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बुधवार को नगर पालिका सभागार में लगे किसान दिवस में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। दोपहर 11 बजे किसान दिवस शुरू किया गया, लेकिन किसानों की उपस्थिति काफी कम थी,
क्योंकि उन्हें सूचना न हीं दी गई थी। चुनिंदा किसान ही अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत रख रहे थे। सभागार में संख्या बढ़ाने के लिए किसानों के स्थान पर कृषि विभाग के कर्मचारी ही बैठे थे।
दोपहर 12.30 बजे अचानक किसान दिवस में मौजूद उप कृषि निदेशक एएन मिश्र, डीओ शिवकुमार, बीएसए राजितराम वर्मा अपने कार्यालय लौट गए। ऐसे में देर से पता चलने वाले किसान जब अपनी शिकायत लेकर नगर पालिका सभागार में पहुंचे तो वहां खाली कुर्सियां देख वह बैरंग लौट गए।
उप कृषि निदेशक एएन मिश्र का कहना है कि जब तक शिकायतें आती हैं, तभी तक किसान दिवस आयोजित कराया जाता है। शिकायत नहीं आने के कारण 12.30 बजे किसान दिवस समाप्त कर दिया गया था।
नगर पालिका सभागार में चुनाव के चलते बीएलओ का कार्य किया जाता है, इसलिए सभागार को खाली कर दिया गया था।