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ट्रैक के बीच धंसी जमीन, बाल-बाल बची शहीद एक्सप्रेस
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Sun, 17 Jul 2016 09:14 PM IST
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ट्रैक के बीच धंसी जमीन
- फोटो : अमर उजाला
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झमाझम बारिश होने से ब्रजघाट स्टेशन पर ट्रैक के बीच जमीन धंस गई। गनीमत रही की दिल्ली जा रही शहीद एक्सप्रेस को कीमैन की सूचना पर गंगा पुल पर ही रोक लिया गया नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता।
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इस सूचना मिलते ही रेलवे प्रबंधन में हड़कंप मच गया। हापुड़ और मुरादाबाद से आला अफसर मौके पर पहुंच गए। भारी बारिश के चलते ब्रजघाट रेलवे स्टेशन पर दोनों ट्रैकों के बीच वाले गैप में करीब 10 फुट लंबाई में जमीन धंस गई।
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ट्रैक की जांच के दौरान जब कीमैन निजामुद्दीन निवासी कांकाठेर की नजर पड़ी तो उसके होश उड़ गए। निजामुद्दीन ने आनन-फानन में स्टेशन मास्टर समेत मुरादाबाद मंडल मुख्यालय को सूचना दी। इसी बीच मुरादाबाद की तरफ से दिल्ली को जा रही शहीद एक्सप्रेस को आनन-फानन में गंगा पुल पर रोकना पड़ा।
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हापुड़ के रेलवे अफसर हर स्वरूप, एसएससी अमरोहा जितेंद्र कुमार, जेई गजरौला पुष्कर कुमार और गढ़ स्टेशन अधीक्षक आरपी मीणा समेत कई अफसर मौके पर पहुंच गए। रेलवे के मजदूरों की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सवा घंटे में मरम्मत कार्य पूरा किया तो सुबह 11.15 बजे शहीद एक्सप्रेस अपने गंतव्य की ओर रवाना हो पाई।
स्टेशन अधीक्षक आरपी मीणा का कहना है कि कीमैन की सूचना पर दिल्ली जा रही शहीद एक्सप्रेस को ब्रजघाट गंगा पुल पर रुकवा दिया गया था। धंसी जमीन को दुरुस्त करने के बाद ट्रेन को करीब एक घंटा बाद रवाना किया गया।
कीमैन की तत्परता से अनहोनी टल गई। थोड़ी सी चूक से बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, उफनती गंगा पुल पर ट्रेन रोके जाने से हजारों यात्रियों के होश उड़ गए। बता दें कि पार्किंग स्टैंड की ओर हो रही पानी निकासी बंद होने से बारिश का पानी ब्रजघाट स्टेशन पर दोनों ट्रैकों के बीच भरता रहा था,
जिससे करीब दस फुट लंबाई में जमीन नीचे धंस गई। गनीमत रही कि ट्रैक की जांच के दौरान कीमैन निजामुद्दीन निवासी कांकाठेर की नजर धंसी जमीन पर पड़ गई।
बता दें कि दिल्ली से फैजाबाद जा रही पदमावत एक्सप्रेस ट्रेन एक मई की रात को ब्रजघाट गंगा पुल से कुछ ही दूरी पर कंपिलंग टूटने से हादसे का शिकार हो गई थी। एक दर्जन बोगियां रेलवे ट्रैक को बुरी तरह खुर्दबुर्द करते हुए साइड वाले ट्रैक के सहारे पलट गई थी।
हालांकि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली थी। हादसे में दिल्ली विधानसभा के स्पीकर रामनिवास गुप्ता और महिला-बच्चों समेत दो सौ से भी अधिक यात्री जख्मी हो गए थे। इस रूट पर ट्रेनों का आवागमन 24 घंटे तक बंद रहा था।