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अब ट्रेजरी या बैंक जाकर नहीं देना होगा जिंदा होने का सबूत
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Fri, 02 Dec 2016 08:54 PM IST
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- फोटो : Demo Pic
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अब पेंशनर्स को ट्रेजरी या बैंक पहुंचकर अपने जिंदा होने का सबूत नहीं देना होगा। सरकार द्वारा लागू नए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सिस्टम से वृद्ध ऑनलाइन अपने थंब इंप्रेशन भेज सकेंगे। इस माह की पांच तारीख से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
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सेवा निवृत्त होने के बाद सरकार द्वारा संबंधित पेंशनर्स के खाते में पेंशन भेजी जाती है। इसके लिए साल में एक बार नवंबर माह में इन पेंशनर्स को बैंक या ट्रेजरी कार्यालय पहुंचकर अपने जिंदा रहने का सबूत देना होता था।
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ऐसे में बीमारी व कमजोरी की हालत में बुजुर्गों को बैंक या कार्यालय पहुंचकर फार्म आदि भरने में काफी दिक्कतें झेलनी पड़ती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इसी माह की पांच तारीख से सरकार द्वारा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट व्यवस्था लागू की जा रही है।
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इसके तहत सीनियर सिटीजन अपने घर से ही ऑनलाइन थंब स्कैनर के माध्यम से अपने जिंदा रहने का सबूत दे सकेंगे। इसके लिए प्रदेश भर के मुख्य कोषाधिकारियों को एक दिसंबर को प्रशिक्षण दिया गया है।
मुख्य कोषाधिकारी प्रत्युष कुमार ने बताया कि डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के तहत पेंशनर्स को एक बार ट्रेजरी कार्यालय या बैंक पहुंचकर अपने अंगूठे का निशान कंप्यूटर में फीड कराना होगा। इसके बाद वह कहीं से भी ट्रेजरी की साइट पर अपने थंब स्कैन कर अपलोड कर सकते हैं।